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Rewari News: रोडवेज सांझा मोर्चा ने महाप्रबंधक पर लगाए मनमानी के आरोप
Wed, 08 May 2024 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 08 May 2024 01:43 AM IST
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रेवाड़ी। रोडवेज जीएम देवदत्त को ज्ञापन सौंपते हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा के पदाधिकारी। स्रोत :
रेवाड़ी। हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा ने रोडवेज महाप्रबंधक को मंगलवार को मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। इस मौके पर प्रधान राजपाल यादव, प्रधान शवि कुमार, प्रधान संजय यादव, प्रधान प्रवीन यादव, प्रधान राजेंद्र टिकला मौजूद रहे। मुख्य मांग कर्मचारियों की एलटीसी, 15 महीने का रात्रि भत्ता, 12 महीने का ओवरटाइम, शिक्षा भता, डीए एरियर, 16 नवंबर 2023 का 1 दिन की स्ट्राइक की सेलरी रहा।
कर्मचारियों ने कहा कि 3 अप्रैल को पत्र जारी कर दिया गया था और कर्मचारियों की बकाया 15 माह का नाइट अलाउंस पर भी रोक लगा दी गई है। जिसमें साफ लिखा है कि किसी भी कर्मचारी को एक माह में 10 दिन से ज्यादा नाइट अलाउंस नहीं दिया जाएगा, लेकिन कार्य निरीक्षक ने कर्मचारियों को अप्रैल में निर्देश के बाद भी लगभग 25 से 30 दिन तक नाइट पर भेजा। इस बारे में यूनियन ने जब महाप्रबंधक से पूछा कि पत्र जारी करने के बाद भी कर्मचारी से एक माह में 10 से ज्यादा नाइट क्यों करवाई जा रही है तो उन्होंने गोलमोल सा जवाब दिया और कहा कि निदेशालय के नियमानुसार कार्य किया जा रहा है।
वहीं कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रेवाड़ी डिपो के महाप्रबंधक की ओर से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। जब तक महाप्रबंधक लिखित में कोई आश्वासन नहीं देते हैं तब तक कोई भी कर्मचारी नाइट पर नहीं जाएगा। इसकी जिम्मेदारी महाप्रबंधक की होगी। इसके लिए कर्मचारी आंदोलन के लिए भी तैयार हैं। इसकी जिम्मेदारी महाप्रबंधक डिपो की होगी।
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कर्मचारियों ने कहा कि 3 अप्रैल को पत्र जारी कर दिया गया था और कर्मचारियों की बकाया 15 माह का नाइट अलाउंस पर भी रोक लगा दी गई है। जिसमें साफ लिखा है कि किसी भी कर्मचारी को एक माह में 10 दिन से ज्यादा नाइट अलाउंस नहीं दिया जाएगा, लेकिन कार्य निरीक्षक ने कर्मचारियों को अप्रैल में निर्देश के बाद भी लगभग 25 से 30 दिन तक नाइट पर भेजा। इस बारे में यूनियन ने जब महाप्रबंधक से पूछा कि पत्र जारी करने के बाद भी कर्मचारी से एक माह में 10 से ज्यादा नाइट क्यों करवाई जा रही है तो उन्होंने गोलमोल सा जवाब दिया और कहा कि निदेशालय के नियमानुसार कार्य किया जा रहा है।
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वहीं कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रेवाड़ी डिपो के महाप्रबंधक की ओर से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। जब तक महाप्रबंधक लिखित में कोई आश्वासन नहीं देते हैं तब तक कोई भी कर्मचारी नाइट पर नहीं जाएगा। इसकी जिम्मेदारी महाप्रबंधक की होगी। इसके लिए कर्मचारी आंदोलन के लिए भी तैयार हैं। इसकी जिम्मेदारी महाप्रबंधक डिपो की होगी।
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