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Rewari News: कम एएनसी पंजीकरण वाले क्षेत्र के जिम्मेदारों को जारी होगा कारण बताओ नोटिस
Sun, 02 Feb 2025 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 02 Feb 2025 11:26 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। भ्रूण लिंग जांच व भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ठोस कदम उठाया है। अब प्रत्येक गर्भवती की निगरानी होगी। अल्ट्रासाउंड से पहले गर्भवती का एएनसी (एब्सोल्यूट न्यूट्रोफिल काउंट) पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया। कम एएनसी पंजीकरण वाले क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा।
वर्ष 2024 में औसत लिंगानुपात 873 रहा है। अर्थात जिले में 1 हजार लड़कों के मुकाबले में 873 लड़कियों ने जन्म लिया है। वहीं, सरकारी व निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड से पहले गर्भवती महिला का एएनसी पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। जिनके पास पंजीकरण नंबर नहीं होगा, उनका अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाएगा। सिर्फ सत्यापित इमरजेंसी केस में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी। इतना ही नहीं पहली तिमाही में कम एएनसी पंजीकृत वाले एरिया के चिकित्सा अधिकारी, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा वर्कर, एएनएम व एलएचवी को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। इनका जवाब असंतोषजनक मिलने पर विभागीय कार्रवाई भी संभव है। बाकायदा, डीजी हेल्थ ने पत्र जारी करके डीसी व सिविल सर्जन को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस कवायद से ज्यादा से ज्यादा उच्च जोखिम गर्भधारण वाली गर्भवतियों की पहचान संभव होगी, जिनका समय पर इलाज शुरू करके डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की जान बचा सकेंगे।
आरसीएच पोर्टल पर होता है एएनसी पंजीकरण
आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती की एएनसी का पंजीकरण होता है। इसकी सुविधा गर्भवती के एरिया के सभी सरकारी अस्पतालों में मुहैया है। उन्होंने बताया कि गर्भवती का पूरा रिकार्ड रखने के लिए अब आरसीएच पोर्टल शुरू किया गया है। इस पर प्रत्येक गर्भवती का पंजीकरण अनिवार्य है। यह वन टाइम प्रक्रिया है। विभाग की तरफ से 12 अंकों का आरसीएच नंबर जारी किया जाएगा। यह विवरण संबंधित क्षेत्र के अस्पतालों में दर्ज होगा। इसे लेकर आईएमए के जरिए सभी निजी अस्पताल संचालकों को भी आरसीएच आईडी के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। इसके बिना किसी भी गर्भवती का अल्ट्रासाउंड नहीं हो सकेगा।
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नजदीकी सरकारी अस्पताल में कराएं पंजीकरण
डिप्टी सिविल सर्जन एवं पीसी-पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. भंवर सिंह बताया कि एएनसी पंजीकृत गर्भवती का ही अल्ट्रासाउंड हो सकेगा। कोई गर्भवती महिला अगर बिना पंजीकरण आती है तो उसे अपने एरिया के सरकारी अस्पताल में संपर्क के लिए कहें। उनको पंजीकरण कराना जरूरी है। यह वन टाइम प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि लिंगानुपात में सुधार को लेकर ही यह कदम उठाया गया है।
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रेवाड़ी। भ्रूण लिंग जांच व भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ठोस कदम उठाया है। अब प्रत्येक गर्भवती की निगरानी होगी। अल्ट्रासाउंड से पहले गर्भवती का एएनसी (एब्सोल्यूट न्यूट्रोफिल काउंट) पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया। कम एएनसी पंजीकरण वाले क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा।
वर्ष 2024 में औसत लिंगानुपात 873 रहा है। अर्थात जिले में 1 हजार लड़कों के मुकाबले में 873 लड़कियों ने जन्म लिया है। वहीं, सरकारी व निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड से पहले गर्भवती महिला का एएनसी पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। जिनके पास पंजीकरण नंबर नहीं होगा, उनका अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाएगा। सिर्फ सत्यापित इमरजेंसी केस में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी। इतना ही नहीं पहली तिमाही में कम एएनसी पंजीकृत वाले एरिया के चिकित्सा अधिकारी, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, आशा वर्कर, एएनएम व एलएचवी को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। इनका जवाब असंतोषजनक मिलने पर विभागीय कार्रवाई भी संभव है। बाकायदा, डीजी हेल्थ ने पत्र जारी करके डीसी व सिविल सर्जन को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस कवायद से ज्यादा से ज्यादा उच्च जोखिम गर्भधारण वाली गर्भवतियों की पहचान संभव होगी, जिनका समय पर इलाज शुरू करके डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की जान बचा सकेंगे।
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आरसीएच पोर्टल पर होता है एएनसी पंजीकरण
आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती की एएनसी का पंजीकरण होता है। इसकी सुविधा गर्भवती के एरिया के सभी सरकारी अस्पतालों में मुहैया है। उन्होंने बताया कि गर्भवती का पूरा रिकार्ड रखने के लिए अब आरसीएच पोर्टल शुरू किया गया है। इस पर प्रत्येक गर्भवती का पंजीकरण अनिवार्य है। यह वन टाइम प्रक्रिया है। विभाग की तरफ से 12 अंकों का आरसीएच नंबर जारी किया जाएगा। यह विवरण संबंधित क्षेत्र के अस्पतालों में दर्ज होगा। इसे लेकर आईएमए के जरिए सभी निजी अस्पताल संचालकों को भी आरसीएच आईडी के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। इसके बिना किसी भी गर्भवती का अल्ट्रासाउंड नहीं हो सकेगा।
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नजदीकी सरकारी अस्पताल में कराएं पंजीकरण
डिप्टी सिविल सर्जन एवं पीसी-पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. भंवर सिंह बताया कि एएनसी पंजीकृत गर्भवती का ही अल्ट्रासाउंड हो सकेगा। कोई गर्भवती महिला अगर बिना पंजीकरण आती है तो उसे अपने एरिया के सरकारी अस्पताल में संपर्क के लिए कहें। उनको पंजीकरण कराना जरूरी है। यह वन टाइम प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि लिंगानुपात में सुधार को लेकर ही यह कदम उठाया गया है।