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बर्ड फ्लू के लिए त्वरित रेस्पांस टीम गठित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:39 AM IST
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Alert of bird flu in chandigarh
- फोटो : Demo Pic
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प्रदेश में कई जिलों में पक्षी मरने की खबर के बाद रेवाड़ी में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिक अस्पताल में त्वरित रेस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है। जिले में कहीं पर भी किसी पक्षी के मरने की खबर मिलती है तो इसके लिए भाड़ावास चौक स्थित वेटेरनिटी अस्पताल की टीम हरकत में आएगी। विभाग का कहना है कि यदि कहीं पर भी किसी पक्षी के मरने की सूचना मिलती है तो इसके लिए प्रशासन को सूचित करें ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।
प्रदेश के कई जिलों में पक्षियों के मरने की खबर के बाद सीएमओ डॉ. बीके राजौरा के निर्देश पर नागरिक अस्पताल में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जेके सैनी के नेतृत्व में त्वरित रेस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है। टीम को जिले में यदि कहंीं पर भी बर्ड फ्लू के लक्षण दिखाईं देंगे तो टीम वहां पर जाकर जांच एवं रोकथाम का काम शुरू करेगी।
पक्षी मरा मिले तो दे सूचना
डॉ. जेके सैनी ने बताया कि यदि किसी भी नागरिक को कहीं पर पक्षी मरने की सूचना मिलती है तो वह नागरिक अस्पताल एवं वेटरनिटी अस्पताल में इसकी सूचना दे ताकि जांच व उपचार का काम शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि पक्षी मरना हालांकि बर्ड फ्लू का निश्चित लक्षण नहीं है फिर आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिल में अभी तक ऐसा कोई केस सामने नहीं आया है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है।
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बच्चों को पक्षियों से रखें दूर
बर्ड फ्लू की चपेट में सर्वप्रथम पक्षी आते हैं। इसके बाद पक्षियों से बच्चों को यह अपनी चपेट में ले लेता है। डॉ जेके सैनी ने कहा कि बच्चो में इम्यूनिटी कम होने के कारण बर्ड फ्लू वायरस बच्चों को अपनी चपेट में लेता है। इसलिए बच्चों को पक्षियों एवं जानवरों से दूर रखना चाहिए।
यह हैं लक्षण
यदि किसी बच्चे या बड़े में कफ, डायरिया, सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार, सर दर्द, मसल पेन और नाक में सांस लेते वक्त साउंड जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो पीड़ित को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके लिए नागरिक अस्पताल में मुफ्त जांच की सुविधा है। यहां पर सैंपल लेने के बाद जांच के लिए करनाल एवं अन्य लैब में भेजा जाता है।
जिले में बर्ड फ्लू से निपटने के लिए डॉक्टरों की त्वरित रेस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है। किसी भी व्यक्ति को लक्षण दिखाई देने पर वह नागरिक अस्पताल आकर अपनी उपचार करा सकता है। -डॉ. बीके राजौरा, सीएमओ, रेवाड़ी।
प्रदेश के कई जिलों में पक्षियों के मरने की खबर के बाद सीएमओ डॉ. बीके राजौरा के निर्देश पर नागरिक अस्पताल में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जेके सैनी के नेतृत्व में त्वरित रेस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है। टीम को जिले में यदि कहंीं पर भी बर्ड फ्लू के लक्षण दिखाईं देंगे तो टीम वहां पर जाकर जांच एवं रोकथाम का काम शुरू करेगी।
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पक्षी मरा मिले तो दे सूचना
डॉ. जेके सैनी ने बताया कि यदि किसी भी नागरिक को कहीं पर पक्षी मरने की सूचना मिलती है तो वह नागरिक अस्पताल एवं वेटरनिटी अस्पताल में इसकी सूचना दे ताकि जांच व उपचार का काम शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि पक्षी मरना हालांकि बर्ड फ्लू का निश्चित लक्षण नहीं है फिर आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिल में अभी तक ऐसा कोई केस सामने नहीं आया है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है।
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बच्चों को पक्षियों से रखें दूर
बर्ड फ्लू की चपेट में सर्वप्रथम पक्षी आते हैं। इसके बाद पक्षियों से बच्चों को यह अपनी चपेट में ले लेता है। डॉ जेके सैनी ने कहा कि बच्चो में इम्यूनिटी कम होने के कारण बर्ड फ्लू वायरस बच्चों को अपनी चपेट में लेता है। इसलिए बच्चों को पक्षियों एवं जानवरों से दूर रखना चाहिए।
यह हैं लक्षण
यदि किसी बच्चे या बड़े में कफ, डायरिया, सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार, सर दर्द, मसल पेन और नाक में सांस लेते वक्त साउंड जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो पीड़ित को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके लिए नागरिक अस्पताल में मुफ्त जांच की सुविधा है। यहां पर सैंपल लेने के बाद जांच के लिए करनाल एवं अन्य लैब में भेजा जाता है।
जिले में बर्ड फ्लू से निपटने के लिए डॉक्टरों की त्वरित रेस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है। किसी भी व्यक्ति को लक्षण दिखाई देने पर वह नागरिक अस्पताल आकर अपनी उपचार करा सकता है। -डॉ. बीके राजौरा, सीएमओ, रेवाड़ी।