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टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय दल के ध्वज वाहक बने टेकचंद
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टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय दल के ध्वजवाहक बने बावल के टेकचंद।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। बावल के मोहल्ला जटवाड़ा निवासी ज्वैलिन थ्रो खिलाड़ी टेकचंद ने टोक्यो में मंगलवार को पैरालंपिक के उद्घाटन समारोह में भारत का परचम लहराया। टोक्यो में ध्वजवाहक के रूप में भारतीय दल का नेतृत्व रेवाड़ी के इसी खिलाड़ी ने किया। बचपन से मेहनती व जनूनी रहे टेकचंद से लोगों को स्वर्ण पदक लाने की आस है।
सोमवार को बातचीत के दौरान टेकचंद ने मां विद्या देवी से वादा किया है कि मां मैं देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाऊंगा। टेकचंद ने कहा कि ओलंपिक में नीरज चोपड़ा द्वारा गोल्ड जीतने के बाद उनका उत्साह दोगुना हो गया है। अब उनसे प्रेरणा लेकर गोल्ड मेडल के लिए खेलूंगा।
रेवाड़ी के बावल निवासी टेकचंद 2005 में राजस्थान के भिवाड़ी स्थित एक कंपनी से लौटते समय दुर्घटना के शिकार हो गए थे। हादसे में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद उन्हें सात साल बेड पर रहना पड़ा। व्हील चेयर पकड़ चुके टेकचंद को भीम अवॉर्डी कोच सतबीर से भाला फेंकने की सलाह मिली। अब तक 29.66 मीटर की दूरी तक भाला फेंक चुके टेकचंद 31 अगस्त को अपना जन्मदिन मानने के बाद अगस्त के आखिरी सप्ताह में टोक्यो पैरालंपिक में अपना प्रदर्शन करेंगे। पिता को खो चुके टेकचंद के परिवार में मां के अलावा बिजली बोर्ड में नौकरी कर रहा एक भाई है। देश-विदेश में कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके टेकचंद से परिवार को पैरालंपिक में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। 29 को किया था क्वालीफाई:
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दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में 29 जून को आयोजित ट्रायल के एफ-54 वर्ग के ज्वैलिन थ्रो में क्वालीफाई कर टेकचंद ने पैरालंपिक टोक्यो का टिकट हासिल किया था। इसके बाद से टेकचंद तैयारियों में जुटे हुए हैं। अब वह टोक्यो में अगस्त के इसी आखिरी सप्ताह में होने वाले मुकाबले में अपना दम दिखाने को आतुर हैं।
जकार्ता में जीता था कांस्य पदक :
टेकंचद ने ट्रायल में 29.66 मीटर की दूरी पर ज्वैलिन फेंककर टोक्यो पैरालंपिक का टिकट हासिल किया था। इससे पहले टेकचंद 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य पदक और 2019 में दुबई में हुई विश्व चैंपियनशिप में छठी रैंक हासिल कर चुके हैं। 26 मार्च 2021 को बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में ज्वैलिन डिस्कस और शाटपुट में उन्होंने एक-एक स्वर्ण पदक जीता था।
मुख्यमंत्री व जनस्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने टेकचंद को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बधाई दी है। वहीं बावल से विधायक एवं हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सहकारिता मंत्री ने कहा कि पैरालंपिक में वह प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगे।
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सोमवार को बातचीत के दौरान टेकचंद ने मां विद्या देवी से वादा किया है कि मां मैं देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाऊंगा। टेकचंद ने कहा कि ओलंपिक में नीरज चोपड़ा द्वारा गोल्ड जीतने के बाद उनका उत्साह दोगुना हो गया है। अब उनसे प्रेरणा लेकर गोल्ड मेडल के लिए खेलूंगा।
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रेवाड़ी के बावल निवासी टेकचंद 2005 में राजस्थान के भिवाड़ी स्थित एक कंपनी से लौटते समय दुर्घटना के शिकार हो गए थे। हादसे में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद उन्हें सात साल बेड पर रहना पड़ा। व्हील चेयर पकड़ चुके टेकचंद को भीम अवॉर्डी कोच सतबीर से भाला फेंकने की सलाह मिली। अब तक 29.66 मीटर की दूरी तक भाला फेंक चुके टेकचंद 31 अगस्त को अपना जन्मदिन मानने के बाद अगस्त के आखिरी सप्ताह में टोक्यो पैरालंपिक में अपना प्रदर्शन करेंगे। पिता को खो चुके टेकचंद के परिवार में मां के अलावा बिजली बोर्ड में नौकरी कर रहा एक भाई है। देश-विदेश में कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके टेकचंद से परिवार को पैरालंपिक में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। 29 को किया था क्वालीफाई:
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दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में 29 जून को आयोजित ट्रायल के एफ-54 वर्ग के ज्वैलिन थ्रो में क्वालीफाई कर टेकचंद ने पैरालंपिक टोक्यो का टिकट हासिल किया था। इसके बाद से टेकचंद तैयारियों में जुटे हुए हैं। अब वह टोक्यो में अगस्त के इसी आखिरी सप्ताह में होने वाले मुकाबले में अपना दम दिखाने को आतुर हैं।
जकार्ता में जीता था कांस्य पदक :
टेकंचद ने ट्रायल में 29.66 मीटर की दूरी पर ज्वैलिन फेंककर टोक्यो पैरालंपिक का टिकट हासिल किया था। इससे पहले टेकचंद 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य पदक और 2019 में दुबई में हुई विश्व चैंपियनशिप में छठी रैंक हासिल कर चुके हैं। 26 मार्च 2021 को बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में ज्वैलिन डिस्कस और शाटपुट में उन्होंने एक-एक स्वर्ण पदक जीता था।
मुख्यमंत्री व जनस्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने टेकचंद को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बधाई दी है। वहीं बावल से विधायक एवं हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सहकारिता मंत्री ने कहा कि पैरालंपिक में वह प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगे।