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Rewari News: दक्षिणी हरियाणा के रियल एस्टेट परिदृश्य को बदलेगा रेवाड़ी-गुरुग्राम हाईवे
Thu, 24 Oct 2024 01:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 24 Oct 2024 01:52 AM IST
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फोटो : 01रेवाड़ी। रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम हाईवे। संवाद
रेवाड़ी। 43 किलोमीटर लंबे रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम हाईवे का कार्य 2025 के मध्य में पूरा होने की उम्मीद है। करीब 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वजीरपुर-रेवाड़ी खंड इस साल दिसंबर तक पूरा होने की भी संभावना है।
द्वारका एक्सप्रेसवे-वजीरपुर खंड अगले साल पूरा हो जाएगा। जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, राजमार्ग दक्षिणी हरियाणा के आर्थिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे रियल एस्टेट कारोबार को काफी गति मिलेगी। रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि हाईवे से दिल्ली और गुरुग्राम से रेवाड़ी की ओर जाने वाले यातायात के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान होगी। इससे यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को काफी फायदा होगा, जिससे आसपास के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी।
रियल एस्टेट कारोबारी नयन रहेजा ने बताया कि रेवाड़ी-गुरुग्राम राजमार्ग क्षेत्र में वाणिज्यिक और आवासीय विकास को बढ़ावा देगा। यह विकास न केवल आसपास के क्षेत्रों के साथ कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, बल्कि पटौदी और धारूहेड़ा जैसे क्षेत्रों में रियल एस्टेट विकास को भी बढ़ावा देगा। इससे डेवलपर्स को इस मार्ग पर आवासीय स्थानों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे निवेशकों और घर खरीदने वालों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
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रेवाड़ी और गुरुग्राम बनेंगे प्रमुख स्थान
कारोबारी सौरभ सहारन ने बताया कि गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे के माध्यम से इस बढ़ी हुई कनेक्टिविटी से मानेसर और बिलासपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों के लिए तमाम संभावनाएं खुलेंगी। आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट की मांग में और वृद्धि होगी। यह राजमार्ग दक्षिणी हरियाणा के रियल एस्टेट परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गुरुग्राम और रेवाड़ी को जोड़ने से न केवल परिवहन में सुधार होगा, बल्कि मार्ग के साथ अविकसित क्षेत्रों विकास का भी विकास होगा।
दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दबाव होगा कम
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे बनने के साथ ही पटौदी क्षेत्र के लोगों को आए दिन लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। नारनौल जाने वाले वाहन चालकों को हाईवे से पटौदी-रेवाड़ी होते हुए नारनौल, अटेली, महेन्द्रगढ़, कुंड, खोरी व सतनाली जाना भी आसान होगा। फिलहाल नारनौल जाने के लिए नेशनल हाईवे-48 दिल्ली-जयपुर हाईवे ही एक मात्र विकल्प है। परियोजना की एक प्रमुख विशेषता द्वारका एक्सप्रेसवे पर 180 मीटर लंबे दो लेन वाले फ्लाईओवर का निर्माण है, जो दिल्ली और गुरुग्राम से रेवाड़ी जाने वाले यातायात के लिए एनएच-352डब्ल्यू से सीधा संपर्क प्रदान करेगा।
इस फ्लाईओवर से मानेसर, बिलासपुर और धारूहेड़ा जैसे औद्योगिक केंद्रों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से भारी भीड़भाड़ वाले दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे को राहत मिलने की उम्मीद है।
बीच में आई थीं कई बाधाएं
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी राजमार्ग परियोजना 2018 में शुरू जानी थी। इसकी प्रारंभिक लागत 900 करोड़ रुपये आंकी गई थी और इसे दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। जुलाई 2020 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी नींव रखी थी, लेकिन नवंबर 2021 में निर्माण में देरी हुई। सितंबर 2022 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने तब हस्तक्षेप किया जब पर्यावरणविदों ने वन मंजूरी, विशेष रूप से प्रतिपूरक वनरोपण योजना पर चिंता जताई। इसमें राजमार्ग के प्रभावित हरित क्षेत्र से 300 किलोमीटर दूर पंचकूला में पेड़ लगाने का प्रस्ताव था। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बाईपास के निर्माण के लिए नई समय सीमा साल 2023 तय की थी।
वर्जन
रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम हाईवे का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। बीच में कुछ बाधाएं आई थीं, जिस वजह से कार्य में देरी हुई है। हालांकि, जल्द निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।-योगेश, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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द्वारका एक्सप्रेसवे-वजीरपुर खंड अगले साल पूरा हो जाएगा। जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, राजमार्ग दक्षिणी हरियाणा के आर्थिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे रियल एस्टेट कारोबार को काफी गति मिलेगी। रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि हाईवे से दिल्ली और गुरुग्राम से रेवाड़ी की ओर जाने वाले यातायात के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान होगी। इससे यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को काफी फायदा होगा, जिससे आसपास के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी।
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रियल एस्टेट कारोबारी नयन रहेजा ने बताया कि रेवाड़ी-गुरुग्राम राजमार्ग क्षेत्र में वाणिज्यिक और आवासीय विकास को बढ़ावा देगा। यह विकास न केवल आसपास के क्षेत्रों के साथ कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, बल्कि पटौदी और धारूहेड़ा जैसे क्षेत्रों में रियल एस्टेट विकास को भी बढ़ावा देगा। इससे डेवलपर्स को इस मार्ग पर आवासीय स्थानों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे निवेशकों और घर खरीदने वालों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
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रेवाड़ी और गुरुग्राम बनेंगे प्रमुख स्थान
कारोबारी सौरभ सहारन ने बताया कि गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे के माध्यम से इस बढ़ी हुई कनेक्टिविटी से मानेसर और बिलासपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों के लिए तमाम संभावनाएं खुलेंगी। आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट की मांग में और वृद्धि होगी। यह राजमार्ग दक्षिणी हरियाणा के रियल एस्टेट परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गुरुग्राम और रेवाड़ी को जोड़ने से न केवल परिवहन में सुधार होगा, बल्कि मार्ग के साथ अविकसित क्षेत्रों विकास का भी विकास होगा।
दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दबाव होगा कम
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे बनने के साथ ही पटौदी क्षेत्र के लोगों को आए दिन लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। नारनौल जाने वाले वाहन चालकों को हाईवे से पटौदी-रेवाड़ी होते हुए नारनौल, अटेली, महेन्द्रगढ़, कुंड, खोरी व सतनाली जाना भी आसान होगा। फिलहाल नारनौल जाने के लिए नेशनल हाईवे-48 दिल्ली-जयपुर हाईवे ही एक मात्र विकल्प है। परियोजना की एक प्रमुख विशेषता द्वारका एक्सप्रेसवे पर 180 मीटर लंबे दो लेन वाले फ्लाईओवर का निर्माण है, जो दिल्ली और गुरुग्राम से रेवाड़ी जाने वाले यातायात के लिए एनएच-352डब्ल्यू से सीधा संपर्क प्रदान करेगा।
इस फ्लाईओवर से मानेसर, बिलासपुर और धारूहेड़ा जैसे औद्योगिक केंद्रों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से भारी भीड़भाड़ वाले दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे को राहत मिलने की उम्मीद है।
बीच में आई थीं कई बाधाएं
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी राजमार्ग परियोजना 2018 में शुरू जानी थी। इसकी प्रारंभिक लागत 900 करोड़ रुपये आंकी गई थी और इसे दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। जुलाई 2020 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी नींव रखी थी, लेकिन नवंबर 2021 में निर्माण में देरी हुई। सितंबर 2022 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने तब हस्तक्षेप किया जब पर्यावरणविदों ने वन मंजूरी, विशेष रूप से प्रतिपूरक वनरोपण योजना पर चिंता जताई। इसमें राजमार्ग के प्रभावित हरित क्षेत्र से 300 किलोमीटर दूर पंचकूला में पेड़ लगाने का प्रस्ताव था। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बाईपास के निर्माण के लिए नई समय सीमा साल 2023 तय की थी।
वर्जन
रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम हाईवे का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। बीच में कुछ बाधाएं आई थीं, जिस वजह से कार्य में देरी हुई है। हालांकि, जल्द निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।-योगेश, परियोजना निदेशक, एनएचएआई