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शहर में सफाई कर्मियों की हड़ताल का असर नहीं, बावल-धारूहेड़ा में नहीं हुई सफाई
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी।
- फोटो : Rewari
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नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद के कर्मचारियों ने नगर परिषद के गेट के बाहर एकत्रित होकर तीसरे दिन भी काम छोड़कर नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया। तीसरे दिन भी शहर में हड़ताल का कोई खास असर नहीं दिखाई दिया। कॉलोनियों को छोड़ दिया जाए तो शहर के बाजारों, मुख्य सड़कों पर सफाई के साथ कचरा उठाने का कार्य लगातार किया जा रहा है।
अध्यक्षता कर रहे प्रधान महेंद्र कुमार व सचिव विजय प्रकाश नंदा ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांगों का नोटिफिकेशन तो जारी कर दिया लेकिन मांगों को लागू नहीं किया गया। सरकार द्वारा कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार को इसका खामियाजा आगामी विधान सभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
नप परिषद के कर्मचारियों ने ठेका प्रथा समाप्त करने, फायर आपरेटरों की भर्ती करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का कराना, एक्सग्रेसिया नीति को बहाल कराना, चुनावी घोषणा के अनुसार सफाई कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 14 हजार लागू कराने, वेतन में 10 प्रतिशत वार्षिक समान काम समान वेतन लागू कराना, हड़ताल के दौरान किए गए मुकदमें वापिस कराना, नई भर्ती कर रिक्त तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों को भराने, कार्य के अनुपात में नए पद सृजित कराने, सभी कर्मचारियों को आवसीय कालोनियों में 100-100 वर्ग गज के प्लाट आवंटन कराना, ईएसआई व ईपीएफ घोटाले की जांच स्टेट विजिलेंस से कराने आदि मांगें हैं।
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अध्यक्षता कर रहे प्रधान महेंद्र कुमार व सचिव विजय प्रकाश नंदा ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांगों का नोटिफिकेशन तो जारी कर दिया लेकिन मांगों को लागू नहीं किया गया। सरकार द्वारा कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार को इसका खामियाजा आगामी विधान सभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
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ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
नप परिषद के कर्मचारियों ने ठेका प्रथा समाप्त करने, फायर आपरेटरों की भर्ती करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का कराना, एक्सग्रेसिया नीति को बहाल कराना, चुनावी घोषणा के अनुसार सफाई कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 14 हजार लागू कराने, वेतन में 10 प्रतिशत वार्षिक समान काम समान वेतन लागू कराना, हड़ताल के दौरान किए गए मुकदमें वापिस कराना, नई भर्ती कर रिक्त तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों को भराने, कार्य के अनुपात में नए पद सृजित कराने, सभी कर्मचारियों को आवसीय कालोनियों में 100-100 वर्ग गज के प्लाट आवंटन कराना, ईएसआई व ईपीएफ घोटाले की जांच स्टेट विजिलेंस से कराने आदि मांगें हैं।
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