फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   The director of the company was imprisoned for six months, also fined

चेक बाउंस मामले में बिल्डर पर अदालत ने लगाया 5 लाख 50500 रुपये जुर्माना, छह माह की कैद की सुनाई सजा

Tue, 20 Sep 2022 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2022 12:33 AM IST
विज्ञापन
The director of the company was imprisoned for six months, also fined
रेवाड़ी। दिल्ली की एक बिल्डर कंपनी ओम कृष्णा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने नीमराना में हाउसिंग प्रोजेक्ट के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करते हुए प्लॉट बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये जमा करा लिए। लोगों को प्लॉट देने का वादा किया गया था। ऐसा न करने पर ब्याज सहित राशि देने का वादा किया था। जब उन्होंने लोगों को चेक दिया और वह बाउंस हुआ तो अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। मामले में अदालत ने दोषी को दोगुनी राशि अदा करने और छह माह की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने पांच लाख पचास हजार पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया है। अब उसे 11 लाख रुपये अदा करने होंगे।
विज्ञापन

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अरुण गुप्ता ने बताया कि बिल्डर के पास न तो पूरी जमीन थी और न ही जो जमीन थी, उस पर किसी प्रकार की प्लॉटिंग की अनुमति थी। इस प्रकार जब वह प्लॉट देने में असमर्थ रहा और धोखाधड़ी का मामला लोगों के सामने आया तो लोगों ने पैसा मांगा। उस समय उसने चेक जारी करने शुरू कर दिए, लेकिन लोगों को जिन खातों का चेक दिया गया था उनमें भी पैसे नहीं थे। दूसरी तरफ चेक जारी करके ट्रांजेक्शन और कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया जाता। जब चेक बैंक में लगाए जाते तो खाते में पैसा न होने के कारण वह वापस आ जाते थे। लोगों ने ऑफिस में संपर्क किया तो कंपनी के निदेशक प्रेम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता, दीक्षा गुप्ता एवं राकेश वर्मा आदि लोगों से बात नहीं करते थे। इससे परेशान होकर लोगों ने कंपनी के निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज कराया। कई निवेशकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
विज्ञापन

अधिवक्ता का कहना है कि धोखाधड़ी का शिकार हुए अभिषेक को भी उन्होंने वर्ष 2015 में 5,50,500 का चेक जारी कर दिया, लेकिन जब बैंक में लगाया तो खाते में पैसे नहीं मिले। कानूनी नोटिस जारी करने के बाद भी राशि नहीं दी गई तो कोर्ट में कंपनी के निदेशक राकेश वर्मा के खिलाफ केस दायर किया गया। न्यायालय में पेश उसने बचने का काफी प्रयास किया। लंबी सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हरलीन कौर की अदालत ने राकेश वर्मा को छह माह की कैद और जारी किए गए चेक की दोगुनी राशि 11 लाख 1000 रुपये के भुगतान के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed