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स्पीड खिलाड़ियों को मिला खर्चा भत्ता
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Fri, 06 Jan 2017 11:53 PM IST
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नया साल स्पीड खिलाड़ियों के लिए सौगात लेकर आया है। वर्ष 2016 में आठ माह का लंबित खर्चा भत्ता तीन दिन बाद स्पीड खिलाड़ियों के बैंक खातों में पहुंच जाएगा। काफी संघर्ष के बाद जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के पास मुख्यालय से आए खिलाड़ियों का लंबित 3.73 लाख रुपये जल्द ही जिले के 120 स्पीड़ खिलाड़ियों के खातों में डाला जाएगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार की स्पीड योजना के तहत दिसंबर 2015 में चयनित खिलाड़ियों का खेल प्रशिक्षण शुरू हुआ था। योजना के तहत बच्चों को हर माह 22 अनिवार्य उपस्थिति के साथ 1500 से 2000 रुपये का खर्चा भत्ता दिया जाना था, लेकिन प्रशिक्षण शुरू होने से लेकर योजना के बंद होने तक खिलाड़ियों को खर्चा भत्ता नहीं मिला। जिला खेल विभाग और प्रशासन के बार-बार पत्र लिखे जाने के बाद नए साल में लंबित खर्चा भत्ता की राशि पहुंची है। इस सूचना से स्पीड खिलाड़ियों में खुशी है।
योजना बंद, खेल जारी
स्पीड योजना के बंद होने के बाद भी जिलेभर की पांच खेल नर्सरियों में स्पीड खिलाड़ियों का प्रशिक्षण जारी है। प्रदेश सरकार ने सितंबर 2016 में स्पीड योजना को बंद कर दिया था। इसके बाद स्वर्ण जयंती खेल नर्सरियों के तहत खिलाड़ियों को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सितंबर 2016 के बाद खिलाड़ियों का खर्चा भत्ता भी समाप्त हो गया था, लेकिन खिलाड़ियों ने अपना खेल प्रशिक्षण जारी रखा। वर्तमान में 130 पूर्व स्पीड खिलाड़ी नियमित रूप से नर्सरियों में अपने संबंधित खेल की तैयारी कर रहे हैं।
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जल्द ही शुरू होगी स्वर्ण जयंती खेल नर्सरियां
जिले में 10 खेलों के लिए लड़के व लड़कियों की अलग-अलग खेल नर्सरियों की आवेदन प्रक्रिया, काउंसलिंग व अन्य प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। अब केवल इंतजार है नर्सरियों में प्रशिक्षण का कार्य शुरू होने का। विभाग की ओर से खेल नर्सरियों के लिए 53 आवेदन मुख्यालय को भेजे गए थे। वहीं कुछ स्कूल व शिक्षण संस्थानों ने सीधे विभाग की वेबसाइट पर आवेदन किए हैं। मुख्यालय की ओर से आवेदनों की छटनी का काम जारी है। इसके बाद प्रत्येक जिले में नर्सरियां अलॉट कर दी जाएंगी। जिले में फुटबाल, आर्चरी, हैंडबाल, कबड्डी-खो-खो, बॉक्सिंग, रेसलिंग, एथलेटिक्स, वॉलीबाल, हॉकी, स्वीमिंग आदि 10 खेलों की लड़के व लड़कियों की अलग-अलग नर्सरियां खुलेंगी। इन नर्सरियों में हर वर्ष 500 खिलाडिय़ों को तैयार किया जाएगा, वहीं स्पीड की तर्ज पर खिलाड़ियों को 1500 से 2000 रुपए तक का खर्चा भत्ता भी मिलेगा।
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वर्जन
पिछले वर्ष में चली स्पीड योजना के तहत खिलाड़ियों का लंबित कई महीनों का खर्चा भत्ता विभाग के पास आ गया है। अब यह राशि खिलाड़ियों के खाते में डाल दी जाएगी। लेकिन हमारे खिलाड़ी खर्चा भत्ता नहीं मिलने के बाद भी नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं और अपने खेल की तैयारी कर रहे हैं। अब सारा फोकस स्वर्ण जयंती खेल नर्सरियों पर है। जल्द ही ये नर्सरियां शुरू होने वाली है। इनके माध्यम से काफी संख्या में जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारा जा सकेगा।
भारत ग्रोवर, डीएसओ, खेल विभाग
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बता दें कि प्रदेश सरकार की स्पीड योजना के तहत दिसंबर 2015 में चयनित खिलाड़ियों का खेल प्रशिक्षण शुरू हुआ था। योजना के तहत बच्चों को हर माह 22 अनिवार्य उपस्थिति के साथ 1500 से 2000 रुपये का खर्चा भत्ता दिया जाना था, लेकिन प्रशिक्षण शुरू होने से लेकर योजना के बंद होने तक खिलाड़ियों को खर्चा भत्ता नहीं मिला। जिला खेल विभाग और प्रशासन के बार-बार पत्र लिखे जाने के बाद नए साल में लंबित खर्चा भत्ता की राशि पहुंची है। इस सूचना से स्पीड खिलाड़ियों में खुशी है।
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योजना बंद, खेल जारी
स्पीड योजना के बंद होने के बाद भी जिलेभर की पांच खेल नर्सरियों में स्पीड खिलाड़ियों का प्रशिक्षण जारी है। प्रदेश सरकार ने सितंबर 2016 में स्पीड योजना को बंद कर दिया था। इसके बाद स्वर्ण जयंती खेल नर्सरियों के तहत खिलाड़ियों को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सितंबर 2016 के बाद खिलाड़ियों का खर्चा भत्ता भी समाप्त हो गया था, लेकिन खिलाड़ियों ने अपना खेल प्रशिक्षण जारी रखा। वर्तमान में 130 पूर्व स्पीड खिलाड़ी नियमित रूप से नर्सरियों में अपने संबंधित खेल की तैयारी कर रहे हैं।
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जल्द ही शुरू होगी स्वर्ण जयंती खेल नर्सरियां
जिले में 10 खेलों के लिए लड़के व लड़कियों की अलग-अलग खेल नर्सरियों की आवेदन प्रक्रिया, काउंसलिंग व अन्य प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। अब केवल इंतजार है नर्सरियों में प्रशिक्षण का कार्य शुरू होने का। विभाग की ओर से खेल नर्सरियों के लिए 53 आवेदन मुख्यालय को भेजे गए थे। वहीं कुछ स्कूल व शिक्षण संस्थानों ने सीधे विभाग की वेबसाइट पर आवेदन किए हैं। मुख्यालय की ओर से आवेदनों की छटनी का काम जारी है। इसके बाद प्रत्येक जिले में नर्सरियां अलॉट कर दी जाएंगी। जिले में फुटबाल, आर्चरी, हैंडबाल, कबड्डी-खो-खो, बॉक्सिंग, रेसलिंग, एथलेटिक्स, वॉलीबाल, हॉकी, स्वीमिंग आदि 10 खेलों की लड़के व लड़कियों की अलग-अलग नर्सरियां खुलेंगी। इन नर्सरियों में हर वर्ष 500 खिलाडिय़ों को तैयार किया जाएगा, वहीं स्पीड की तर्ज पर खिलाड़ियों को 1500 से 2000 रुपए तक का खर्चा भत्ता भी मिलेगा।
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वर्जन
पिछले वर्ष में चली स्पीड योजना के तहत खिलाड़ियों का लंबित कई महीनों का खर्चा भत्ता विभाग के पास आ गया है। अब यह राशि खिलाड़ियों के खाते में डाल दी जाएगी। लेकिन हमारे खिलाड़ी खर्चा भत्ता नहीं मिलने के बाद भी नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं और अपने खेल की तैयारी कर रहे हैं। अब सारा फोकस स्वर्ण जयंती खेल नर्सरियों पर है। जल्द ही ये नर्सरियां शुरू होने वाली है। इनके माध्यम से काफी संख्या में जिले की खेल प्रतिभाओं को निखारा जा सकेगा।
भारत ग्रोवर, डीएसओ, खेल विभाग
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