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रोडवेज की निशुल्क बस सेवा से बसों में मारामारी
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Fri, 19 Aug 2016 01:02 AM IST
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बहनों को दी गई फ्री बस सेवा दिनभर आफत बनी रही
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज विभाग की ओर से बहनों को दी गई फ्री बस सेवा दिनभर आफत बनी रही। फ्री बस सेवा का लाभ मिलने की बजाय बहनों को कई घंटे तक बस के इंतजार में खड़े रहना पड़ा। रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज बस व्यवस्था सुचारु होने की बजाय पूर्ण अव्यवस्थित नजर आई।
यात्रियों की भीड़ के हिसाब से विभाग अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त बसों के भी कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए, जिसके चलते उपलब्ध बसों में मारामारी रही और बहनों को भारी भीड़ के बीच खड़े रहकर बसों में सफर करना पड़ा। बता दें कि विभाग की ओर से 36 घंटे के लिए गुरुवार रात्रि 12 बजे तक के लिए बहनों के रोडवेज सफर फ्री किया था। वहीं बहनों को बेहतर व सुचारु रोडवेज सेवा देने के लिए बस स्टॉपेज पर कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर बस संचालक के लिए अलग-अलग जिम्मेवारियां भी सौंपी गई थी, लेकिन गुरुवार को तमाम इंतजाम लटकते नजर आए।
खाली पड़े रहे बूथ, बहनें करती रहीं इंतजार
गुरुवार को बस स्टैंड परिसर का नजारा कुछ ऐसा था कि लगभग बूथ खाली थे, न तो बूथ पर निर्धारित समय पर बसें उपलब्ध करवाई गई और ना ही भीड़ के अनुसार अतिरिक्त बसें उपलब्ध करवाई गई। वहीं खाली बूथ पर बस के इंतजार में खड़ी बहने बस का इंतजार करती रही। दूसरी ओर आम सवारियों को भी लचर व्यवस्था का खामियाजा भुगतना पड़ा।
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रोडवेज की लचर व्यवस्था का प्राइवेट बसों ने लिया लाभ
रोडवेज की व्यवस्था गड़बड़ा जाने से प्रत्येक रूट पर प्राईवेट बस संचालकों ने निर्धारित ठहराव समय से अधिक समय तक बस को बूथ पर लगाए रखा और खचाखच सवारियां भरकर रवाना हुए। रोडवेज की अतिरिक्त बसें व नियमित समय पर बसें उपलब्ध नहीं होने की वजह से प्राईवेट बस संचालकों ने इसका लाभ उठाया।
सहकारी समिति बस कंडक्टरों पर भड़की बहनें
रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज विभाग की ओर से सहकारी समिति की बस संचालकों को भी निशुल्क बस सेवा मुहैया कराने के दिशा-निर्देश दिए थे। सहकारी समिति की बसों ने बस स्टैंड बूथ से सवारियां बिना टिकट के बैठा ली और बाहर निकलते ही बावल व नाईवाली चौक पर सवारियों को उतार दिया। महेंद्रगढ़ रूट पर कनीना जाने वाली दो महिलाओं ने रोडवेज अधिकारियों की इस प्रकरण की शिकायत की। बहनो ने बताया उन्हें कनीना जाना था, हमें बस स्टैंड से बिना टिकट के बैठा लिया गया, लेकिन बस के बाहर निकलते ही परिचालक ने टिकट लेने के लिए कहा, जब विरोध किया तो बस से उतार दिया। वहीं बसों को चिह्नित कर रोडवेज अधिकारियों ने बस चालक-परिचालक को फटकार लगाई तथा बहनों को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
रक्षाबंधन पर्व पर बहनों की सुविधा के लिए रोडवेज बस निशुल्क सेवा के पूर्ण इंतजाम थे। अधिक भीड़ होने की वजह से बहनों को बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ा, उसके लिए हमें खेद है। वहीं कार्ययोजना के तहत प्रत्येक रोडवेज कर्मी बस स्टैंड परिसर में व्यवस्था को सुचारु बनाने में लगा हुआ था। यात्रियों के हिसाब से अतिरिक्त बसें भी उपलब्ध करवाई गई थी।
-देवेंद्र तिवाड़ी, प्रवक्ता, रोडवेज यूनियन
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यात्रियों की भीड़ के हिसाब से विभाग अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त बसों के भी कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए, जिसके चलते उपलब्ध बसों में मारामारी रही और बहनों को भारी भीड़ के बीच खड़े रहकर बसों में सफर करना पड़ा। बता दें कि विभाग की ओर से 36 घंटे के लिए गुरुवार रात्रि 12 बजे तक के लिए बहनों के रोडवेज सफर फ्री किया था। वहीं बहनों को बेहतर व सुचारु रोडवेज सेवा देने के लिए बस स्टॉपेज पर कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर बस संचालक के लिए अलग-अलग जिम्मेवारियां भी सौंपी गई थी, लेकिन गुरुवार को तमाम इंतजाम लटकते नजर आए।
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खाली पड़े रहे बूथ, बहनें करती रहीं इंतजार
गुरुवार को बस स्टैंड परिसर का नजारा कुछ ऐसा था कि लगभग बूथ खाली थे, न तो बूथ पर निर्धारित समय पर बसें उपलब्ध करवाई गई और ना ही भीड़ के अनुसार अतिरिक्त बसें उपलब्ध करवाई गई। वहीं खाली बूथ पर बस के इंतजार में खड़ी बहने बस का इंतजार करती रही। दूसरी ओर आम सवारियों को भी लचर व्यवस्था का खामियाजा भुगतना पड़ा।
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रोडवेज की लचर व्यवस्था का प्राइवेट बसों ने लिया लाभ
रोडवेज की व्यवस्था गड़बड़ा जाने से प्रत्येक रूट पर प्राईवेट बस संचालकों ने निर्धारित ठहराव समय से अधिक समय तक बस को बूथ पर लगाए रखा और खचाखच सवारियां भरकर रवाना हुए। रोडवेज की अतिरिक्त बसें व नियमित समय पर बसें उपलब्ध नहीं होने की वजह से प्राईवेट बस संचालकों ने इसका लाभ उठाया।
सहकारी समिति बस कंडक्टरों पर भड़की बहनें
रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज विभाग की ओर से सहकारी समिति की बस संचालकों को भी निशुल्क बस सेवा मुहैया कराने के दिशा-निर्देश दिए थे। सहकारी समिति की बसों ने बस स्टैंड बूथ से सवारियां बिना टिकट के बैठा ली और बाहर निकलते ही बावल व नाईवाली चौक पर सवारियों को उतार दिया। महेंद्रगढ़ रूट पर कनीना जाने वाली दो महिलाओं ने रोडवेज अधिकारियों की इस प्रकरण की शिकायत की। बहनो ने बताया उन्हें कनीना जाना था, हमें बस स्टैंड से बिना टिकट के बैठा लिया गया, लेकिन बस के बाहर निकलते ही परिचालक ने टिकट लेने के लिए कहा, जब विरोध किया तो बस से उतार दिया। वहीं बसों को चिह्नित कर रोडवेज अधिकारियों ने बस चालक-परिचालक को फटकार लगाई तथा बहनों को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
रक्षाबंधन पर्व पर बहनों की सुविधा के लिए रोडवेज बस निशुल्क सेवा के पूर्ण इंतजाम थे। अधिक भीड़ होने की वजह से बहनों को बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ा, उसके लिए हमें खेद है। वहीं कार्ययोजना के तहत प्रत्येक रोडवेज कर्मी बस स्टैंड परिसर में व्यवस्था को सुचारु बनाने में लगा हुआ था। यात्रियों के हिसाब से अतिरिक्त बसें भी उपलब्ध करवाई गई थी।
-देवेंद्र तिवाड़ी, प्रवक्ता, रोडवेज यूनियन