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Rewari News: गोकशी मामले में 6 माह पहले ग्रामीणों ने की थी पंचायत, आस मोहम्मद गवाह बना, पुलिस पीछे हटी
Sun, 25 Feb 2024 01:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 25 Feb 2024 01:58 AM IST
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प्रवेश चौहान
रेवाड़ी। किशनगढ़ बास के रूंध गिदावड़ा में गोकशी के मामले में अब एक और नया खुलासा हुआ है। दरअसल, गोकशी और यहां पर सजने वाली बीफ मंडी की जानकारी क्षेत्र के सभी लोगों को थी। लोग इस बात को जानते थे कि यहां पर गोकशी और मंडी सजाई जाती है।
इन सब से परेशान बिरसंगपुर सहित 10 गांव के लोगों ने 31 अगस्त 2023 में पंचायत की थी। साथ ही इस पर रोक लगाने का फैसला लिया था। पंचायत में सर्वसम्मति से फैसला पास भी हो गया था। इस दौरान पंचायत में गांव में किराना की दुकान चलाने वाले आस मोहम्मद को गोतस्करों की निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। जब इस बात का पता गोतस्करों को लगा तो वे अगस्त 2023 को ही आस मोहम्मद को उसकी दुकान से उठाकर ले गए। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। ग्रामीणों को जब पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने आस मोहम्मद को गोतस्करों के चंगुल से बचाया। आस मोहम्मद ने 31 अगस्त 2023 को किशनगढ़ बास पुलिस थाने में 17 लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस ने इस मामले को आपसी रंजिश का बताते हुए रफा दफा कर दिया और कोई भी कार्रवाई नहीं की। शिकायत में आस मोहम्मद ने यह भी बताया था कि आरोपी गाय काटते हैं, उसके बावजूद पुलिस ने उन पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।
सवाल : जब एसपी को मामले की जानकारी थी तो खुद कार्रवाई क्यों नहीं की
इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन एसपी सुरेंद्र की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, पूरे मामले की जानकारी सुरेंद्र आर्य को थी, मगर उन्होंने डीएसपी और थानाधिकारी पर जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उनके पास जानकारी थी तो उन्होंने इस पर खुद एक्शन क्यों नहीं लिया। इस मामले की जानकारी उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को भी नहीं दी। कुल मिलाकर, मामले में अब एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी से लेकर नेता केवल बचना चाह रहे हैं।
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पूर्व विधायक ने सरकार को नहीं दी मामले की जानकारी
किशनगढ़ बास के पूर्व विधायक रामहेत यादव ने कहा है कि उन्होंने खैरथल-तिजारा के तत्कालीन एसपी सुरेंद्र को कई बार गोकशी को लेकर जानकारी दी थी। वहीं, पूर्व विधायक की भी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि जब एसपी ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने इसकी जानकारी सरकार को क्यों नहीं दी। वह चाहते तो इसकी जानकारी मंत्री और सीएम को भी दे सकते थे। अब जब मामला उठा तो एक दूसरे पर पासा फेंक कर बचने की कोशिश की जा रही है।
कॉल रिकॉर्डिंग की जांच होने के बाद ही अधिकारियों और नेताओं पर कसा जाएगा शिकंजा
पूरे मामले की अगर गहराई से जांच की गई तो अधिकारी से लेकर नेता तक लपेटे में आ सकते हैं। कॉल रिकॉर्डिंग की जांच होने के बाद ही गोतस्करों की मदद करने वालों को लेकर खुलासा होने की उम्मीद है। खुद रिकॉर्डिंग की जांच करवाने की बात पुलिस अधिकारी और विधायक भी कर चुके हैं।
इकबाल व वारिश अभी तक पुलिस की गिरफ्तार से बाहर
मामले में अभी तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मगर मास्टरमाइंड इकबाल व वारिश अभी तक पुलिस की गिरफ्तार से बाहर हैं। मामले में अभी तक तहसीलदार और थाना प्रभारी सहित 46 कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। एसपी अनिल कुमार बेनीवाल का 48 घंटे के बाद ही तबादला कर सिरोही एसपी लगा दिया गया। अब भिवाड़ी में कोटपूतली बहरोड की एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी को लगाया गया है। फिलहाल घटनास्थल पर अब एक चौकी स्थापित कर दी गई है।
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इस मामले की जानकारी मुझे नहीं है। रिकॉर्ड देखने के बाद ही इसका पता लग सकता है
-राजीव, थानाधिकारी, किशनगढ़ बास, (राजस्थान)
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रेवाड़ी। किशनगढ़ बास के रूंध गिदावड़ा में गोकशी के मामले में अब एक और नया खुलासा हुआ है। दरअसल, गोकशी और यहां पर सजने वाली बीफ मंडी की जानकारी क्षेत्र के सभी लोगों को थी। लोग इस बात को जानते थे कि यहां पर गोकशी और मंडी सजाई जाती है।
इन सब से परेशान बिरसंगपुर सहित 10 गांव के लोगों ने 31 अगस्त 2023 में पंचायत की थी। साथ ही इस पर रोक लगाने का फैसला लिया था। पंचायत में सर्वसम्मति से फैसला पास भी हो गया था। इस दौरान पंचायत में गांव में किराना की दुकान चलाने वाले आस मोहम्मद को गोतस्करों की निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। जब इस बात का पता गोतस्करों को लगा तो वे अगस्त 2023 को ही आस मोहम्मद को उसकी दुकान से उठाकर ले गए। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। ग्रामीणों को जब पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने आस मोहम्मद को गोतस्करों के चंगुल से बचाया। आस मोहम्मद ने 31 अगस्त 2023 को किशनगढ़ बास पुलिस थाने में 17 लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस ने इस मामले को आपसी रंजिश का बताते हुए रफा दफा कर दिया और कोई भी कार्रवाई नहीं की। शिकायत में आस मोहम्मद ने यह भी बताया था कि आरोपी गाय काटते हैं, उसके बावजूद पुलिस ने उन पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।
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सवाल : जब एसपी को मामले की जानकारी थी तो खुद कार्रवाई क्यों नहीं की
इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन एसपी सुरेंद्र की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, पूरे मामले की जानकारी सुरेंद्र आर्य को थी, मगर उन्होंने डीएसपी और थानाधिकारी पर जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उनके पास जानकारी थी तो उन्होंने इस पर खुद एक्शन क्यों नहीं लिया। इस मामले की जानकारी उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को भी नहीं दी। कुल मिलाकर, मामले में अब एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी से लेकर नेता केवल बचना चाह रहे हैं।
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पूर्व विधायक ने सरकार को नहीं दी मामले की जानकारी
किशनगढ़ बास के पूर्व विधायक रामहेत यादव ने कहा है कि उन्होंने खैरथल-तिजारा के तत्कालीन एसपी सुरेंद्र को कई बार गोकशी को लेकर जानकारी दी थी। वहीं, पूर्व विधायक की भी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि जब एसपी ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने इसकी जानकारी सरकार को क्यों नहीं दी। वह चाहते तो इसकी जानकारी मंत्री और सीएम को भी दे सकते थे। अब जब मामला उठा तो एक दूसरे पर पासा फेंक कर बचने की कोशिश की जा रही है।
कॉल रिकॉर्डिंग की जांच होने के बाद ही अधिकारियों और नेताओं पर कसा जाएगा शिकंजा
पूरे मामले की अगर गहराई से जांच की गई तो अधिकारी से लेकर नेता तक लपेटे में आ सकते हैं। कॉल रिकॉर्डिंग की जांच होने के बाद ही गोतस्करों की मदद करने वालों को लेकर खुलासा होने की उम्मीद है। खुद रिकॉर्डिंग की जांच करवाने की बात पुलिस अधिकारी और विधायक भी कर चुके हैं।
इकबाल व वारिश अभी तक पुलिस की गिरफ्तार से बाहर
मामले में अभी तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मगर मास्टरमाइंड इकबाल व वारिश अभी तक पुलिस की गिरफ्तार से बाहर हैं। मामले में अभी तक तहसीलदार और थाना प्रभारी सहित 46 कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। एसपी अनिल कुमार बेनीवाल का 48 घंटे के बाद ही तबादला कर सिरोही एसपी लगा दिया गया। अब भिवाड़ी में कोटपूतली बहरोड की एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी को लगाया गया है। फिलहाल घटनास्थल पर अब एक चौकी स्थापित कर दी गई है।
इस मामले की जानकारी मुझे नहीं है। रिकॉर्ड देखने के बाद ही इसका पता लग सकता है
-राजीव, थानाधिकारी, किशनगढ़ बास, (राजस्थान)