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स्कैबीज बीमारी की चपेट में जिले के लोग
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 15 Oct 2016 01:01 AM IST
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इन दिनों जिले के लोग स्कैबीज बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के त्वचा रोग विभाग में होने वाली ओपीडी का तीस फीसदी स्कैबीज रोगियों का होता है। यह बीमारी घर में एक व्यक्ति को होने पर पूरे परिवार को बीमारी का उपचार कराना पड़ता है। डॉक्टरों के अनुसार स्कूली बच्चों के एक दूसरे के संपर्क में आने के कारण पूरे स्कूल तक में यह बीमारी फैली सकती है। बीमारी से शरीर में तेज खुजली एवं दाने-दाने हो जाते हैं। यह बीमारी अक्तूबर से दिसंबर के महीने में ज्यादा फैलती है।
यह है स्कैबीज बीमारी
संक्रमण से फैलने वाली स्कैबीज बीमारी उन लोगों में ज्यादा होती है, जो ज्यादा खुले में रहते हैं। बरसात के बाद और तेज ठंड से पहले शरीर पर तेज खुजली से इसकी शुरूआत होती है। इसके बाद नाभी के चारों ओर छोटे-छोट दाने, बाजू पर एवं थाई पर इस तरह के दाने दिखाई देते हैं। दिन के समय इस बीमारी के रोगी को कोई परेशानी नहीं होती है। रात को सोने के समय शरीर पर खुजली होने लगती है। यदि उपचार न कराए तो धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दाने निकल आते हैं।
नागरिक अस्प्ताल में प्रतिदिन पचास मरीज
नागरिक अस्पताल के त्वचा विभाग में प्रतिदिन करीब 300 की ओपीडी होती है। इनमें से पचास लोग स्कैबीज बीमारी के आ रहे हैं। एसे लोग जिनको स्कैबीज है, उनके कपड़ों के संपर्क में आने से भी यह बीमारी फैल सकती है। निजी अस्पतालों में जहां इस बीमारी का मंहगा उपचार होता है। वहीं नागरिक अस्पताल में मरीज पांच रूपये की पर्ची कटवाकर उपचार करा सकता है।
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छोटे बच्चों का रखें ध्यान
डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चे स्कैबीज की चपेट में जल्दी आते हैं। इसलिए छोटे बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसी के साथ यदि एक बच्चे को यह बीमारी हो जाती है तो उसकी स्कूल से छुट्टी कराकर उसका उपचार कराना चाहिए। अन्यथा एक बच्चे से स्कूल के सभी बच्चों में यह बीमारी फैल सकती है। इसी के साथ यदि घर के अंदर भी किसी व्यक्ति को इस तरह के लक्ष्ण दिखाई दें तो वह अपने उपचार के साथ पूरे परिवार का उपचार कराए।
अस्पताल में प्रतिदिन करीब पचास स्कैबीज बीमारी के रोगी आ रहे हैं। संक्रमण से होने वाली इस बीमारी के लिए रोगी को अपने साथ परिवार का भी उपचार कराना चाहिए।
डॉ. मनोज यादव, चर्म रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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यह है स्कैबीज बीमारी
संक्रमण से फैलने वाली स्कैबीज बीमारी उन लोगों में ज्यादा होती है, जो ज्यादा खुले में रहते हैं। बरसात के बाद और तेज ठंड से पहले शरीर पर तेज खुजली से इसकी शुरूआत होती है। इसके बाद नाभी के चारों ओर छोटे-छोट दाने, बाजू पर एवं थाई पर इस तरह के दाने दिखाई देते हैं। दिन के समय इस बीमारी के रोगी को कोई परेशानी नहीं होती है। रात को सोने के समय शरीर पर खुजली होने लगती है। यदि उपचार न कराए तो धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दाने निकल आते हैं।
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नागरिक अस्प्ताल में प्रतिदिन पचास मरीज
नागरिक अस्पताल के त्वचा विभाग में प्रतिदिन करीब 300 की ओपीडी होती है। इनमें से पचास लोग स्कैबीज बीमारी के आ रहे हैं। एसे लोग जिनको स्कैबीज है, उनके कपड़ों के संपर्क में आने से भी यह बीमारी फैल सकती है। निजी अस्पतालों में जहां इस बीमारी का मंहगा उपचार होता है। वहीं नागरिक अस्पताल में मरीज पांच रूपये की पर्ची कटवाकर उपचार करा सकता है।
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छोटे बच्चों का रखें ध्यान
डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चे स्कैबीज की चपेट में जल्दी आते हैं। इसलिए छोटे बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसी के साथ यदि एक बच्चे को यह बीमारी हो जाती है तो उसकी स्कूल से छुट्टी कराकर उसका उपचार कराना चाहिए। अन्यथा एक बच्चे से स्कूल के सभी बच्चों में यह बीमारी फैल सकती है। इसी के साथ यदि घर के अंदर भी किसी व्यक्ति को इस तरह के लक्ष्ण दिखाई दें तो वह अपने उपचार के साथ पूरे परिवार का उपचार कराए।
अस्पताल में प्रतिदिन करीब पचास स्कैबीज बीमारी के रोगी आ रहे हैं। संक्रमण से होने वाली इस बीमारी के लिए रोगी को अपने साथ परिवार का भी उपचार कराना चाहिए।
डॉ. मनोज यादव, चर्म रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल