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जेएलएन नहर सूखी, वाटर टैंक खाली, आधे से ज्यादा शहर प्यासा
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:51 AM IST
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खाली
- फोटो : अमर उजाला
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शहर को पीने और अन्य कामों के लिए पानी मुहैया कराने वाली जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) नहर पूरी तरह सूख चुकी है। हालांकि शहर के लिए नहर में पानी न आना पुरानी बात नहीं है। 4 मार्च से नहर में पानी नहीं आया है, समस्या तब गंभीर होती दिखती है जब रूटीन में 16 दिन नहर बंदी बढ़कर 24 दिन की हो गई और यह मियाद पूरी होने के बावजूद नहर में पानी अभी तक नहीं पहुंचा है। आलम यह है कि अब पूरे शहर को पानी मुहैया कराने वाले कालका वाटर वर्क्स के पांच में से तीन एसएस टैंक लगभग पूरी तरह सूख चुके हैं। महज दो टैंक में कुछ फिट ही पानी है, वह भी आधा दर्जन कॉलोनियों के लिए सिर्फ एक समय का। ऐसे में मंगलवार को आधा शहर और खासकर पुराना रेवाड़ी एरिया पानी की किल्लत से जूझता रहा। वहीं बुधवार को हालात और भी भयावह होने की उम्मीद है। हालांकि सिंचाई विभाग का दावा है कि बुधवार की रात तक नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक ऐसे दावे तीन से चार दिन के दौरान पहले भी किए जा चुके हैं। ऐसे में बढ़ती गर्मी को मद्देनजर रखते हुए अगर बुधवार रात को नहर में पानी नहीं आया तो बृहस्पतिवार को शहरवासियों की समस्याओं में खासा इजाफा हो सकता है।
यहां-यहां मंगलवार को नहीं आया पानी
तय मियाद तक जेएलएन नहर में पानी न छोड़े जाने के कारण रेवाड़ी शहर की कई कॉलोनियां मंगलवार को पानी से महरूम रहीं। इन कॉलोनियों में खासापुरा, पुरानी तहसील, स्वामीवाड़ा, मेहरवाड़ा, चौधरीवाड़ा, सर्कुलर रोड के अंदर का लगभग पूरा एरिया शामिल है।
कॉलोनी जो आज रहेंगी पानी से महरूम
टीपी स्कीम, साधूशाह नगर, आनंद नगर, दिल्ली गेट के आसपास का बाहरी एरिया, चौधरीवाड़ा का कुछ एरिया, मीट मार्केट और आसपास का एरिया।
महज 15 दिन की है पांच एसएस टैंकों की कैपीसिटी
पूरे शहर को पानी मुहैया करने वाले कालका वाटर वर्क्स में कुल पांच स्टोरेज एंड सेनीटेशन (एसएस) वाटर टैंक्स की कैपिसिटी 782 लाख गैलन पानी स्टोर करने की है। इससे करीब पौने दो लाख लोगों को रोजाना 210 लाख लीटर के लिहाज से 15 दिन तक की पानी की पूर्ति की जाती है। अब पानी 24 दिन में आना शुरू हो गया है, जिसके चलते समस्या बढ़ी है।
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एक और टैंक तैयार हो, तब बने बात
नहरी पानी पर आश्रित शहर की जनता की पानी की समस्या तभी दूर हो सकती है, जब सेम कैपिसिटी का एक और वाटर टैंक तैयार कराया जाए। इससे नहर में पानी आने पर ज्यादा स्टोरेज किया जा सकेगा और पानी की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
अमर उजाला की अपील: रोज पानी चाहिए तो आज बचाइये
नहर में पानी आने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सप्लाई मिलने पर कई बार लोग पानी की आपूर्ति पूरी होने के बावजूद पानी के नल बंद नहीं करते हैं। इसके चलते कई हजार लीटर पानी नालियों में व्यर्थ ही चला जाता है। पानी की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में अमर उजाला शहर की जनता से अपील करता है कि पानी बचाएं क्योंकि रोज पानी चाहिए तो आज पानी बचाइये।
विभाग की ओर से पानी की जितनी सप्लाई शहरवासियों को की जा सकती है, हो रही है। 15 दिन की कैपिसिटी होने के बावजूद लोगों को 25 दिन तक पानी किसी तरह मुहैया कराया गया है। उम्मीद है कि पानी बुधवार को आ जाएगा, अगर ऐसा न हुआ तो पानी की समस्या बढ़ेगी।
अशोक डागर, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
शाम तक आ जाएगा नहर में पानी: एसई
पानी के ब्लॉक अन्य जगहों पर बढने की वजह से 16 दिन की जगह अब 24 दिनों में पानी आता है। इस बार कुछ और देरी हो गई। डिपार्टमेंट के अन्य अधिकारियों से बात हुई है। रात तक जेएलएन नहर में पानी आ जाएगा। -एसके सिंगला, एसई, नहरी सिंचाई विभाग
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यहां-यहां मंगलवार को नहीं आया पानी
तय मियाद तक जेएलएन नहर में पानी न छोड़े जाने के कारण रेवाड़ी शहर की कई कॉलोनियां मंगलवार को पानी से महरूम रहीं। इन कॉलोनियों में खासापुरा, पुरानी तहसील, स्वामीवाड़ा, मेहरवाड़ा, चौधरीवाड़ा, सर्कुलर रोड के अंदर का लगभग पूरा एरिया शामिल है।
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कॉलोनी जो आज रहेंगी पानी से महरूम
टीपी स्कीम, साधूशाह नगर, आनंद नगर, दिल्ली गेट के आसपास का बाहरी एरिया, चौधरीवाड़ा का कुछ एरिया, मीट मार्केट और आसपास का एरिया।
महज 15 दिन की है पांच एसएस टैंकों की कैपीसिटी
पूरे शहर को पानी मुहैया करने वाले कालका वाटर वर्क्स में कुल पांच स्टोरेज एंड सेनीटेशन (एसएस) वाटर टैंक्स की कैपिसिटी 782 लाख गैलन पानी स्टोर करने की है। इससे करीब पौने दो लाख लोगों को रोजाना 210 लाख लीटर के लिहाज से 15 दिन तक की पानी की पूर्ति की जाती है। अब पानी 24 दिन में आना शुरू हो गया है, जिसके चलते समस्या बढ़ी है।
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एक और टैंक तैयार हो, तब बने बात
नहरी पानी पर आश्रित शहर की जनता की पानी की समस्या तभी दूर हो सकती है, जब सेम कैपिसिटी का एक और वाटर टैंक तैयार कराया जाए। इससे नहर में पानी आने पर ज्यादा स्टोरेज किया जा सकेगा और पानी की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
अमर उजाला की अपील: रोज पानी चाहिए तो आज बचाइये
नहर में पानी आने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सप्लाई मिलने पर कई बार लोग पानी की आपूर्ति पूरी होने के बावजूद पानी के नल बंद नहीं करते हैं। इसके चलते कई हजार लीटर पानी नालियों में व्यर्थ ही चला जाता है। पानी की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में अमर उजाला शहर की जनता से अपील करता है कि पानी बचाएं क्योंकि रोज पानी चाहिए तो आज पानी बचाइये।
विभाग की ओर से पानी की जितनी सप्लाई शहरवासियों को की जा सकती है, हो रही है। 15 दिन की कैपिसिटी होने के बावजूद लोगों को 25 दिन तक पानी किसी तरह मुहैया कराया गया है। उम्मीद है कि पानी बुधवार को आ जाएगा, अगर ऐसा न हुआ तो पानी की समस्या बढ़ेगी।
अशोक डागर, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
शाम तक आ जाएगा नहर में पानी: एसई
पानी के ब्लॉक अन्य जगहों पर बढने की वजह से 16 दिन की जगह अब 24 दिनों में पानी आता है। इस बार कुछ और देरी हो गई। डिपार्टमेंट के अन्य अधिकारियों से बात हुई है। रात तक जेएलएन नहर में पानी आ जाएगा। -एसके सिंगला, एसई, नहरी सिंचाई विभाग