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औद्योगिक नगरी के नाम से विख्यात है रेवाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2016 11:39 PM IST
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विश्व मानचित्र पर औद्योगिक नगरी के नाम से मशहूर रेवाड़ी जिला असल में पीतल, जूते और बर्फी के लिए जाना जाता रहा है। यहां के पीतल के बर्तन और जरी की जूतियां विश्वविख्यात रही हैं, ये दोनों चीजें विदेशों तक एक्सपोर्ट होती रही हैं। लेकिन समय के साथ इनका लोप होता चला गया। रेवाड़ी की मशहूर बर्फी केलिए दूर-दूर से लोग लिए यहां आते हैं। लेकिन समय के साथ अब सब-कुछ बदल रहा है। पीतल और जूती का कारोबार धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है। आज पीतल के बर्तन का कारोबार कम होने से इन्हें बनाने वाले लोगों की संख्या में भी एकदम कमी आई है। वहीं जरी की जूतियों के कम चलन के कारण अब इनके कारीगर भी कम हो गए हैं।
रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल हैं औद्योगिक क्षेत्र
जिले में रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र हैं। इनमें मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स में धारूहेड़ा में 550 एकड़ में 323 प्रोडेक्शन यूनिट, बावल में 27 एक एकड़ में 759 तथा रेवाड़ी में 54 एकड़ में 46 यूनिट फैली हैं। वहीं जिले में कुल 1800 रजिस्टर्ड यूनिट्स हैं। इनमें 21000 कर्मचारी वृहद और मध्यम इंडस्ट्री में काम करते हैं। वहीं लघु उद्योगों में करीब 10000 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
1984 से होने लगा था औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना
यहां के औद्योगिक क्षेत्रों में 1984 से उठान शुरू हुआ। 1984-85 में कुल 77 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट था। इसके बाद हर साल 50 से 60 यूनिट्स बढ़ती चली गई। 1995 के बाद तो यहां यूनिट्स लगाने के लिए एकदम होड़ लग गई। वर्तमान में यहां 11200 लाख रुपये का इन्वेटमेंट है।
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ये हैं प्रमुख इकाइयां
वर्तमान में यहां हीरो मोटर, सोनी इंडिया, ओसीसीआई लि., एसआई इंडिया, अग्रवाल मैटल लिमिटेड, गुप्ता सीट, वाईकेके सहित करीब 97 बड़ी इकाइयां काम कर रही हैं। यहां से मोटरसाइकिल, जिप, फास्टनर और ऑटोग्लास का एक्सपोर्ट होता है।
दक्षिण हरियाणा की सबसे बड़ी आनाज मंडी
क्षेत्र की प्रमुख फसल गेहूं, सरसों और बाजरा है। जिले बावल में चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र है। यहां खेती की विभिन्न पैदावार पर रिसर्च होती है। यहां बावल एवं रामपुरा में कृषि विज्ञान केंद्र भी हैं। पिछले पांच साल की तुलना में इस बार बाजरे की बंपर आवक हुई है। रेवाड़ी की अनाज मंडी क्षेत्रफल के हिसाब से दक्षिण हरियाणा की सबसे बड़ी मंडी है। इसकी खासियत है कि यहां पूरे साल अनाज की आवक होती है।
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हरियाणा गठन के समय रेवाड़ी में नाममात्र के उद्योग थे। अब यहां से हीरो जैसे बड़े ग्रुप हजारों लोगों को रोजगार देने में लगे हैं। जिससे रेवाड़ी का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विख्यात हुआ है। भौगोलिक दृष्टि से रेवाड़ी में रीयल स्टेट इंडस्ट्री ने भी बड़े स्तर पर अपना विस्तार किया है।
रवि गुप्ता, रीयल एस्टेट कारोबारी
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रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल हैं औद्योगिक क्षेत्र
जिले में रेवाड़ी, धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र हैं। इनमें मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स में धारूहेड़ा में 550 एकड़ में 323 प्रोडेक्शन यूनिट, बावल में 27 एक एकड़ में 759 तथा रेवाड़ी में 54 एकड़ में 46 यूनिट फैली हैं। वहीं जिले में कुल 1800 रजिस्टर्ड यूनिट्स हैं। इनमें 21000 कर्मचारी वृहद और मध्यम इंडस्ट्री में काम करते हैं। वहीं लघु उद्योगों में करीब 10000 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
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1984 से होने लगा था औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना
यहां के औद्योगिक क्षेत्रों में 1984 से उठान शुरू हुआ। 1984-85 में कुल 77 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट था। इसके बाद हर साल 50 से 60 यूनिट्स बढ़ती चली गई। 1995 के बाद तो यहां यूनिट्स लगाने के लिए एकदम होड़ लग गई। वर्तमान में यहां 11200 लाख रुपये का इन्वेटमेंट है।
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ये हैं प्रमुख इकाइयां
वर्तमान में यहां हीरो मोटर, सोनी इंडिया, ओसीसीआई लि., एसआई इंडिया, अग्रवाल मैटल लिमिटेड, गुप्ता सीट, वाईकेके सहित करीब 97 बड़ी इकाइयां काम कर रही हैं। यहां से मोटरसाइकिल, जिप, फास्टनर और ऑटोग्लास का एक्सपोर्ट होता है।
दक्षिण हरियाणा की सबसे बड़ी आनाज मंडी
क्षेत्र की प्रमुख फसल गेहूं, सरसों और बाजरा है। जिले बावल में चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र है। यहां खेती की विभिन्न पैदावार पर रिसर्च होती है। यहां बावल एवं रामपुरा में कृषि विज्ञान केंद्र भी हैं। पिछले पांच साल की तुलना में इस बार बाजरे की बंपर आवक हुई है। रेवाड़ी की अनाज मंडी क्षेत्रफल के हिसाब से दक्षिण हरियाणा की सबसे बड़ी मंडी है। इसकी खासियत है कि यहां पूरे साल अनाज की आवक होती है।
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हरियाणा गठन के समय रेवाड़ी में नाममात्र के उद्योग थे। अब यहां से हीरो जैसे बड़े ग्रुप हजारों लोगों को रोजगार देने में लगे हैं। जिससे रेवाड़ी का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विख्यात हुआ है। भौगोलिक दृष्टि से रेवाड़ी में रीयल स्टेट इंडस्ट्री ने भी बड़े स्तर पर अपना विस्तार किया है।
रवि गुप्ता, रीयल एस्टेट कारोबारी