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रोडवेज की दस बसें कंडम, बची 97, अगस्त में आएंगी 10 नई
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रेवाड़ी। जून माह में हरियाणा परिवहन के रेवाड़ी डिपो में दस बसें कंडम होने के बाद अब 97 बसें हीं बची हैं। उधर एसटीए परमिट वाली 30 बसें लोगों को अपनी सेवाएं दे रही हैं। बसें कम होने से इसका अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ रहा है। यात्रियों को परेशानी हो रही है। उनको समय पर बसें नहीं मिल पा रही हैं। कुछ रूटों पर कटौती भी की गई है।
रेवाड़ी में कंडम हो चुकीं बसों को बेड़े से बाहर कर दिया गया है। इन दस बसों के कम होने से सीधा असर ग्रामीण इलाकों पर पड़ रहा है। सरकारी बसों की अनुपलब्धता होने के कारण यात्रियों को निजी साधनों मसलन, टेपों, निजी बसों आदि का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हालांकि, बसें कम होने के बावजूद प्रबंधन मैनेज करने की कोशिश कर रहा है ताकि यात्रियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। विभाग को आर्थिक नुकसान भी न हो। सूत्रों का कहना है कि रोडवेज में इस माह के अंत तक और दस बसें कंडम की जा सकती हैं। लेकिन, अगस्त माह में डिपो को दस नई बसें मिलने की उम्मीद है। ऐसी सूरत में यहां बस सेवाओं के लिए सुधार की गुंजाइश है। बता दें, परिवहन विभाग के बेड़े में जिले की करीब दस लाख की आबादी के अनुसार बसें कम हैं। पुरानी बसों के लगातार कंडम होने और नई बसों के बेड़े में शामिल नहीं किए जाने की सूरत में लाभ-हानि रहित स्थिति में परिवहन सेवाओं को सुचारू रखना, परिवहन विभाग के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
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- रेवाड़ी डिपो पर एक नजर
चालक - 232
नोट - सीएमओ के आग्रह पर स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंसों के लिए 15 चालक भेजे गए हैं।
परिचालक - 230
परिवहन विभाग की बसें -97, एसटीए परमिट वाली बसें- 30, कुल बसें - 127
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ई टिकटिंग के लिए इंतजार करना होगा
रेवाड़ी डिपो में ई-टिकटिंग की व्यवस्था होने में अभी समय लगेगा। राज्य मुख्यालय की ओर से ई-टिकटिंग को लेकर दो-तीन बार बैठकें हो चुकी हैं। विभाग की ओर से एक एप बनवाया गया है, जिसमें सभी डिपो की ओर से बसों के ठहराव केंद्रों के जिला मुख्यालय से किराये की जानकारी दी गई है। इस एप को छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप से संचालित किया गया है। वहां इसकी सफलता, इसके क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को देखते हुए विभाग अन्य जिलों में इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लेगा। फिलहाल ई टिकटिंग के लिए इंतजार करना होगा।
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कांवड़ यात्रा के लिए स्पेशल बस सेवा
रेवाड़ी डिपो ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्पेशल बस सेवा हरिद्वार के लिए 15 जुलाई से शुरू की, जो पहले सुबह 11 बजे रेवाड़ी से हरिद्वार जाती थी, लेकिन मंगलवार से इस बस सेवा का समय बदलकर दोपहर बाद एक बजे से डेढ़ बजे कर दिया गया।
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वर्जन
रेवाड़ी डिपो में अब 97 बसें हैं। दस बसें कुछ समय पहले कंडम हुई हैं। अगस्त में दस नई बसें मिलने की उम्मीद है। डिपो बेहतर परिवहन सेवाएं दे रहा है। अधिकतम आय 15 लाख रुपये इस माह हुई है। कम बसें होने के बावजूद चालक-परिचालकों की कड़ी मेहनत से डिपो की आय बढ़ी है। - सतीश लखेरा, डीआई, रेवाड़ी डिपो।
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रेवाड़ी में कंडम हो चुकीं बसों को बेड़े से बाहर कर दिया गया है। इन दस बसों के कम होने से सीधा असर ग्रामीण इलाकों पर पड़ रहा है। सरकारी बसों की अनुपलब्धता होने के कारण यात्रियों को निजी साधनों मसलन, टेपों, निजी बसों आदि का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हालांकि, बसें कम होने के बावजूद प्रबंधन मैनेज करने की कोशिश कर रहा है ताकि यात्रियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। विभाग को आर्थिक नुकसान भी न हो। सूत्रों का कहना है कि रोडवेज में इस माह के अंत तक और दस बसें कंडम की जा सकती हैं। लेकिन, अगस्त माह में डिपो को दस नई बसें मिलने की उम्मीद है। ऐसी सूरत में यहां बस सेवाओं के लिए सुधार की गुंजाइश है। बता दें, परिवहन विभाग के बेड़े में जिले की करीब दस लाख की आबादी के अनुसार बसें कम हैं। पुरानी बसों के लगातार कंडम होने और नई बसों के बेड़े में शामिल नहीं किए जाने की सूरत में लाभ-हानि रहित स्थिति में परिवहन सेवाओं को सुचारू रखना, परिवहन विभाग के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
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- रेवाड़ी डिपो पर एक नजर
चालक - 232
नोट - सीएमओ के आग्रह पर स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंसों के लिए 15 चालक भेजे गए हैं।
परिचालक - 230
परिवहन विभाग की बसें -97, एसटीए परमिट वाली बसें- 30, कुल बसें - 127
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ई टिकटिंग के लिए इंतजार करना होगा
रेवाड़ी डिपो में ई-टिकटिंग की व्यवस्था होने में अभी समय लगेगा। राज्य मुख्यालय की ओर से ई-टिकटिंग को लेकर दो-तीन बार बैठकें हो चुकी हैं। विभाग की ओर से एक एप बनवाया गया है, जिसमें सभी डिपो की ओर से बसों के ठहराव केंद्रों के जिला मुख्यालय से किराये की जानकारी दी गई है। इस एप को छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप से संचालित किया गया है। वहां इसकी सफलता, इसके क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को देखते हुए विभाग अन्य जिलों में इस व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लेगा। फिलहाल ई टिकटिंग के लिए इंतजार करना होगा।
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कांवड़ यात्रा के लिए स्पेशल बस सेवा
रेवाड़ी डिपो ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्पेशल बस सेवा हरिद्वार के लिए 15 जुलाई से शुरू की, जो पहले सुबह 11 बजे रेवाड़ी से हरिद्वार जाती थी, लेकिन मंगलवार से इस बस सेवा का समय बदलकर दोपहर बाद एक बजे से डेढ़ बजे कर दिया गया।
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वर्जन
रेवाड़ी डिपो में अब 97 बसें हैं। दस बसें कुछ समय पहले कंडम हुई हैं। अगस्त में दस नई बसें मिलने की उम्मीद है। डिपो बेहतर परिवहन सेवाएं दे रहा है। अधिकतम आय 15 लाख रुपये इस माह हुई है। कम बसें होने के बावजूद चालक-परिचालकों की कड़ी मेहनत से डिपो की आय बढ़ी है। - सतीश लखेरा, डीआई, रेवाड़ी डिपो।