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Rewari News: प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने में वाहन मालिक परेशान
Wed, 12 Aug 2026 06:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 12 Aug 2026 06:40 PM IST
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शहर स्थित एक पैट्रोल पंप के पास स्थित प्रदूषण जांच केंद्र। स्त्रोत: संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। वाहनों का प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाना वाहन मालिकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। नई व्यवस्था के तहत प्रमाणपत्र जारी करने के लिए मोबाइल पर आने वाला ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है। बड़ी संख्या में वाहनों के रिकॉर्ड में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होने से ओटीपी नहीं पहुंच रहा है।
इससे वाहन मालिकों को बार-बार जांच केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। भाड़ावास रोड स्थित प्रदूषण जांच केंद्र के संचालक मनोज गर्ग ने बताया कि नई व्यवस्था से प्रमाणपत्र बनाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि करीब 75 फीसदी वाहनों के मोबाइल नंबर गलत दर्ज हैं। इस कारण वाहन मालिकों के मोबाइल पर ओटीपी नहीं पहुंचता। इससे प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाता। वाहन मालिक दिनेश यादव ने भी बताया कि मोबाइल नंबर अपडेट न होने से परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिले में बड़ी संख्या में वाहन मालिक प्रभावित होंगे।
मनोज गर्ग ने जिला प्रशासन से उपायुक्त कार्यालय में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए अलग व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने विशेष शिविर लगाकर लोगों को मोबाइल नंबर सही करवाने के लिए जागरूक करने का सुझाव दिया। वाहन चालकों ने प्रशासन से रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग की है।
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रेवाड़ी। वाहनों का प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाना वाहन मालिकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। नई व्यवस्था के तहत प्रमाणपत्र जारी करने के लिए मोबाइल पर आने वाला ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है। बड़ी संख्या में वाहनों के रिकॉर्ड में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होने से ओटीपी नहीं पहुंच रहा है।
इससे वाहन मालिकों को बार-बार जांच केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। भाड़ावास रोड स्थित प्रदूषण जांच केंद्र के संचालक मनोज गर्ग ने बताया कि नई व्यवस्था से प्रमाणपत्र बनाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि करीब 75 फीसदी वाहनों के मोबाइल नंबर गलत दर्ज हैं। इस कारण वाहन मालिकों के मोबाइल पर ओटीपी नहीं पहुंचता। इससे प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाता। वाहन मालिक दिनेश यादव ने भी बताया कि मोबाइल नंबर अपडेट न होने से परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिले में बड़ी संख्या में वाहन मालिक प्रभावित होंगे।
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मनोज गर्ग ने जिला प्रशासन से उपायुक्त कार्यालय में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए अलग व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने विशेष शिविर लगाकर लोगों को मोबाइल नंबर सही करवाने के लिए जागरूक करने का सुझाव दिया। वाहन चालकों ने प्रशासन से रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग की है।
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