{"_id":"661c4360318ce6008a064526","slug":"vocational-courses-will-start-in-12-government-senior-secondary-schools-rewari-news-c-198-1-fth1001-203238-2024-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: 12 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में शुरू होंगे वोकेशनल कोर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: 12 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में शुरू होंगे वोकेशनल कोर्स
Mon, 15 Apr 2024 02:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 15 Apr 2024 02:28 AM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय। संवाद
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के 12 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे। इससे पहले जिले के 42 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स पहले ही चल रहे हैं। ऐसे में अब वोकेशनल कोर्स 54 स्कूलों में संचालित होंगे।
नए 12 स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल पठानी, करनावास, बधराना, जाडरा, जाटूसाना, मूंदी, माजरा श्योराज, नांगल जमालपुर, खरखड़ा, मायण, कोसली ब्वायज व राजगढ़ विद्यालय का नाम शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले के सभी विद्यालयों को धीरे-धीरे वोकेशनल कोर्स से जोड़ा जाएगा। इसके पीछे विभाग का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के कौशल का विकास करना है। ताकि भविष्य में रोजगार पाने में किसी प्रकार की कोई परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
इंसेट
वोकेशनस कोर्स में मिलती है यह ट्रेनिंग
जिन स्कूलों में वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं इनमें कोडिंग, डाटा साइंस, आइटी, हेल्थ केयर, कृषि, ब्यूटी एंड वेलनेस, मास्क मेकिंग, ग्राफिक बुक, फिजिकल एजुकेशन, रिटेल, बैंकिंग, आटो, सिक्योरिटी व घरेलू कलाओं की पढ़ाई कराई जा रही है। इस योजना के तहत जिले में करीब सात हजार विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स की मौजूदा समय में पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल ज्ञान देना भी जरूरी
जिले में समय-समय पर समग्र शिक्षा कार्यालय की तरफ से रोजगार मेले का आयोजन भी किया जाता है। इसमें वोकेशनल कोर्स की शिक्षा प्राप्त कर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को इस रोजगार मेले की मदद से संस्थानों में रोजगार दिलाया जाता है। साथ ही वोकेशनल कोर्स समाप्त करने के बाद विद्यार्थी खुद का रोजगार शुरू करने के भी काबिल हो जाता है। इसके लिए विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को वोकेशनल कोर्स के साथ-साथ इन सभी का प्रैक्टिकल कराने के साथ ही विद्यार्थियों को समय-समय पर विभिन्न संस्थानों का भ्रमण भी कराया जाता है।
वर्जन:
जिले के 42 विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स पहले से ही चलाए जा रहे हैं। अब 12 और विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है।- सुंदर सिंह, सहायक परियोजना संयोजक रेवाड़ी।
विज्ञापन
नए 12 स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल पठानी, करनावास, बधराना, जाडरा, जाटूसाना, मूंदी, माजरा श्योराज, नांगल जमालपुर, खरखड़ा, मायण, कोसली ब्वायज व राजगढ़ विद्यालय का नाम शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले के सभी विद्यालयों को धीरे-धीरे वोकेशनल कोर्स से जोड़ा जाएगा। इसके पीछे विभाग का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के कौशल का विकास करना है। ताकि भविष्य में रोजगार पाने में किसी प्रकार की कोई परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
विज्ञापन
इंसेट
वोकेशनस कोर्स में मिलती है यह ट्रेनिंग
जिन स्कूलों में वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं इनमें कोडिंग, डाटा साइंस, आइटी, हेल्थ केयर, कृषि, ब्यूटी एंड वेलनेस, मास्क मेकिंग, ग्राफिक बुक, फिजिकल एजुकेशन, रिटेल, बैंकिंग, आटो, सिक्योरिटी व घरेलू कलाओं की पढ़ाई कराई जा रही है। इस योजना के तहत जिले में करीब सात हजार विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स की मौजूदा समय में पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल ज्ञान देना भी जरूरी
जिले में समय-समय पर समग्र शिक्षा कार्यालय की तरफ से रोजगार मेले का आयोजन भी किया जाता है। इसमें वोकेशनल कोर्स की शिक्षा प्राप्त कर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को इस रोजगार मेले की मदद से संस्थानों में रोजगार दिलाया जाता है। साथ ही वोकेशनल कोर्स समाप्त करने के बाद विद्यार्थी खुद का रोजगार शुरू करने के भी काबिल हो जाता है। इसके लिए विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को वोकेशनल कोर्स के साथ-साथ इन सभी का प्रैक्टिकल कराने के साथ ही विद्यार्थियों को समय-समय पर विभिन्न संस्थानों का भ्रमण भी कराया जाता है।
वर्जन:
जिले के 42 विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स पहले से ही चलाए जा रहे हैं। अब 12 और विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है।- सुंदर सिंह, सहायक परियोजना संयोजक रेवाड़ी।