हिंसात्मक घटना के विरोध कुंड मंडी के बाजार रहे बंद
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खोल। आरक्षण की मांग के दौरान जाट उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा के विरोध में 35 बिरादरी ने सोमवार को कुंड मंडी पूर्णत: बंद का एलान करते हुए रोष प्रकट किया। कुंड मंडी और इसके साथ लगती क्षेत्र की दुकानें लगभग बंद रही। लोगों ने हिंसा की उच्चस्तरीय जांच और ओबीसी कोटे से कोई छेड़छाड़ न करने को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम मनेठी के नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
सरपंच श्योताज मनेठी, महाबीर पंच, महेंद्र, ओमप्रकाश, सुरेंद्र, ब्लॉक समिति खोल के पूर्व चेयरमैन सरस चंद्रहास उर्फ टिल्लू, विजय बैरियर, रामजस ठेकेदार, डा. तजेन्द्र, वेदप्रकाश, रामनिवास, रोहताश सैनी, वेदप्रकाश, सुल्तान सिंह, बलबीर सिंह, राधेश्याम अनेक लोगों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जाट आंदोलन में हुई हिंसा की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। आंदोलन में 35 बिरादरी के लोगों को मानसिक व आर्थिक रूप से काफी हानि उठानी पड़ी, इसकी जांच उच्च स्तरीय कमेटी से होनी चाहिए ताकि दंगा-फसाद करने वाले लोगों को चेहरा आम जनता के सामने आ सके। 35 बिरादरी के लोगों ने कहा कि एचपीएससी में ओबीसी वर्ग का आरक्षण 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया जाए। मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ व मंत्री अभिमन्यु व खाप नेताओं के विरुद्ध जातीय हिंसा फैलाने की जांच उच्च स्तरीय कमेेटी से करवाई जाए व ओबीसी कोटे के साथ छेड़छाड़ न की जाए। ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।