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Rewari News: रैगिंग न करने की शपथ और अमेरिका के टैरिफ प्रभाव पर की वार्ता
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रैगिंग न करने की शपथ लेते विद्यार्थी। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में वाणिज्य क्लब के तत्वावधान में रैगिंग न करने की शपथ और अमेरिका के टैरिफ प्रभाव पर वार्ता हुई। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मेघा सैनी, सहायक प्रोफेसर, वाणिज्य विभाग, शोधार्थियों और शिक्षकों को संबोधित किया।
अपने व्याख्यान में डॉ. मेघा सैनी ने विस्तार से बताया कि टैरिफ क्यों लगाए जाते हैं उनके क्या प्रभाव होते हैं और इस प्रकार के व्यापारिक विवादों को किस प्रकार सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ नीतियां केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि कूटनीतिक संबंधों, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक शक्ति-संतुलन को भी प्रभावित करती हैं।
इनसे भारतीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियां मिलती हैं और निर्यातक वर्ग पर सीधा दबाव पड़ता है। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग, समझौते और सतत संवाद ही दीर्घकालिक समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति शर्मा ने भी विषय पर अपने विचार साझा किए और छात्रों व शोधार्थियों को इस क्षेत्र में जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
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कार्यक्रम में सभी छात्रों ने प्रतिज्ञा ली कि वे किसी भी प्रकार की रैगिंग में भाग नहीं लेंगे और अपने सहपाठियों के साथ सम्मानजनक एवं मित्रवत व्यवहार करेंगे। संकाय सदस्य भी छात्रों को मार्गदर्शन देने और रैगिंग विरोधी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति शर्मा ने शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रैगिंग न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक एवं शैक्षिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।
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अपने व्याख्यान में डॉ. मेघा सैनी ने विस्तार से बताया कि टैरिफ क्यों लगाए जाते हैं उनके क्या प्रभाव होते हैं और इस प्रकार के व्यापारिक विवादों को किस प्रकार सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ नीतियां केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि कूटनीतिक संबंधों, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक शक्ति-संतुलन को भी प्रभावित करती हैं।
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इनसे भारतीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियां मिलती हैं और निर्यातक वर्ग पर सीधा दबाव पड़ता है। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग, समझौते और सतत संवाद ही दीर्घकालिक समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति शर्मा ने भी विषय पर अपने विचार साझा किए और छात्रों व शोधार्थियों को इस क्षेत्र में जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
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कार्यक्रम में सभी छात्रों ने प्रतिज्ञा ली कि वे किसी भी प्रकार की रैगिंग में भाग नहीं लेंगे और अपने सहपाठियों के साथ सम्मानजनक एवं मित्रवत व्यवहार करेंगे। संकाय सदस्य भी छात्रों को मार्गदर्शन देने और रैगिंग विरोधी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति शर्मा ने शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रैगिंग न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक एवं शैक्षिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।