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Rewari News: गांव कंवाली में 2012 में शुरू हुए खेल स्टेडियम का निर्माण आज तक नहीं हो पाया पूरा
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गांव कंवाली में अधूरा खेल स्टेडियम का भवन। संवाद
जगदीश यादव
कोसली। गांव कंवाली में वर्ष 2012 में शुरू हुए खेल स्टेडियम का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो पाया है। जबकि गांव कंवाली व आसपास के गांव के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर तक के खिलाड़ी दिए हैं। इसके साथ-साथ गांव के लोगों में हॉकी का जुनून देखते ही बनता है। 5 साल के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक खेल मैदान में हॉकी खेलते हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि 5 वर्ष पूर्व इसी हॉकी के खेल मैदान पर पूरे उत्तरी भारत के राज्यों से टीमें खेलने आई थी, जिसका समापन अवसर पर हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप ने घोषणा की थी कि यहां घास के मैदान के स्थान पर एस्ट्रो ट्रफ बिछाई जाए। अब 5 साल बीतने के बाद भी खेल मंत्री की घोषणा मात्र घोषणा बनकर रह गई है। खिलाड़ी अंजलि का कहना है कि उनके गांव में जो खेल मैदान है, वह गांव के लोगों ने खेल नर्सरी की घोषणा के बाद इस उद्देश्य से तैयार करवाया था कि ताकि सरकार जल्द से जल्द यहां खेल नर्सरी की सुविधा उपलब्ध करवाएगी। ऐसा केवल सपना ही रहा गया।
जब भी कोई प्रतियोगिता होती है तो वहां एस्ट्रो ट्रफ पर मैच खेलने पड़ते हैं, जिस पर खेलने का अनुभव न होने से हम पिछड़ जाते हैं। युवा खिलाड़ी का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या हमें एस्ट्रो ट्रफ मैदान ना होने से आ रही है। अगर यहां एस्ट्रो तरफ का मैदान हो तो एक दो नहीं दर्जनों महिला-पुरुष हॉकी खिलाड़ी देश-विदेश में नाम रोशन कर सकते हैंं।
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खेल नर्सरी की सुविधा मिले तो प्रदेश का नाम रोशन करने वाले मिल सकते हैं खिलाड़ी :
मेजर टच स्पोर्ट्स क्लब के सदस्य पंकज कुमार का का कहना है कि यहां वर्ष 2012 में हॉकी नर्सरी तो खोल दी लेकिन इसके बाद में सरकार ने कोई सुध नहीं ली। निर्माण कार्य 11 वर्ष से एक तरह से बंद पड़ा है। इसके कारण यहां खिलाड़ियों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खेल मंत्री संदीप सिंह ने यहां एस्ट्रो तरफ बिछाने की बात कही थी, जो पूर्ण नहीं हो पाई। गजेंद्र का कहना है कि यहां अगर सरकार खेल नर्सरी की सुविधा दे तो इस क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी मिल सकते हैं। इस क्षेत्र के युवाओं में हॉकी के प्रति जनून है। उनकी मांग है कि यहां घोषित एस्ट्रो ट्रफ बिछाई जाए व अधूरे पड़े स्टेडियम भवन का निर्माण पूर्ण किया जाए।
वर्जन:
जल्द ही हॉकी नर्सरी कंवाली में भी एस्ट्रो टर्फ होगा। इसके लिए विभाग की तरफ से प्रक्रिया चल रही है।
मदन पाल, जिला खेल अधिकारी
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कोसली। गांव कंवाली में वर्ष 2012 में शुरू हुए खेल स्टेडियम का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो पाया है। जबकि गांव कंवाली व आसपास के गांव के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर तक के खिलाड़ी दिए हैं। इसके साथ-साथ गांव के लोगों में हॉकी का जुनून देखते ही बनता है। 5 साल के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक खेल मैदान में हॉकी खेलते हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि 5 वर्ष पूर्व इसी हॉकी के खेल मैदान पर पूरे उत्तरी भारत के राज्यों से टीमें खेलने आई थी, जिसका समापन अवसर पर हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप ने घोषणा की थी कि यहां घास के मैदान के स्थान पर एस्ट्रो ट्रफ बिछाई जाए। अब 5 साल बीतने के बाद भी खेल मंत्री की घोषणा मात्र घोषणा बनकर रह गई है। खिलाड़ी अंजलि का कहना है कि उनके गांव में जो खेल मैदान है, वह गांव के लोगों ने खेल नर्सरी की घोषणा के बाद इस उद्देश्य से तैयार करवाया था कि ताकि सरकार जल्द से जल्द यहां खेल नर्सरी की सुविधा उपलब्ध करवाएगी। ऐसा केवल सपना ही रहा गया।
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जब भी कोई प्रतियोगिता होती है तो वहां एस्ट्रो ट्रफ पर मैच खेलने पड़ते हैं, जिस पर खेलने का अनुभव न होने से हम पिछड़ जाते हैं। युवा खिलाड़ी का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या हमें एस्ट्रो ट्रफ मैदान ना होने से आ रही है। अगर यहां एस्ट्रो तरफ का मैदान हो तो एक दो नहीं दर्जनों महिला-पुरुष हॉकी खिलाड़ी देश-विदेश में नाम रोशन कर सकते हैंं।
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खेल नर्सरी की सुविधा मिले तो प्रदेश का नाम रोशन करने वाले मिल सकते हैं खिलाड़ी :
मेजर टच स्पोर्ट्स क्लब के सदस्य पंकज कुमार का का कहना है कि यहां वर्ष 2012 में हॉकी नर्सरी तो खोल दी लेकिन इसके बाद में सरकार ने कोई सुध नहीं ली। निर्माण कार्य 11 वर्ष से एक तरह से बंद पड़ा है। इसके कारण यहां खिलाड़ियों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खेल मंत्री संदीप सिंह ने यहां एस्ट्रो तरफ बिछाने की बात कही थी, जो पूर्ण नहीं हो पाई। गजेंद्र का कहना है कि यहां अगर सरकार खेल नर्सरी की सुविधा दे तो इस क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी मिल सकते हैं। इस क्षेत्र के युवाओं में हॉकी के प्रति जनून है। उनकी मांग है कि यहां घोषित एस्ट्रो ट्रफ बिछाई जाए व अधूरे पड़े स्टेडियम भवन का निर्माण पूर्ण किया जाए।
वर्जन:
जल्द ही हॉकी नर्सरी कंवाली में भी एस्ट्रो टर्फ होगा। इसके लिए विभाग की तरफ से प्रक्रिया चल रही है।
मदन पाल, जिला खेल अधिकारी