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वीरेंद्र चौधरी बने चेयरमैन
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:22 AM IST
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ब्लॉक बावल की चौधर के लिए चुनाव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ब्लॉक बावल की चौधर के लिए बुधवार को हुए चुनाव में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री समर्थित उम्मीदवार बिरेंद्र सिंह छिल्लर सर्वसम्मति से चेयरमैन और तीन घंटे की माथापच्ची के बाद वोटिंग के जरिए विक्रम सिंह वाइस चेयरमेन चुन लिए गए। ऐसा पहली बार हुआ जब बावल ब्लॉक प्रमुख एवं उपप्रमुख की चौधर यहां से भाजपा के खाते में गई हो।
इससे पहले दोनों पद यहां पर कांग्रेस के पास थे। चुनाव के दौरान अहम बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया में कांग्रेस एवं इनेलो का कोई नाम लेने वाला तक नहीं था। पहली बैठक भी भाजपा खेमे के अंदर खिंची तलवारों के कारण रद्द हो गई थी। 29 सदस्य वाली ब्लॉक समिति में रेस्ट हाउस में तो सभी सदस्य मौजूद थे,लेकिन चार एवं आठ वार्ड के सदस्य ब्लॉक कार्यलय में नहीं पहुंचे।
सुबह ठीक 11:05 पर चली आरओ अजय चोपड़ा की अगुवाई चली चुनाव प्रक्रिया में साढ़े बारह बजे बिरेंद्र सिंह छिल्लर को सर्वसम्मिति से चुनने की घोषणा कर दी गई। वाइस चेयरमैन चुनाव के लिए नाटकीय घटना में चार उम्मीदवार सामने आ गए,लेकिन बाद में तीन उम्मीदवारों के बीच वोटिंग कराई गई। जिसमें वार्ड -15 के विक्रम सिंह को 15,वार्ड-25 से कृष्ण को 6 एवं वार्ड-26 से हंसराज को महज पांच वोट ही मिल सके।
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लगातार ‘बाबू जी’ की घंटी बजने के बाद भी वाइस चेयरमैन पर नहीं बनी सहमति
सुबह ठीक 9:50 पर बावल रेस्ट हाउस में सभी 29 पार्षद एकत्रित हुए। एक घंटे मंत्रणा चलने के एवं बाबू जी की कॉल के बाद चेयरमैन बिरेंद्र सिंह छिल्लर एवं एवं वाइस चेयरमैन विक्रम सिंह पर सहमति बन गई। तीन गाड़ियों में बैठाकर सभी पार्षदों को ब्लॉक कार्यालय पहुंचाया गया। 12:30 पर बीरेंद्र सिंह छिल्लर को सर्वसम्मति से चुनने की सूचना आइ, लेकिन वाइस चेयरमैन पर पूर्व सहमति के बावजूद भी नाटकीय अंदाज में चार उम्मीदवारों ने अपना पर्चा भर दिया। इसके बाद ब्लॉक कार्यालय के अंदर उम्मीदवारों को मनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद रामपुरा हाउस से बाबू जी(राव इंद्रजीत सिंह के पीए रवि यादव) की लगातार कॉल के बावजूद वार्ड-7 से उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। वहीं वार्ड -25 के हंसराज एवं वार्ड -28 के कृष्ण को तीन घंटे की माथापच्ची के बाद भी नाम वापस नहीं लिया और इसके बाद वोटिंग प्रक्रिया शुरू हुई। ब्लॉक प्रमुख चुने गए बिरेंद्र सिंह ने सभी के बराबर होने की बात कहते हुए वोट नहीं डाला। वोटिंग में विक्रम ने 15 वोटों के साथ वाइस चेयरमैन की कुर्सी पर कब्जा किया, वहीं कृष्ण को 6 और हंसराज को 5 वोट मिले।
विजयी जुलूस निकाला
सारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जैसे ही चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन कार्यालय से निकलकर बहार आए तो समर्थकों ने उन्हें फूृलमालाओं से लादने के साथ ही डीजे बजाकर एवं आतीशबाजी से स्वागत किया। वहीं समर्थकों ने गुलाल से होली भी खेली। इसके बाद चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन को खुली जीप में बैठाकर डीजे के साथ बावल के अनेक हिस्सों से विजयी जुलूस निकाला गया।
पहली प्राथमिकता ब्लॉक में भाईचारा कायम करने की
बिरेंद्र सिंह छिल्लर ने कहा कि बावल में पहली बार गांव की चौधर भाजपा को मिली है। इसलिए उनकी सबसे पहली प्राथमिकता ब्लॉक में भाईचारा कायम करने की है। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह एवं विधायक के आदेश पर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए काम किया जाएगा। गौरतलब है कि बिरेंद्र सिंह छिल्लर एमए में इकॉनोमिक्स के साथ एमफिल हैं। प्रेसवार्ता में ज्ञानी रामपुरा,सरंपच चरण सिंह,रतन,ज्ञानी, राजसिंह, छज्जूराम, प्रेम छिल्लर, मांगेराम,केशव मुद्गिल,हीरालाल,रामसिंह सांभरिया,सरपंच जग्गी पहलवान एवं रामसिंह उपस्थित थे।
इनेलो- कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी का झंडा
राव इंद्रजीत के भाजपा में शामिल होने के बाद बावल विधायक की कुर्सी भाजपा के खाते मेें आई। बता दें कि बावल में हमेशा से ही इनेलो एवं कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। अब भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद गांवों की सरकारों पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया है। बावल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब चुनाव कार्यालय के बाहर इनेलो के एक या दो जबकि कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं था।
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वर्जन-चुनाव प्रक्रिया संवैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्णत: शांतिपूर्वक संपन्न हुई है। जिसमें बिरेंद्र सिंह छिल्लर को सर्वसम्मति से चेयरमैन और वोटिंग के बाद विक्रम सिंह को वाइस चेयरमैन चुना गया है।
-अजय चोपड़ा, आरओ एवं एसडीएम बावल
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बावल में सर्वसम्मिति से पहलीभ बार भाजपा का चेयरमैन चुन लिया गया है,वहीं वाइस चेयरमैन भी भाजपा का ही है। बावल के लोगों को भाजपा के समर्थन के लिए धन्यवाद और हम सभी मिलकर बावल का चंहुमुुखी विकास करने का प्रयास करेंगे।
-डॉ. बनवारी लाल,विधायक, बावल
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इससे पहले दोनों पद यहां पर कांग्रेस के पास थे। चुनाव के दौरान अहम बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया में कांग्रेस एवं इनेलो का कोई नाम लेने वाला तक नहीं था। पहली बैठक भी भाजपा खेमे के अंदर खिंची तलवारों के कारण रद्द हो गई थी। 29 सदस्य वाली ब्लॉक समिति में रेस्ट हाउस में तो सभी सदस्य मौजूद थे,लेकिन चार एवं आठ वार्ड के सदस्य ब्लॉक कार्यलय में नहीं पहुंचे।
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सुबह ठीक 11:05 पर चली आरओ अजय चोपड़ा की अगुवाई चली चुनाव प्रक्रिया में साढ़े बारह बजे बिरेंद्र सिंह छिल्लर को सर्वसम्मिति से चुनने की घोषणा कर दी गई। वाइस चेयरमैन चुनाव के लिए नाटकीय घटना में चार उम्मीदवार सामने आ गए,लेकिन बाद में तीन उम्मीदवारों के बीच वोटिंग कराई गई। जिसमें वार्ड -15 के विक्रम सिंह को 15,वार्ड-25 से कृष्ण को 6 एवं वार्ड-26 से हंसराज को महज पांच वोट ही मिल सके।
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लगातार ‘बाबू जी’ की घंटी बजने के बाद भी वाइस चेयरमैन पर नहीं बनी सहमति
सुबह ठीक 9:50 पर बावल रेस्ट हाउस में सभी 29 पार्षद एकत्रित हुए। एक घंटे मंत्रणा चलने के एवं बाबू जी की कॉल के बाद चेयरमैन बिरेंद्र सिंह छिल्लर एवं एवं वाइस चेयरमैन विक्रम सिंह पर सहमति बन गई। तीन गाड़ियों में बैठाकर सभी पार्षदों को ब्लॉक कार्यालय पहुंचाया गया। 12:30 पर बीरेंद्र सिंह छिल्लर को सर्वसम्मति से चुनने की सूचना आइ, लेकिन वाइस चेयरमैन पर पूर्व सहमति के बावजूद भी नाटकीय अंदाज में चार उम्मीदवारों ने अपना पर्चा भर दिया। इसके बाद ब्लॉक कार्यालय के अंदर उम्मीदवारों को मनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद रामपुरा हाउस से बाबू जी(राव इंद्रजीत सिंह के पीए रवि यादव) की लगातार कॉल के बावजूद वार्ड-7 से उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। वहीं वार्ड -25 के हंसराज एवं वार्ड -28 के कृष्ण को तीन घंटे की माथापच्ची के बाद भी नाम वापस नहीं लिया और इसके बाद वोटिंग प्रक्रिया शुरू हुई। ब्लॉक प्रमुख चुने गए बिरेंद्र सिंह ने सभी के बराबर होने की बात कहते हुए वोट नहीं डाला। वोटिंग में विक्रम ने 15 वोटों के साथ वाइस चेयरमैन की कुर्सी पर कब्जा किया, वहीं कृष्ण को 6 और हंसराज को 5 वोट मिले।
विजयी जुलूस निकाला
सारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जैसे ही चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन कार्यालय से निकलकर बहार आए तो समर्थकों ने उन्हें फूृलमालाओं से लादने के साथ ही डीजे बजाकर एवं आतीशबाजी से स्वागत किया। वहीं समर्थकों ने गुलाल से होली भी खेली। इसके बाद चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन को खुली जीप में बैठाकर डीजे के साथ बावल के अनेक हिस्सों से विजयी जुलूस निकाला गया।
पहली प्राथमिकता ब्लॉक में भाईचारा कायम करने की
बिरेंद्र सिंह छिल्लर ने कहा कि बावल में पहली बार गांव की चौधर भाजपा को मिली है। इसलिए उनकी सबसे पहली प्राथमिकता ब्लॉक में भाईचारा कायम करने की है। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह एवं विधायक के आदेश पर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए काम किया जाएगा। गौरतलब है कि बिरेंद्र सिंह छिल्लर एमए में इकॉनोमिक्स के साथ एमफिल हैं। प्रेसवार्ता में ज्ञानी रामपुरा,सरंपच चरण सिंह,रतन,ज्ञानी, राजसिंह, छज्जूराम, प्रेम छिल्लर, मांगेराम,केशव मुद्गिल,हीरालाल,रामसिंह सांभरिया,सरपंच जग्गी पहलवान एवं रामसिंह उपस्थित थे।
इनेलो- कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी का झंडा
राव इंद्रजीत के भाजपा में शामिल होने के बाद बावल विधायक की कुर्सी भाजपा के खाते मेें आई। बता दें कि बावल में हमेशा से ही इनेलो एवं कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। अब भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद गांवों की सरकारों पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया है। बावल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब चुनाव कार्यालय के बाहर इनेलो के एक या दो जबकि कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं था।
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वर्जन-चुनाव प्रक्रिया संवैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्णत: शांतिपूर्वक संपन्न हुई है। जिसमें बिरेंद्र सिंह छिल्लर को सर्वसम्मति से चेयरमैन और वोटिंग के बाद विक्रम सिंह को वाइस चेयरमैन चुना गया है।
-अजय चोपड़ा, आरओ एवं एसडीएम बावल
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बावल में सर्वसम्मिति से पहलीभ बार भाजपा का चेयरमैन चुन लिया गया है,वहीं वाइस चेयरमैन भी भाजपा का ही है। बावल के लोगों को भाजपा के समर्थन के लिए धन्यवाद और हम सभी मिलकर बावल का चंहुमुुखी विकास करने का प्रयास करेंगे।
-डॉ. बनवारी लाल,विधायक, बावल