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Rewari News: टीम ने मंडी में की सरसों खरीद में गड़बड़ी की जांच, वीडियोग्राफी भी कराई गई

Mon, 08 May 2023 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 08 May 2023 11:22 PM IST
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team investigated irregularities in purchase of mustard in mandi
मंडी में रखे अनाज के बैग।
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। रेवाड़ी और कोसली अनाज मंडी में खरीद के दौरान हुई गड़बड़ी को लेकर सोमवार को जांच टीम पहुंची। इससे अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई। टीम जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी रमेश गोयल के नेतृत्व में पहुंची। देर रात तक खरीदी गई सरसों के रिकार्ड और बैग की जांच की। इस दौरान जांच की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
रेवाड़ी मंडी में भी तौल को लेकर गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिल रहीं थीं। टीम ने सोमवार को हैफेड और मार्केट कमेटी दोनों के ही अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत की लेकिन जांच में किसी ने भी सहयोग देने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने मुख्यालय पर एक मेल डाली जिसके बाद मुख्य प्रशासक की ओर से अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। तब कहीं जाकर मार्केट कमेटी और हैफेड के अधिकारी जांच में सहयोग को तैयार हुए।
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11,034 किसान बेच चुके हैं सरसों
जिले की तीनों मंडियों में अभी तक 11,034 किसान 32,090.6 मीट्रिक टन सरसों बेच चुके हैं, जिनमें से हैफेड करीब 10 हजार 243 किसानों को 106.67 करोड़ का भुगतान कर चुका है। हालांकि हैफेड ने गेहूं बेचने वाले 13 हजार 59 किसानों को 12.33 करोड़ रुपये का भी भुगतान किया है।
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सस्ते दामों पर फसल बेचने को मजबूर किसान
हैफेड ने सरकारी खरीद मई की शुरुआत से ही बंद कर दी है, जिस कारण किसानों को अपनी फसल सस्ते दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसको लेकर कई बार किसान खरीद अधिकारियों से लेकर उपायुक्त तक को ज्ञापन दे चुके हैं और प्रदर्शन भी कर चुके हैं लेकिन फिर भी हैफेड ने दोबारा खरीद शुरू नहीं की। इसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है।


एक हजार एमटी सरसों का नहीं हुआ उठान
रेवाड़ी व बावल मंडी में सरसों का कुल उठान हो चुका है लेकिन कोसली मंडी में खरीद ज्यादा होने से अभी तक लगभग एक हजार एमटी यानी लगभग 10 हजार क्विंटल सरसों का उठान नहीं हो पाया है। बोरियों का स्टॉक जहां पर रखा हुआ था वहां पर नीचे कैरेट नहीं लगाए गए थे। इसके कारण नीचे की बोरियां बारिश के पानी में पूरी तरह भीग चुकी थी। बोरियों में मौजूद सरसों भी सड़ चुकी थी। इससे भारी नुकसान होना तय है।

किसानों को हैफेड द्वारा खरीदी गई सरसों का लगभग 93 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। 100 प्रतिशत भुगतान करने की कवायद चल रही है, जो जल्द किया जाएगा।
- संतराम, हैफेड डीएम, रेवाड़ी।
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