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Rewari News: शिविर में 16551 लोगों की स्क्रीनिंग, टीबी के 8 मरीज मिले
Sun, 12 Jan 2025 03:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Jan 2025 03:29 AM IST
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फोटो : 10गांव में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगाया गया जांच शिविर। स्रोत : विभाग
- फोटो : मृतक सतेंद्र।
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। टीबी के मरीजों की पहचान कर उन्हें समय से उपचार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रीनिंग बढ़ाई है। इसके तहत 100 दिन का अभियान शुरू किया गया है। एक माह में 160 गांवों को कवर करते हुए विभाग ने अबतक 43 स्थानों पर शिविर लगाए जिसमें 16551 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। 2984 लोगों का एक्स-रे हुआ जिसमें टीबी के 23 मरीज पाए गए।
इसके अलावा 3302 लोगों के नमूने लिए गए। जिले में टीबी के 2530 मरीज हैं। अभियान के दौरान टीम हाई रिस्क श्रेणी में शामिल लोगों की जांच कर रही है। इनमें टीबी की पुष्टि होने पर उनका उपचार भी शुरू कराया जा रहा है। शिविर लगने से लोगों को जांच और उपचार के लिए नागरिक अस्पताल या फिर सीएचसी तक में जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। वहीं, विभाग ने दो मेडिकल मोबाइल यूनिट स्क्रीनिंग को लेकर तैनात की है।
प्रतिदिन एमएमयू अलग-अलग गांव में जाकर वहां पर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। एक मेडिकल यूनिट में एक ओपीडी मेडिकल ऑफिसर, 3 आशा वर्कर, 2 एएनएम, एक टीबी के सुपरवाइजर, दो कंप्यूटर ऑपरेटर व एक रेडियोग्राफर शामिल है। दो में से एक मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक्सरे की सुविधा दी गई है, जबकि दूसरी में एक्सरे की सुविधा नहीं दी गई है। जिन लोगोें में लक्षण पाए गए, उनकी जांच के लिए एक्सरे की सुविधा है।
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पोर्टल पर चढ़ाई जा रही रिपोर्ट
नागरिक अस्पताल स्थित प्रयोगशाला में रक्त सहित अन्य जांच होती है। रिपोर्ट आने के बाद लोगों को पॉजिटिव व निगेटिव के बारे में बता दिया जाता है। इसके बाद रिपोर्ट पोर्टल पर चढ़ाई जाती है और संबंधित विशेषज्ञ को भेजा जाएगा। विशेषज्ञ रिपोर्ट देखने के बाद मरीज का उपचार शुरू करेगा। शिविर में जिन लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है, उनमें पांच साल में टीबी से ठीक हुए लोग, तीन साल में टीबी मरीज के संपर्क में आए, 60 साल से ज्यादा उम्र वाले, स्मोकर, मधुमेह रोगी, बीएमआई (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) और रिहायशी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे, निर्माणाधीन स्थल पर काम करने वाले लोग शामिल है।
टीबी के लक्षण
2 हफ्ते से ज्यादा खांसी, शाम के समय तेज बुखार होना, छाती में दर्द, वजन का घटना, भूख न लगना, बलगम के साथ खून आना
वर्जनटीबी की जांच के लिए 100 दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया है जो 24 मार्च तक जारी रहेगा। इस दौरान लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है और टीबी की पुष्टि होने पर उपचार दिया जा रहा है। 43 जगह शिविर लगाए गए हैं। -डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। टीबी के मरीजों की पहचान कर उन्हें समय से उपचार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रीनिंग बढ़ाई है। इसके तहत 100 दिन का अभियान शुरू किया गया है। एक माह में 160 गांवों को कवर करते हुए विभाग ने अबतक 43 स्थानों पर शिविर लगाए जिसमें 16551 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। 2984 लोगों का एक्स-रे हुआ जिसमें टीबी के 23 मरीज पाए गए।
इसके अलावा 3302 लोगों के नमूने लिए गए। जिले में टीबी के 2530 मरीज हैं। अभियान के दौरान टीम हाई रिस्क श्रेणी में शामिल लोगों की जांच कर रही है। इनमें टीबी की पुष्टि होने पर उनका उपचार भी शुरू कराया जा रहा है। शिविर लगने से लोगों को जांच और उपचार के लिए नागरिक अस्पताल या फिर सीएचसी तक में जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। वहीं, विभाग ने दो मेडिकल मोबाइल यूनिट स्क्रीनिंग को लेकर तैनात की है।
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प्रतिदिन एमएमयू अलग-अलग गांव में जाकर वहां पर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। एक मेडिकल यूनिट में एक ओपीडी मेडिकल ऑफिसर, 3 आशा वर्कर, 2 एएनएम, एक टीबी के सुपरवाइजर, दो कंप्यूटर ऑपरेटर व एक रेडियोग्राफर शामिल है। दो में से एक मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक्सरे की सुविधा दी गई है, जबकि दूसरी में एक्सरे की सुविधा नहीं दी गई है। जिन लोगोें में लक्षण पाए गए, उनकी जांच के लिए एक्सरे की सुविधा है।
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पोर्टल पर चढ़ाई जा रही रिपोर्ट
नागरिक अस्पताल स्थित प्रयोगशाला में रक्त सहित अन्य जांच होती है। रिपोर्ट आने के बाद लोगों को पॉजिटिव व निगेटिव के बारे में बता दिया जाता है। इसके बाद रिपोर्ट पोर्टल पर चढ़ाई जाती है और संबंधित विशेषज्ञ को भेजा जाएगा। विशेषज्ञ रिपोर्ट देखने के बाद मरीज का उपचार शुरू करेगा। शिविर में जिन लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है, उनमें पांच साल में टीबी से ठीक हुए लोग, तीन साल में टीबी मरीज के संपर्क में आए, 60 साल से ज्यादा उम्र वाले, स्मोकर, मधुमेह रोगी, बीएमआई (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) और रिहायशी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे, निर्माणाधीन स्थल पर काम करने वाले लोग शामिल है।
टीबी के लक्षण
2 हफ्ते से ज्यादा खांसी, शाम के समय तेज बुखार होना, छाती में दर्द, वजन का घटना, भूख न लगना, बलगम के साथ खून आना
वर्जनटीबी की जांच के लिए 100 दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया है जो 24 मार्च तक जारी रहेगा। इस दौरान लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है और टीबी की पुष्टि होने पर उपचार दिया जा रहा है। 43 जगह शिविर लगाए गए हैं। -डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।

खोली में शांतनु का स्वागत करते कांग्रेस कार्यकर्ता। -संवाद