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Rewari News: ग्रामीण बोले- न्याय नहीं मिला तो करेंगे महापंचायत
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फोटो : 22पंचायत के दौरान बातचीत करते ग्रामीण। संवाद
कोसली। क्षेत्र के गांव मुमताजपुर निवासी किसान जितेंद्र कुमार की गांव गौरेया में बिजली का करंट लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में अब तक आरोपी बिजली निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पंचायत सज्जन सिंह सरपंच मुमताजपुर की अध्यक्षता में हुई।
घटना के 15 दिन बाद भी विभागीय लापरवाही पर प्रशासन की चुप्पी के विरोध में मुमताजपुर और गोरिया गांवों की संयुक्त पंचायत ने सख्त रुख अपनाते हुए महापंचायत की चेतावनी दी है।
यह घटना 9 अगस्त को हुई थी जब मृतक किसान जितेंद्र अपने खेत में भाड़े के ट्रैक्टर से जुताई करने गया था। उसी खेत में जमीन पर पड़ा एक करंटयुक्त बिजली का तार घास-फूस में छिपा था जो बिजली निगम की लापरवाही से वहीं छोड़ दिया गया था। तार में करंट आने के कारण जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
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अधिकारियों की लापरवाही ने हमारे घर का चिराग बुझा दिया : स्थानीय किसानों के अनुसार जून में बिजली की नई लाइन डाली गई थी तभी यह तार खेत में गिरा और उसे हटाने की कोई जहमत निगम ने नहीं उठाई।
खेत में लंबे समय से फसल न होने के कारण किसान वहां नहीं गया था और तार घास में छिपा रह गया। मृतक के भाई हरीश कुमार ने आरोप लगाया कि मेरे भाई की मौत के लिए पूरी तरह से बिजली निगम जिम्मेदार है।
अधिकारियों की लापरवाही ने हमारे घर का चिराग बुझा दिया। अब तक न कोई कार्रवाई हुई न ही किसी ने सांत्वना दी।
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घटना के 15 दिन बाद भी विभागीय लापरवाही पर प्रशासन की चुप्पी के विरोध में मुमताजपुर और गोरिया गांवों की संयुक्त पंचायत ने सख्त रुख अपनाते हुए महापंचायत की चेतावनी दी है।
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यह घटना 9 अगस्त को हुई थी जब मृतक किसान जितेंद्र अपने खेत में भाड़े के ट्रैक्टर से जुताई करने गया था। उसी खेत में जमीन पर पड़ा एक करंटयुक्त बिजली का तार घास-फूस में छिपा था जो बिजली निगम की लापरवाही से वहीं छोड़ दिया गया था। तार में करंट आने के कारण जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
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अधिकारियों की लापरवाही ने हमारे घर का चिराग बुझा दिया : स्थानीय किसानों के अनुसार जून में बिजली की नई लाइन डाली गई थी तभी यह तार खेत में गिरा और उसे हटाने की कोई जहमत निगम ने नहीं उठाई।
खेत में लंबे समय से फसल न होने के कारण किसान वहां नहीं गया था और तार घास में छिपा रह गया। मृतक के भाई हरीश कुमार ने आरोप लगाया कि मेरे भाई की मौत के लिए पूरी तरह से बिजली निगम जिम्मेदार है।
अधिकारियों की लापरवाही ने हमारे घर का चिराग बुझा दिया। अब तक न कोई कार्रवाई हुई न ही किसी ने सांत्वना दी।