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Rewari News: 2 दिन पहले दिखा बाघ, वन विभाग की पकड़ से बाहर
Wed, 21 Aug 2024 09:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 21 Aug 2024 09:31 PM IST
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रेवाड़ी। गांव झाबुआ में मौजूद वन विभाग की टीम। संवाद
बावल। सरिस्का से गांव झाबुआ के जंगल में छिपे बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। 2 दिन से बाघ मोर और चिंकारा प्रजनन केंद्र के पास जंगल में छिपा है।
बाघ को पकड़ने के लिए सरिस्का वन विभाग की टीम भी आई है। दो दिन पहले ही बाघ कैमरे में कैद हुआ था। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि बाघ को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 2 दिन से टीम ने बाघ की लोकेशन के पास ही डेरा डाल रखा है। दूसरी तरफ दो दिन बीत जाने के बाद भी न तो बाघ के पंजे के निशान दोबारा से वहां मिले और न ही बाघ दोबारा से कैमरे में कैद हुआ है।
फिलहाल बाघ 1 दिन में 20 से 25 किलोमीटर ही चल सकता है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी भी जंगल में ही छिपा है। जब तक बाघ नहीं पकड़ा जाता तब तक लोग भी डर के साए में रहेंगे।
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इधर वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए शिकार का सहारा ले रही है। दरअसल बाघ केवल रात में ही भ्रमण करता है। रात में ही शिकार के लिए निकलता है। ऐसे में वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाएगी।
घर से बाहर निकलने से भी डर रहे लोग
गांव झाबुआ में बाघ के दस्तक देने के बाद से ही लोग खौफ में हैं। झाबुआ व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में माहौल एकदम से बदल चुका है। लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। लोगों को अक्सर यही लगता है कि कहीं बाघ उन पर हमला न कर दे। डर के साए में ग्रामीणों की रात कट रही है। लोगों की दिनचर्या भी अब पहले जैसी नहीं रही। जहां लोग सुबह जल्दी उठकर खेतों में जाया करते थे या सैर के लिए निकलते थे, अब ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है।
पहली बार सोमवार को कैमरे में दिखा था बाघ
बता दें कि सरिस्का से गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ की पहली तस्वीर सोमवार को सामने आई थी। बाघ 2 दिन से मोर और चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा था। पूरा जंगल 750 एकड़ में है। फोटो सुबह के समय वन विभाग के ट्रैप कैमरों द्वारा ली गई थी। दरअसल वन विभाग की टीम ने जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। दूसरी तरफ वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी तैयार किया है। सरिस्का से 20 और रेवाड़ी वन विभाग से करीब 15 कर्मचारी बाघ को पकड़ने में जुटे हुए हैं।
रेवाड़ी और सरिस्का वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की लगातार कोशिश कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही बाघ पकड़ लिया जाएगा। बाघ मोर और चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा है।
प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल
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बाघ को पकड़ने के लिए सरिस्का वन विभाग की टीम भी आई है। दो दिन पहले ही बाघ कैमरे में कैद हुआ था। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि बाघ को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 2 दिन से टीम ने बाघ की लोकेशन के पास ही डेरा डाल रखा है। दूसरी तरफ दो दिन बीत जाने के बाद भी न तो बाघ के पंजे के निशान दोबारा से वहां मिले और न ही बाघ दोबारा से कैमरे में कैद हुआ है।
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फिलहाल बाघ 1 दिन में 20 से 25 किलोमीटर ही चल सकता है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी भी जंगल में ही छिपा है। जब तक बाघ नहीं पकड़ा जाता तब तक लोग भी डर के साए में रहेंगे।
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इधर वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए शिकार का सहारा ले रही है। दरअसल बाघ केवल रात में ही भ्रमण करता है। रात में ही शिकार के लिए निकलता है। ऐसे में वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाएगी।
घर से बाहर निकलने से भी डर रहे लोग
गांव झाबुआ में बाघ के दस्तक देने के बाद से ही लोग खौफ में हैं। झाबुआ व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में माहौल एकदम से बदल चुका है। लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। लोगों को अक्सर यही लगता है कि कहीं बाघ उन पर हमला न कर दे। डर के साए में ग्रामीणों की रात कट रही है। लोगों की दिनचर्या भी अब पहले जैसी नहीं रही। जहां लोग सुबह जल्दी उठकर खेतों में जाया करते थे या सैर के लिए निकलते थे, अब ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है।
पहली बार सोमवार को कैमरे में दिखा था बाघ
बता दें कि सरिस्का से गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ की पहली तस्वीर सोमवार को सामने आई थी। बाघ 2 दिन से मोर और चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा था। पूरा जंगल 750 एकड़ में है। फोटो सुबह के समय वन विभाग के ट्रैप कैमरों द्वारा ली गई थी। दरअसल वन विभाग की टीम ने जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। दूसरी तरफ वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी तैयार किया है। सरिस्का से 20 और रेवाड़ी वन विभाग से करीब 15 कर्मचारी बाघ को पकड़ने में जुटे हुए हैं।
रेवाड़ी और सरिस्का वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की लगातार कोशिश कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही बाघ पकड़ लिया जाएगा। बाघ मोर और चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा है।
प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल