{"_id":"6aa6def57696381162075dc0","slug":"rural-sanitation-workers-upset-over-salary-deduction-during-illness-rewari-news-c-198-1-rew1001-245370-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बीमारी में वेतन कटौती से ग्रामीण सफाई कर्मचारी नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बीमारी में वेतन कटौती से ग्रामीण सफाई कर्मचारी नाराज
Sun, 13 Sep 2026 11:05 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:05 PM IST
विज्ञापन
नेहरू पार्क में बैठक करते ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। नेहरू पार्क में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित सीटू की जिलास्तरीय बैठक जिला प्रधान राजकुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें बीमारी में सफाईकर्मियों का वेतन काटने पर नाराजगी जताई गई। अन्य मांगों पर चर्चा की गई।
जिला प्रधान राजकुमार ने आरोप लगाया कि कर्मचारी के बीमार होने पर संबंधित अधिकारियों को समय पर सूचना देने के बावजूद वेतन काट दिया जाता है। कई मामलों में कर्मचारियों को कटौती का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया जाता।
उन्होंने कहा कि सीमित वेतन में परिवार का पालन-पोषण करने वाले कर्मचारियों के वेतन में बिना उचित कारण कटौती करना अन्याय है। यूनियन सभी ब्लॉकों से ऐसे मामलों की जानकारी जुटाकर जल्द जिला प्रशासन को शिकायत सौंपेगी।
विज्ञापन
सीटू जिला उपाध्यक्ष रामकुमार ने बताया कि 29 मई को सरकार के साथ हुए समझौते के तहत हर माह की 7 तारीख तक वेतन भुगतान का प्रावधान है। निर्धारित तारीख तक वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारी को 500 रुपये अतिरिक्त दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
राजकुमार ने बताया कि जिले के रेवाड़ी, बावल, धारूहेड़ा, नाहड़, खोल, डाहिना और जाटूसाना समेत सात ब्लॉक हैं। कर्मचारियों की लंबे समय से ईएसआई कार्ड और ड्यूटी व आईडी कार्ड की मांग है।
सरकार ने पीएफ और ईएसआई से संबंधित काम निजी एजेंसी के बजाय सीधे बीडीपीओ कार्यालय से कराने का निर्णय लिया है। यूनियन ने इसका स्वागत किया।
16 मांगों पर हुआ था समझौता
राजकुमार ने बताया कि 15 से 29 मई 2026 तक चली हड़ताल के बाद 29 मई को सरकार के साथ 16 मांगों पर समझौता हुआ था। इसके बाद करीब 8-9 पत्र जारी हो चुके हैं। इनमें जनवरी से जून 2026 का 12,600 रुपये एरियर, चुनावी ड्यूटी का 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता, 1,500 रुपये वार्षिक धुलाई भत्ता, 6,000 रुपये वर्दी भत्ता और पुरानी हड़ताल के काटे गए वेतन का भुगतान शामिल है। जुलाई से 2,100 रुपये वेतन बढ़ोतरी का पत्र भी जारी हो चुका है।
विज्ञापन
जिला प्रधान राजकुमार ने आरोप लगाया कि कर्मचारी के बीमार होने पर संबंधित अधिकारियों को समय पर सूचना देने के बावजूद वेतन काट दिया जाता है। कई मामलों में कर्मचारियों को कटौती का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया जाता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सीमित वेतन में परिवार का पालन-पोषण करने वाले कर्मचारियों के वेतन में बिना उचित कारण कटौती करना अन्याय है। यूनियन सभी ब्लॉकों से ऐसे मामलों की जानकारी जुटाकर जल्द जिला प्रशासन को शिकायत सौंपेगी।
विज्ञापन
सीटू जिला उपाध्यक्ष रामकुमार ने बताया कि 29 मई को सरकार के साथ हुए समझौते के तहत हर माह की 7 तारीख तक वेतन भुगतान का प्रावधान है। निर्धारित तारीख तक वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारी को 500 रुपये अतिरिक्त दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
राजकुमार ने बताया कि जिले के रेवाड़ी, बावल, धारूहेड़ा, नाहड़, खोल, डाहिना और जाटूसाना समेत सात ब्लॉक हैं। कर्मचारियों की लंबे समय से ईएसआई कार्ड और ड्यूटी व आईडी कार्ड की मांग है।
सरकार ने पीएफ और ईएसआई से संबंधित काम निजी एजेंसी के बजाय सीधे बीडीपीओ कार्यालय से कराने का निर्णय लिया है। यूनियन ने इसका स्वागत किया।
16 मांगों पर हुआ था समझौता
राजकुमार ने बताया कि 15 से 29 मई 2026 तक चली हड़ताल के बाद 29 मई को सरकार के साथ 16 मांगों पर समझौता हुआ था। इसके बाद करीब 8-9 पत्र जारी हो चुके हैं। इनमें जनवरी से जून 2026 का 12,600 रुपये एरियर, चुनावी ड्यूटी का 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता, 1,500 रुपये वार्षिक धुलाई भत्ता, 6,000 रुपये वर्दी भत्ता और पुरानी हड़ताल के काटे गए वेतन का भुगतान शामिल है। जुलाई से 2,100 रुपये वेतन बढ़ोतरी का पत्र भी जारी हो चुका है।