{"_id":"69e290b5b50a32291402bc4d","slug":"uploading-marks-on-the-mis-portal-is-mandatory-the-portal-will-be-open-from-april-20-to-may-20-rewari-news-c-198-1-fth1001-236920-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: एमआईएस पोर्टल पर अंक अपलोड करने जरूरी, 20 अप्रैल से 20 मई तक खुलेगा पोर्टल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: एमआईएस पोर्टल पर अंक अपलोड करने जरूरी, 20 अप्रैल से 20 मई तक खुलेगा पोर्टल
विज्ञापन
रेवाड़ी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने कहा कि जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों को कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के अंक ऑनलाइन एमआईएस पोर्टल पर समय पर अपलोड करने होंगे। इसके लिए 20 अप्रैल से 20 मई तक एमआईएस पोर्टल खुलेगा।
कक्षा 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं 16 फरवरी से 13 मार्च तक और कक्षा 9वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित की गई थीं। निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि किसी विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों के अंक अपलोड नहीं किए जाते हैं तो ऐसे विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रशासन की होगी। सभी विद्यालय यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक छात्र-छात्रा का शैक्षणिक रिकॉर्ड सही और समय पर ऑनलाइन दर्ज हो। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाना है। गत वर्ष दोनों कक्षाओं को मिलाकर लगभग साढ़े चार हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
स्कूलों ने अपने स्तर पर शुरू की तैयारियां
शिक्षा बोर्ड के इस फैसले के बाद जिले के विद्यालयों में भी हलचल बढ़ गई है। कई स्कूलों ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा।
-- -- -- -- -- --
वर्जन
सभी विद्यालयों को एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों के अंक निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-विजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
विज्ञापन
कक्षा 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं 16 फरवरी से 13 मार्च तक और कक्षा 9वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित की गई थीं। निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि किसी विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों के अंक अपलोड नहीं किए जाते हैं तो ऐसे विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
इस स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रशासन की होगी। सभी विद्यालय यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक छात्र-छात्रा का शैक्षणिक रिकॉर्ड सही और समय पर ऑनलाइन दर्ज हो। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाना है। गत वर्ष दोनों कक्षाओं को मिलाकर लगभग साढ़े चार हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था।
विज्ञापन
स्कूलों ने अपने स्तर पर शुरू की तैयारियां
शिक्षा बोर्ड के इस फैसले के बाद जिले के विद्यालयों में भी हलचल बढ़ गई है। कई स्कूलों ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा।
वर्जन
सभी विद्यालयों को एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों के अंक निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-विजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।