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Rewari News: बदमाशों को घाघरा पहना व मुंडन कराकर खौफ खत्म कर रहा पुलिस महकमा
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फोटो: 10 रेवाड़ी। 12 अगस्त को मर्डर के मामले आरोपी पुलिस की गिरफ्त में। फाइल फोटो
विशाल जैमिनी
रेवाड़ी। जिले में अपराध पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस अनोखा पैंतरा अपना रही है। पुलिस द्वारा अपनाई जा रही सार्वजनिक पहचान परेड की प्रस्तुतियां अब अलग-अलग रूपों में देखने को मिल रही हैं।
कुछ मामलों में आरोपियों के सिर मुंडवाकर सड़कों पर घुमाया गया तो कुछ में आरोपियों को स्कर्ट, घाघरा-कुर्ता जैसे परिधान पहनाकर जनता के बीच निकाला गया।
पुलिस के इन कदमों से जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलने लगी हैं जहां कई लोग इसे अपराधियों के प्रति कड़ी कार्रवाई मान कर स्वागत कर रहे हैं। वहीं कुछ कानून विशेषज्ञ परेड निकालने का कोई प्रावधान नहीं बता रहे हैं।
पुलिस के प्रति समर्थन के नारे लगे
जिले के कई हिस्सों में जब आरोपियों को सड़कों पर निकाला गया तो बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और कई बार पुलिस के प्रति समर्थन के नारे लगे। कुछ लोग कहते हैं कि इन कार्रवाइयों से अपराधियों को शर्मिंदगी होती है और भविष्य में वे अपराध करने से पहले सोचेंगे। छोटे व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि तेज और सख्त कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों-नागरिकों की सुरक्षा भावना में सुधार आया है।
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एक्सपर्ट व्यू...कानूनी रूप से परेड निकालने का कोई प्रावधान नहीं : अधिवक्ता
वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी तिवारी ने बताया कि कानूनी रूप से परेड निकालने का कोई प्रावधान नहीं है। जब तक आरोपी कोर्ट से दोषी सिद्ध नहीं हो जाता तब तक ऐसा करने से बचना चाहिए। मौजूदा घटना की बात करें तो पुलिस इसे परेड नहीं मानती है, यह सामान्य प्रक्रिया है। आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर जाना पड़ता है, ऐसे में आरोपियों को कई बार पैदल भी लेकर निकलना पड़ता है। कोर्ट में भी इसी प्रकार होता है। गाड़ी को बाहर खड़ा करके पैदल अंदर लेकर जाना पड़ता है। दूसरा पुलिस का नजरिया यह भी है कि ऐसा इसलिए भी किया जाता है ताकि बदमाशों का खौफ लोगों में कम हो और लोग दहशत की जिंदगी से निकल सकें। इससे बदमाशों पर भी क्राइम न करने का खौफ पैदा होता है।
केस : 1 : चोरी के आरोपी को एक किमी तक चलाया
रेवाड़ी पुलिस ने 18 फरवरी को चोरी के आरोप में पकड़े 3 युवकों की परेड कराई थी। पुलिस ने उन्हें एक किलोमीटर तक चलाया। चोरी का सामान बरामद करने और चोरी का तरीका पता लगाने के लिए पुलिस ने ऐसा किया।
केस : 2 : फिरौती मांगने वाले को भी पहनाई थी स्कर्ट
रेवाड़ी पुलिस ने 20 फरवरी को प्रॉपर्टी डीलर से फिरौती मांगने वाले बदमाश रोहित उर्फ कालिया को स्कर्ट पहनाकर बाजार में घुमाया था। पुलिस ने उसका सिर मुंडवा दिया और हथकड़ी पहनाकर परेड कराई थी। वह 12 साल बाद जेल से बाहर आया था।
केस : 3 : फायरिंग कर दशहत फैलाने पर निकाली थी परेड
रेवाड़ी सीआईए ने 13 जुलाई को शहर की शिव कॉलोनी में एक घर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले बदमाश गौरव उर्फ लंबू को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने बाजार में उसकी परेड निकाली थी। पुलिस उसे निशानदेही के लिए पैदल ही उसके साथी के घर लेकर गई थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे कुंड की पहाड़ियों में बने एक खंडहरनुमा मकान से गिरफ्तार किया था।
केस 4 : मर्डर के आरोपी को घाघरा-कुर्ता में घुमाया
रेवाड़ी पुलिस ने इसी साल 12 अगस्त को मर्डर के एक आरोपी को बाजार में घाघरा-कुर्ता में घुमाया था। एक दिन पहले आरोपी को घाघरा-कुर्ता में ही गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद पुलिस इन्हीं कपड़ों में कोर्ट में पेश करने से पहले बाजार में निशानदेही के लिए लेकर गई थी। आरोपी आसलवास गांव का अमित मुख्य आरोपी था। पुलिस ने उस पर 5 हजार का इनाम भी रख दिया था।
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रेवाड़ी। जिले में अपराध पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस अनोखा पैंतरा अपना रही है। पुलिस द्वारा अपनाई जा रही सार्वजनिक पहचान परेड की प्रस्तुतियां अब अलग-अलग रूपों में देखने को मिल रही हैं।
कुछ मामलों में आरोपियों के सिर मुंडवाकर सड़कों पर घुमाया गया तो कुछ में आरोपियों को स्कर्ट, घाघरा-कुर्ता जैसे परिधान पहनाकर जनता के बीच निकाला गया।
पुलिस के इन कदमों से जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलने लगी हैं जहां कई लोग इसे अपराधियों के प्रति कड़ी कार्रवाई मान कर स्वागत कर रहे हैं। वहीं कुछ कानून विशेषज्ञ परेड निकालने का कोई प्रावधान नहीं बता रहे हैं।
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पुलिस के प्रति समर्थन के नारे लगे
जिले के कई हिस्सों में जब आरोपियों को सड़कों पर निकाला गया तो बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और कई बार पुलिस के प्रति समर्थन के नारे लगे। कुछ लोग कहते हैं कि इन कार्रवाइयों से अपराधियों को शर्मिंदगी होती है और भविष्य में वे अपराध करने से पहले सोचेंगे। छोटे व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि तेज और सख्त कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों-नागरिकों की सुरक्षा भावना में सुधार आया है।
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एक्सपर्ट व्यू...कानूनी रूप से परेड निकालने का कोई प्रावधान नहीं : अधिवक्ता
वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी तिवारी ने बताया कि कानूनी रूप से परेड निकालने का कोई प्रावधान नहीं है। जब तक आरोपी कोर्ट से दोषी सिद्ध नहीं हो जाता तब तक ऐसा करने से बचना चाहिए। मौजूदा घटना की बात करें तो पुलिस इसे परेड नहीं मानती है, यह सामान्य प्रक्रिया है। आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर जाना पड़ता है, ऐसे में आरोपियों को कई बार पैदल भी लेकर निकलना पड़ता है। कोर्ट में भी इसी प्रकार होता है। गाड़ी को बाहर खड़ा करके पैदल अंदर लेकर जाना पड़ता है। दूसरा पुलिस का नजरिया यह भी है कि ऐसा इसलिए भी किया जाता है ताकि बदमाशों का खौफ लोगों में कम हो और लोग दहशत की जिंदगी से निकल सकें। इससे बदमाशों पर भी क्राइम न करने का खौफ पैदा होता है।
केस : 1 : चोरी के आरोपी को एक किमी तक चलाया
रेवाड़ी पुलिस ने 18 फरवरी को चोरी के आरोप में पकड़े 3 युवकों की परेड कराई थी। पुलिस ने उन्हें एक किलोमीटर तक चलाया। चोरी का सामान बरामद करने और चोरी का तरीका पता लगाने के लिए पुलिस ने ऐसा किया।
केस : 2 : फिरौती मांगने वाले को भी पहनाई थी स्कर्ट
रेवाड़ी पुलिस ने 20 फरवरी को प्रॉपर्टी डीलर से फिरौती मांगने वाले बदमाश रोहित उर्फ कालिया को स्कर्ट पहनाकर बाजार में घुमाया था। पुलिस ने उसका सिर मुंडवा दिया और हथकड़ी पहनाकर परेड कराई थी। वह 12 साल बाद जेल से बाहर आया था।
केस : 3 : फायरिंग कर दशहत फैलाने पर निकाली थी परेड
रेवाड़ी सीआईए ने 13 जुलाई को शहर की शिव कॉलोनी में एक घर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले बदमाश गौरव उर्फ लंबू को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने बाजार में उसकी परेड निकाली थी। पुलिस उसे निशानदेही के लिए पैदल ही उसके साथी के घर लेकर गई थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे कुंड की पहाड़ियों में बने एक खंडहरनुमा मकान से गिरफ्तार किया था।
केस 4 : मर्डर के आरोपी को घाघरा-कुर्ता में घुमाया
रेवाड़ी पुलिस ने इसी साल 12 अगस्त को मर्डर के एक आरोपी को बाजार में घाघरा-कुर्ता में घुमाया था। एक दिन पहले आरोपी को घाघरा-कुर्ता में ही गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद पुलिस इन्हीं कपड़ों में कोर्ट में पेश करने से पहले बाजार में निशानदेही के लिए लेकर गई थी। आरोपी आसलवास गांव का अमित मुख्य आरोपी था। पुलिस ने उस पर 5 हजार का इनाम भी रख दिया था।