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आस्था कुंज में छह वर्षीय बच्ची की मौत, जांच में जुटी पुलिस
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पूछताछ करते चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य।
- फोटो : Rewari
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शहर के काली माता रोड स्थित आस्था कुंज परिसर में एडप्शन एजेंसी में रह रही करीब छह साल की बच्ची की रविवार सुबह मौत हो गई। पूरी तरह से विकलांग बच्ची एक माह पूर्व जीआरपी को स्टेशन पर लावारिस हालत में मिली थी। बच्ची की मौत सूचना के बाद बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन व सदस्य भी आस्था कुंज पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में भेज दिया गया है। गोकलगेट चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि 13 दिसंबर 2019 को शहर के रेलवे स्टेशन पर पहुंची दिल्ली पैसेंजर ट्रेन से जीआरपी ने मानसिक व शारीरिक रूप से विकलांग छह वर्षीय बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। बच्ची सुन व बोल भी नहीं सकती। ट्रामा सेंटर में जांच के बाद बच्ची को बाल कल्याण समिति ने आस्था कुंज में बनी एडप्शन एजेंसी में भेज दिया था। समिति बच्ची के अभिभावकों के बारे में जानकारी जुटा रही थी, परंतु उनका पता नहीं लग पाया था। बता दें कि ऐसे बच्चों को रखने के लिए सिरसा में केयर सेंटर बनाया गया है। ऐसे में बच्ची को वहां भेजा जाना था। लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण बच्ची को वहां नहीं भेजा जा सका था।
रविवार को हुई मौत
बच्ची की रविवार की सुबह मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद सीडब्ल्यूसी की चेयरपर्सन कुसुम शर्मा व अन्य सदस्य भी आस्था कुंज पहुंचे तथा जानकारी ली। गोकलगेट चौकी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में भेज दिया गया।
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यहां नहीं थी सुविधा
बच्ची जन्म से ही मानसिक व शारीरिक रूप से विकलांग थी। इस तरह के स्पेशल बच्चे को रखने के लिए यहां पर कोई सुविधा नहीं थी। इस प्रकार के बच्चों को रखने के लिए सिरसा में सेंटर बनाया हुआ है। बच्ची को भी वहीं भेजा जाना था। परंतु एक माह बीत जाने के बाद भी बच्ची को सिरसा नहीं भेजा गया था।
एडप्शन एजेंसी इंचार्ज धर्मबीर सिंह ने बताया कि बच्ची जन्म से ही विकलांग थी और स्टेशन पर लावारिस हालत में मिली थी। बाल कल्याण समिति द्वारा बच्ची को यहां रखा गया था तथा सोमवार को उसे सिरसा सेंटर में भेजा जाना था।
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उल्लेखनीय है कि 13 दिसंबर 2019 को शहर के रेलवे स्टेशन पर पहुंची दिल्ली पैसेंजर ट्रेन से जीआरपी ने मानसिक व शारीरिक रूप से विकलांग छह वर्षीय बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। बच्ची सुन व बोल भी नहीं सकती। ट्रामा सेंटर में जांच के बाद बच्ची को बाल कल्याण समिति ने आस्था कुंज में बनी एडप्शन एजेंसी में भेज दिया था। समिति बच्ची के अभिभावकों के बारे में जानकारी जुटा रही थी, परंतु उनका पता नहीं लग पाया था। बता दें कि ऐसे बच्चों को रखने के लिए सिरसा में केयर सेंटर बनाया गया है। ऐसे में बच्ची को वहां भेजा जाना था। लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण बच्ची को वहां नहीं भेजा जा सका था।
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रविवार को हुई मौत
बच्ची की रविवार की सुबह मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद सीडब्ल्यूसी की चेयरपर्सन कुसुम शर्मा व अन्य सदस्य भी आस्था कुंज पहुंचे तथा जानकारी ली। गोकलगेट चौकी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में भेज दिया गया।
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यहां नहीं थी सुविधा
बच्ची जन्म से ही मानसिक व शारीरिक रूप से विकलांग थी। इस तरह के स्पेशल बच्चे को रखने के लिए यहां पर कोई सुविधा नहीं थी। इस प्रकार के बच्चों को रखने के लिए सिरसा में सेंटर बनाया हुआ है। बच्ची को भी वहीं भेजा जाना था। परंतु एक माह बीत जाने के बाद भी बच्ची को सिरसा नहीं भेजा गया था।
एडप्शन एजेंसी इंचार्ज धर्मबीर सिंह ने बताया कि बच्ची जन्म से ही विकलांग थी और स्टेशन पर लावारिस हालत में मिली थी। बाल कल्याण समिति द्वारा बच्ची को यहां रखा गया था तथा सोमवार को उसे सिरसा सेंटर में भेजा जाना था।