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Rewari News: बाजरे का संशोधित समर्थन मूल्य 2200 रुपये क्विंटल तय
Sun, 28 Sep 2025 05:53 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 28 Sep 2025 05:53 AM IST
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फोटो : 33रेवाड़ी अनाज मंडी में लगी बाजरा की ढेरी। संवाद
रेवाड़ी। रेवाड़ी और कोसली अनाज मंडियों में शनिवार को करीब 300 गेट पास कटे। वहीं हरियाणा सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के दौरान बाजरे की खरीद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। भावांतर भरपाई योजना (बीबीवाई) के तहत बाजरे का संशोधित समर्थन मूल्य 2200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
पहले यह 2150 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। इसमें 625 रुपए भावांतर रखा गया था, जबकि नए संशोधन में किसानों को प्रति क्विंटल पर 575 रुपए भावांतर दिया जाएगा। इसमें दोनों सरकारी एजेंसियों हैफेड व हरियाणा स्टेट वेयर हाउस कॉरपोरेशन की तरफ से बाजरे की ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी।
नए संशोधित दर में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई के रूप में प्रति क्विंटल 575 रुपए सीधे उनके खातों में प्रदान किया जाएगा। यह भुगतान केवल सत्यापित जे-फॉर्म के आधार पर किया जाएगा, जो ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज होंगे। अगर किसान सीधे बिना ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से बाजरे की बिक्री करते हैं तो उनको भावांतर नहीं मिल पाएगा। ऐसे में किसान भी पोर्टल का इंतजार कर रहे हैं। अभी सिर्फ दो से तीन हजार क्विंटल ही बाजरे की आवक है। इसमें साथ लगते राजस्थान के गांवों के किसान भी शामिल हैं।
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गुणवत्ता नहीं होने से बाजरे की नहीं हुई खरीद
रेवाड़ी। बाजरे की गुणवत्ता मानक पूरा नहीं होने से शनिवार को खरीद नहीं हुई। बाजरा खरीद को लेकर आढ़तियों में भी विरोध देखा जा रहा है। पेमेंट कौन देगा, कब मिलेगा, आढ़ती इसे लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। आढ़तियों का कहना है कि हमारी समस्या दूर की जाए। बाजरे की खरीद इन दिनों खरीद शुरू होती है। खरीद एजेंसियां फील्ड में आ गई हैं। क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। जो पत्र जारी किया है उसके मुताबिक मापदंड के अनुरूप सरकार खरीद करेगी। बारिश की वजह से बाजरा काला पड़ गया है। हल्का बाजार कौन खरीदेगा यह भी नहीं पता है। जो टोकन निकलेगा, पहले सरकार खरीद करती थी और पैसा देती थी। जो प्राइवेट खरीद करेंगे, कमीशन कहां आएगा, जमा कब करना है, कुछ नहीं पता है।
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पहले यह 2150 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। इसमें 625 रुपए भावांतर रखा गया था, जबकि नए संशोधन में किसानों को प्रति क्विंटल पर 575 रुपए भावांतर दिया जाएगा। इसमें दोनों सरकारी एजेंसियों हैफेड व हरियाणा स्टेट वेयर हाउस कॉरपोरेशन की तरफ से बाजरे की ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी।
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नए संशोधित दर में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई के रूप में प्रति क्विंटल 575 रुपए सीधे उनके खातों में प्रदान किया जाएगा। यह भुगतान केवल सत्यापित जे-फॉर्म के आधार पर किया जाएगा, जो ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज होंगे। अगर किसान सीधे बिना ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से बाजरे की बिक्री करते हैं तो उनको भावांतर नहीं मिल पाएगा। ऐसे में किसान भी पोर्टल का इंतजार कर रहे हैं। अभी सिर्फ दो से तीन हजार क्विंटल ही बाजरे की आवक है। इसमें साथ लगते राजस्थान के गांवों के किसान भी शामिल हैं।
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गुणवत्ता नहीं होने से बाजरे की नहीं हुई खरीद
रेवाड़ी। बाजरे की गुणवत्ता मानक पूरा नहीं होने से शनिवार को खरीद नहीं हुई। बाजरा खरीद को लेकर आढ़तियों में भी विरोध देखा जा रहा है। पेमेंट कौन देगा, कब मिलेगा, आढ़ती इसे लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। आढ़तियों का कहना है कि हमारी समस्या दूर की जाए। बाजरे की खरीद इन दिनों खरीद शुरू होती है। खरीद एजेंसियां फील्ड में आ गई हैं। क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। जो पत्र जारी किया है उसके मुताबिक मापदंड के अनुरूप सरकार खरीद करेगी। बारिश की वजह से बाजरा काला पड़ गया है। हल्का बाजार कौन खरीदेगा यह भी नहीं पता है। जो टोकन निकलेगा, पहले सरकार खरीद करती थी और पैसा देती थी। जो प्राइवेट खरीद करेंगे, कमीशन कहां आएगा, जमा कब करना है, कुछ नहीं पता है।