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Rewari News: स्कूलों में ड्यूल डेस्क पर्याप्त, विभाग ने 12 साल का रिकॉर्ड मांगा
Sun, 30 Aug 2026 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:27 PM IST
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ड्यूल डेस्क पर बैठकर पढ़ाई करते छोटे विद्यार्थी। संवाद
रेवाड़ी। जिले के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए ड्यूल डेस्क की फिलहाल कमी नहीं है। चार माह पहले जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को एक लाख रुपये तक की अनुदान राशि से मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत विद्यालयों में खराब ड्यूल डेस्क की मरम्मत की गई और नए ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराए गए।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए खरीदे गए ड्यूल डेस्क को लेकर मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जिले के मौलिक शिक्षा अधिकारी से पिछले 12 वर्षों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। निदेशालय ने वर्ष 2014-15 से वर्ष 2025-26 तक ड्यूल डेस्क की खरीद और वितरण से संबंधित जानकारी मांगी है।
इसमें ड्यूल डेस्क की खरीद पर खर्च हुई राशि, कुल खरीद और विद्यालयों में किए गए वितरण का विवरण शामिल है। निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा की ओर से जारी स्मरण पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह जानकारी हरियाणा विधानसभा में पेश की जानी है।
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ऐसे में विभागीय अधिकारियों को पुराने रिकॉर्ड की जांच कर सटीक आंकड़े उपलब्ध कराने होंगे। निदेशालय की ओर से सभी जिलों से यह जानकारी मांगी गई है, ताकि विधानसभा में पूछे जाने वाले सवाल का तथ्यात्मक जवाब दिया जा सके।
बजट और वितरण का देना होगा जवाब
शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों के अनुसार आगामी विधानसभा सत्र में ड्यूल डेस्क की खरीद, इसके लिए जारी बजट और विद्यालयों में वितरण को लेकर सवाल उठ सकता है। यह भी माना जा रहा है कि ड्यूल डेस्क की खरीद से संबंधित किसी तारांकित प्रश्न के जवाब की तैयारी के लिए निदेशालय ने जिलावार रिकॉर्ड तलब किया है। विपक्ष की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर सरकार से सवाल किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विधानसभा में शिक्षा मंत्री को ड्यूल डेस्क की खरीद और वितरण से जुड़े आंकड़ों के आधार पर सटीक जवाब देना होगा। इसी को देखते हुए निदेशालय ने जिलों से तत्काल प्रभाव से वर्षवार पूरा रिकॉर्ड मांगा है। हालांकि जिले में हाल में कराए गए मरम्मत कार्य और नए ड्यूल डेस्क की व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों के लिए बैठने की सुविधा में पहले की अपेक्षा सुधार हुआ है।
वर्जन :
सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए ड्यूल डेस्क की कमी फिलहाल नहीं है। विभाग की ओर से पिछले 12 वर्षों के ड्यूल डेस्क की रिपोर्ट मांगी गई है। जिले के सभी स्कूलों और खंड अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। रिकॉर्ड खंगालकर जल्द पूरी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी जाएगी।-प्रदीप दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी
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सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए खरीदे गए ड्यूल डेस्क को लेकर मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जिले के मौलिक शिक्षा अधिकारी से पिछले 12 वर्षों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। निदेशालय ने वर्ष 2014-15 से वर्ष 2025-26 तक ड्यूल डेस्क की खरीद और वितरण से संबंधित जानकारी मांगी है।
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इसमें ड्यूल डेस्क की खरीद पर खर्च हुई राशि, कुल खरीद और विद्यालयों में किए गए वितरण का विवरण शामिल है। निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा की ओर से जारी स्मरण पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह जानकारी हरियाणा विधानसभा में पेश की जानी है।
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ऐसे में विभागीय अधिकारियों को पुराने रिकॉर्ड की जांच कर सटीक आंकड़े उपलब्ध कराने होंगे। निदेशालय की ओर से सभी जिलों से यह जानकारी मांगी गई है, ताकि विधानसभा में पूछे जाने वाले सवाल का तथ्यात्मक जवाब दिया जा सके।
बजट और वितरण का देना होगा जवाब
शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों के अनुसार आगामी विधानसभा सत्र में ड्यूल डेस्क की खरीद, इसके लिए जारी बजट और विद्यालयों में वितरण को लेकर सवाल उठ सकता है। यह भी माना जा रहा है कि ड्यूल डेस्क की खरीद से संबंधित किसी तारांकित प्रश्न के जवाब की तैयारी के लिए निदेशालय ने जिलावार रिकॉर्ड तलब किया है। विपक्ष की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर सरकार से सवाल किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विधानसभा में शिक्षा मंत्री को ड्यूल डेस्क की खरीद और वितरण से जुड़े आंकड़ों के आधार पर सटीक जवाब देना होगा। इसी को देखते हुए निदेशालय ने जिलों से तत्काल प्रभाव से वर्षवार पूरा रिकॉर्ड मांगा है। हालांकि जिले में हाल में कराए गए मरम्मत कार्य और नए ड्यूल डेस्क की व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों के लिए बैठने की सुविधा में पहले की अपेक्षा सुधार हुआ है।
वर्जन :
सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए ड्यूल डेस्क की कमी फिलहाल नहीं है। विभाग की ओर से पिछले 12 वर्षों के ड्यूल डेस्क की रिपोर्ट मांगी गई है। जिले के सभी स्कूलों और खंड अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। रिकॉर्ड खंगालकर जल्द पूरी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी जाएगी।-प्रदीप दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी