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Rewari News: शहर के प्राचीन मंदिरों में शामिल हैं मां दुर्गा का मंदिर
Thu, 03 Oct 2024 05:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 03 Oct 2024 05:59 AM IST
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रेवाड़ी। मोहल्ला बारा हजारी स्थित मां दुर्गा मंदिर शहर के प्राचीन मंदिरों में शामिल है। अन्य दिनों की अपेक्षा नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर देवी माता के लिए आते हैं।
मंदिर कमेटी के प्रधान महेंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि नवरात्र को लेकर तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह मंदिर वर्ष 1962 में बना था। बताते हैं कि मूर्ति स्थापना के समय आंधी, तूफान और बिजली चमकने जैसे संयोग बने थे। मंदिर में राम दरबार के साथ ही भैरू बाबा, नवगृह और माता दुर्गा के अष्ट रूप भी विराजमान है। उन्होंने बताया कि शहर के बीचों बीच बना यह मंदिर आज विशाल रूप ले चुका है।
इसके अलावा राधा-कृष्ण, हनुमान जी की मूर्तिया भी स्थापित हैं। मंदिर के मुख्य दरबार में मां दुर्गा की शेर पर सवारी वाली मूर्ति स्थापित है। मूर्ति के सामने विशाल हाल भी है। जहां पर एक साथ काफी श्रद्धालुओं के प्रार्थना करने की व्यवस्था है।
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वर्जन
नवरात्र में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए विशेष तैयारी की जाती है। प्रवेश व निकास के अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। स्वयंसेवकों की भी डयूटी लगाई गई है। नवरात्र में सुबह 5 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 5.30 बजे आरती होगी। हर रोज 8 बजे विशेष पूजा होगी। दोपहर बाद 3 बजे से शाम को 6 बजे तक महिला मंडली भजन-कीर्तन करेगी। रात को 9.30 बजे आरती और और 10 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे।- पं. अयोध्या प्रसाद तिवारी, पुजारी, दुर्गा मंदिर
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मंदिर कमेटी के प्रधान महेंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि नवरात्र को लेकर तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह मंदिर वर्ष 1962 में बना था। बताते हैं कि मूर्ति स्थापना के समय आंधी, तूफान और बिजली चमकने जैसे संयोग बने थे। मंदिर में राम दरबार के साथ ही भैरू बाबा, नवगृह और माता दुर्गा के अष्ट रूप भी विराजमान है। उन्होंने बताया कि शहर के बीचों बीच बना यह मंदिर आज विशाल रूप ले चुका है।
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इसके अलावा राधा-कृष्ण, हनुमान जी की मूर्तिया भी स्थापित हैं। मंदिर के मुख्य दरबार में मां दुर्गा की शेर पर सवारी वाली मूर्ति स्थापित है। मूर्ति के सामने विशाल हाल भी है। जहां पर एक साथ काफी श्रद्धालुओं के प्रार्थना करने की व्यवस्था है।
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वर्जन
नवरात्र में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए विशेष तैयारी की जाती है। प्रवेश व निकास के अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। स्वयंसेवकों की भी डयूटी लगाई गई है। नवरात्र में सुबह 5 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 5.30 बजे आरती होगी। हर रोज 8 बजे विशेष पूजा होगी। दोपहर बाद 3 बजे से शाम को 6 बजे तक महिला मंडली भजन-कीर्तन करेगी। रात को 9.30 बजे आरती और और 10 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे।- पं. अयोध्या प्रसाद तिवारी, पुजारी, दुर्गा मंदिर