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विद्यार्थी अंतरिक्ष शोध में आगे बढ़ने का प्रयास करें: अनिल सी. माथुर
Sat, 10 Feb 2024 02:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 10 Feb 2024 02:37 AM IST
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग एवं हरियाणा राज्य विज्ञान नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एचएससीएसआईटी) के संयुक्त प्रायोजन के द्वारा चल रही दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी (साइंस फॉर इक्विटी, एंपावरमेंट एंड डेवलपमेंट (सीड) 2024) का समापन समारोह किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव द्वारा की गई। समापन समारोह में एसडी अत्री, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट मुख्य अतिथि रहे। वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर राजेंद्र सिंह सांगवान, एसीएसआईआर, भारत, प्रोफेसर अनिल सी माथुर, पूर्व निदेशक, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, इसरो, अहमदाबाद, प्रोफेसर एसके चक्रवर्ती, पूर्व अधिष्ठाता, एनआईटी कुरूक्षेत्र, प्रोफेसर रेनू चुघ, गुरुग्राम विश्वविद्यालय, डॉ. रितु बाला मैथमेटिक मैजिशियन एवं डॉ. राकेश भाटिया वैदिक गणितज्ञ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम संयोजक प्रो. विजय कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए युवा विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए आह्वान किया। प्रोफेसर एसके चक्रवर्ती ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को सीखने के प्रति जिज्ञासु होना चाहिए। ताकि निरंतर कुछ न कुछ सीखने को मिले।
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अनिल सी. माथुर ने विद्यार्थियों को इसरो के द्वारा चंद्रयान, आदित्य, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र की विशेषताओं एवं उपलब्धियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी अंतरिक्ष शोध में आगे बढ़ने का प्रयास करें। इसमें उनके द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। एसडी अत्री ने मुख्य रूप से बदलते पर्यावरण, बढ़ते हुए तापमान पर चिंता प्रकट की और सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपना सहयोग दें। अधिक से अधिक पेड़ लगाकर वातावरण को शुद्ध बनाएं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयप्रकाश यादव ने विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य में आधुनिक सोच के नए वैज्ञानिक बनेंगे। देश को प्रगति पथ पर बढ़ाएंगे। कुलसचिव प्रोफेसर प्रमोद कुमार ने भी सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं व बधाई दी।
दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के विज्ञान विषयों वाले मॉडल प्रदर्शित किए गए एवं विभिन्न गतिविधियां और प्रख्यात वैज्ञानिकों व वक्ताओं द्वारा अनुभव सांझा करना, विशेषज्ञों के साथ चर्चा के लिए विशेष लाइव सत्र आयोजित किए गए जैसे गणित मैजिक शो, कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान निबंध लेखन प्रतियोगिता, स्कूल के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, पोस्टर प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के द्वारा बच्चों को कैरियर परामर्श और मार्गदर्शन के लिए केंद्र बनाया गया। जिसका विस्तृत विवरण उपकुलसचिव डॉ. नवीन कुमार पिपलानी ने दिया। सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के एकेडमिक अचीवर्स को प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। भौतिक विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर सभी शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारियों सहित सभी विद्यार्थी व शोधार्थी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव द्वारा की गई। समापन समारोह में एसडी अत्री, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट मुख्य अतिथि रहे। वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर राजेंद्र सिंह सांगवान, एसीएसआईआर, भारत, प्रोफेसर अनिल सी माथुर, पूर्व निदेशक, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, इसरो, अहमदाबाद, प्रोफेसर एसके चक्रवर्ती, पूर्व अधिष्ठाता, एनआईटी कुरूक्षेत्र, प्रोफेसर रेनू चुघ, गुरुग्राम विश्वविद्यालय, डॉ. रितु बाला मैथमेटिक मैजिशियन एवं डॉ. राकेश भाटिया वैदिक गणितज्ञ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम संयोजक प्रो. विजय कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए युवा विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए आह्वान किया। प्रोफेसर एसके चक्रवर्ती ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को सीखने के प्रति जिज्ञासु होना चाहिए। ताकि निरंतर कुछ न कुछ सीखने को मिले।
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अनिल सी. माथुर ने विद्यार्थियों को इसरो के द्वारा चंद्रयान, आदित्य, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र की विशेषताओं एवं उपलब्धियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी अंतरिक्ष शोध में आगे बढ़ने का प्रयास करें। इसमें उनके द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। एसडी अत्री ने मुख्य रूप से बदलते पर्यावरण, बढ़ते हुए तापमान पर चिंता प्रकट की और सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपना सहयोग दें। अधिक से अधिक पेड़ लगाकर वातावरण को शुद्ध बनाएं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयप्रकाश यादव ने विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य में आधुनिक सोच के नए वैज्ञानिक बनेंगे। देश को प्रगति पथ पर बढ़ाएंगे। कुलसचिव प्रोफेसर प्रमोद कुमार ने भी सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं व बधाई दी।
दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के विज्ञान विषयों वाले मॉडल प्रदर्शित किए गए एवं विभिन्न गतिविधियां और प्रख्यात वैज्ञानिकों व वक्ताओं द्वारा अनुभव सांझा करना, विशेषज्ञों के साथ चर्चा के लिए विशेष लाइव सत्र आयोजित किए गए जैसे गणित मैजिक शो, कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान निबंध लेखन प्रतियोगिता, स्कूल के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, पोस्टर प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के द्वारा बच्चों को कैरियर परामर्श और मार्गदर्शन के लिए केंद्र बनाया गया। जिसका विस्तृत विवरण उपकुलसचिव डॉ. नवीन कुमार पिपलानी ने दिया। सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के एकेडमिक अचीवर्स को प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। भौतिक विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर सभी शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारियों सहित सभी विद्यार्थी व शोधार्थी उपस्थित रहे।