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बगैर लाइसेंस चल रहे दो ईंट-भट्ठे सील, संचालकों पर मामला दर्ज
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बावल। गांव रसियावास में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने बिना लाइसेंस के चल रहे दो ईंट भट्ठों पर बुधवार को छापा मारा। इस दौरान दोनों ईंट भट्ठों को सील कर दिया गया। साथ ही भट्ठा संचालकों के खिलाफ बावल थाना में केस भी दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री उड़न दस्ते को गुप्त सूचना मिली थी कि कस्बा बावल के गांव रसियावास में संचालित मैसर्स भृर्तहरि ब्रिक्स कंपनी भट्ठा और चौधरी मातादीन भट्ठा कंपनी दोनों ही अवैध रूप से चल रहे है। सूचना के बाद मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह ने निरीक्षण खाद्य एवं आपूर्ति विभाग गजेंद्र सिंह, खनन विभाग निरीक्षक कुमारी आरजू, प्रदूषण बोर्ड के एईई हरीश कुमार के साथ मिलकर दोनों ही ईंट भट्ठों पर छापा मारा।
चौधरी मातादीन भट्ठा कंपनी पर मुनीम अलवर जिले के गांव गहणकर निवासी अमीचंद मिला, जिससे भट्ठे से संबंधित लाइसेंस मांगा तो वह पेश नहीं कर पाया। जांच की तो पता चला कि भट्ठे का लाइसेंस 24 सितंबर 2013 को रद्द हो चुका है। भट्ठे को रसियावास गांव का सुरेंद्र संचालित कर रहा है। भट्ठे पर 10 लाख ईंटें भी तैयार मिलीं, जिसमें 6 लाख कच्ची ईंटें शामिल थी।
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इसी तरह मैसर्स भृर्तहरि ब्रिक्स कंपनी के भट्ठे पर मुनीम बलजीत सिंह मिला। वह भी भट्ठे से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं पेश कर रहा। इस भट्ठे को गांव रसियावास का रघुवीर सिंह संचालित करता पाया गया, जबकि भट्ठे का लाइसेंस 15 मई 2018 को रद्द हो चुका है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की शिकायत पर बावल थाना पुलिस ने दोनों भट्ठा संचालकों के खिलाफ दी हरियाणा कंट्रोल ऑफ ब्रिक्स सप्लाई एक्ट सेक्शन 11 के तहत केस दर्ज किया है।
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मुख्यमंत्री उड़न दस्ते को गुप्त सूचना मिली थी कि कस्बा बावल के गांव रसियावास में संचालित मैसर्स भृर्तहरि ब्रिक्स कंपनी भट्ठा और चौधरी मातादीन भट्ठा कंपनी दोनों ही अवैध रूप से चल रहे है। सूचना के बाद मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह ने निरीक्षण खाद्य एवं आपूर्ति विभाग गजेंद्र सिंह, खनन विभाग निरीक्षक कुमारी आरजू, प्रदूषण बोर्ड के एईई हरीश कुमार के साथ मिलकर दोनों ही ईंट भट्ठों पर छापा मारा।
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चौधरी मातादीन भट्ठा कंपनी पर मुनीम अलवर जिले के गांव गहणकर निवासी अमीचंद मिला, जिससे भट्ठे से संबंधित लाइसेंस मांगा तो वह पेश नहीं कर पाया। जांच की तो पता चला कि भट्ठे का लाइसेंस 24 सितंबर 2013 को रद्द हो चुका है। भट्ठे को रसियावास गांव का सुरेंद्र संचालित कर रहा है। भट्ठे पर 10 लाख ईंटें भी तैयार मिलीं, जिसमें 6 लाख कच्ची ईंटें शामिल थी।
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इसी तरह मैसर्स भृर्तहरि ब्रिक्स कंपनी के भट्ठे पर मुनीम बलजीत सिंह मिला। वह भी भट्ठे से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं पेश कर रहा। इस भट्ठे को गांव रसियावास का रघुवीर सिंह संचालित करता पाया गया, जबकि भट्ठे का लाइसेंस 15 मई 2018 को रद्द हो चुका है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की शिकायत पर बावल थाना पुलिस ने दोनों भट्ठा संचालकों के खिलाफ दी हरियाणा कंट्रोल ऑफ ब्रिक्स सप्लाई एक्ट सेक्शन 11 के तहत केस दर्ज किया है।