फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Rewari fell 46 places in cleanliness

Rewari News: स्वच्छता में 46 पायदान गिरा रेवाड़ी

Fri, 18 Jul 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 18 Jul 2025 12:11 AM IST
विज्ञापन
Rewari fell 46 places in cleanliness
फोटो: 01रेवाड़ी। शहर में बीएमजी मॉल के पास बनाया गया डंपिंग यार्ड। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रेवाड़ी। स्वच्छता रैंकिंग 2024 के परिणामों में रेवाड़ी नगर परिषद इस बार राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बुरी तरह से पिछड़ा है। रेवाड़ी को राष्ट्रीय स्तर पर 490 और राज्यस्तर पर 57वां स्थान मिला है। जबकि 2023 के परिणामों में नगर परिषद को देश में 258 रैंकिंग मिली थी और राज्य स्तर पर 11वां स्थान मिला था। पिछले साल की तुलना करें तो नगर परिषद राष्ट्रीय स्तर पर 232 अंक और राज्य स्तर पर 46 अंक पिछड़ा है।
रेवाड़ी को 2017 में 303, 2018 में 254, 2019 में 264, 2020 में 118, 2021 में 190, 2022 में 140 रैंक मिली थी। 7 साल में पहली बार स्वच्छता रैंक में इतनी गिरावट आई है। वहीं, बावल नगर पालिका की राष्ट्रीय रैंकिंग 1271 और राज्य रैंकिंग 77 आई है, जबकि 2023 की रैंकिंग में राष्ट्रीय स्तर पर 3113 और राज्य स्तर पर 47वां स्थान मिला था।
विज्ञापन

बावल नगर पालिका को राष्ट्रीय स्तर पर 1842 अंक का फायदा मिला है, जबकि राज्य स्तर पर 30 अंक पिछड़ा है। नगर पालिका धारूहेड़ा भी राष्ट्रीय रैंकिंग में इस बार बेहतर अंक लाने में कामयाब हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राष्ट्रीय रैंकिंग में धारूहेड़ा को 637 अंक मिले हैं, पिछले वर्ष राष्ट्रीय रैंकिंग 3158 थी। राष्ट्रीय स्तर पर 2521 अंक का फायदा हुआ है। राज्य स्तर पर इस बार धारूहेड़ा ने बेहतर प्रदर्शन कर 44 अंक हासिल किए हैं, जबकि पिछले वर्ष 49 अंक मिले थे। ऐसे में राज्य और राष्ट्रीय दोनों ही रैंकिंग में धारूहेड़ा को पांच अंक का फायदा हुआ है।

तीन लाख आबादी, सफाई कर्मचारी 320 : रेवाड़ी शहर में तीन लाख की आबादी पर 320 से अधिक सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। आबादी को देखते हुए यह संख्या काफी कम है। करीब 170 सफाई कर्मचारियों की ओर जरूरत है। शहर में कुल वार्डों की संख्या 31 है। कर्मचारियों की कमी के चलते वार्डों में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं।
सफाईकर्मियों की कमी कूड़े, कचरे के उठान में बहुत बड़ी बाधक बनी हुई है। नगर परिषद ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कुछ नए कदम भी उठाए थे, जिनमें घर-घर कूड़ा उठान और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट चालू करना शामिल था। 90 फीसदी लोग गीले और सूखे कूड़े को अलग नहीं कर रहे हैं।

-
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का अटका था टेंडर
इस बार सर्वेक्षण को घर-घर से कचरे को अलग-अलग करने, जीरो अपशिष्ट कार्यक्रम, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, बेहतर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और बैकलेन स्वच्छता से संबंधित मापदंडों पर केंद्रित किया गया था। नगर परिषद की ओर से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का टेंडर एक साल से नहीं किया गया है। जैसे तैसे कार्य चलाया जा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर समय पर हो जाता तो हो सकता था कि रैंकिंग में कुछ सुधार होता।
--
2023 की रैंकिंग में रेवाड़ी शहर की स्थिति प्रतिशत में
राष्ट्रीय रैंकिंग-258
राज्य रैंकिंग-11
डोर-टू-डोर कलेक्शन वेस्ट 92 प्रतिशत
रिहायशी क्षेत्र की सफाई 70 प्रतिशत
मार्केट क्षेत्र की सफाई 70 प्रतिशत
डंप साइट्स पर निवारण 00
पब्लिक शौचालय 67
-
2024 में रेवाड़ी शहर की स्थिति
नेशनल रैंकिंग 490
स्टेट रैंकिंग 57
डोर टू डोर कलेक्शन 73 प्रतिशत
वेस्ट जेनरेशन प्रोसेसिंग 100 प्रतिशत
रेजिडेंशियल एरिया सफाई 75प्रतिशत
वाटर बॉडीज 75 प्रतिशत
सोर्स सिगरेशन 25 प्रतिशत
रिमेडियेशन ऑफ डंप साइट्स 71 प्रतिशत
मार्केट एरिया 100 प्रतिशत
पब्लिक टॉयलेट 50 प्रतिशत
--
धारूहेड़ा नगर पालिका की 2023 की स्थिति (प्रतिशत में)
राष्ट्रीय रैंकिंग 3158
राज्य रैंकिंग 49
डोर टू डोर कलेक्शन वेस्ट 16 प्रतिशत
रिहायशी क्षेत्र की सफाई 27 प्रतिशत
मार्केट क्षेत्र की सफाई 27 प्रतिशत
डंप साइट्स पर निवारण 100 प्रतिशत
पब्लिक शौचालय 25 प्रतिशत
---
धारूहेड़ा नगर पालिका 2024 की स्थिति
राष्ट्रीय रैंकिंग 637
राज्य रैंकिंग 44
डोर टू डोर कलेक्शन 69 प्रतिशत
वेस्ट जेनरेशन प्रोसेसिंग 100 प्रतिशत
रेजिडेंशियल एरिया सफाई 100 प्रतिशत
वाटर बॉडीज 100 प्रतिशत
सोर्स सिगरेशन 11
रिमेडियेशन ऑफ डंप साइट्स 0
मार्केट एरिया 100 प्रतिशत
पब्लिक टॉयलेट 25
-
बावल नगर पालिका की स्थिति 2023 की स्थिति प्रतिशत
राष्ट्रीय रैंकिंग 3113
राज्य रैंकिंग 47
डोर टू डोर कलेक्शन वेस्ट 51 प्रतिशत
रिहायशी क्षेत्र की सफाई 35 प्रतिशत
मार्केट क्षेत्र की सफाई 35 प्रतिशत
डंप साइट्स पर निवारण 89 प्रतिशत
पब्लिक टॉयलेट 25 प्रतिशत


नगर पालिका बावल की 2024 की स्थिति
राष्ट्रीय रैंकिंग 1271
राज्य रैंकिंग 77
डोर टू डोर कलेक्शन 59 प्रतिशत
वेस्ट जेनरेशन प्रोसेसिंग 0 प्रतिशत
रेजिडेंशियल एरिया सफाई 75 प्रतिशत
वाटर बॉडीज 0 प्रतिशत
सोर्स सिगरेशन 33 प्रतिशत
रिमेडियेशन ऑफ डंप साइट्स 0 प्रतिशत
मार्केट एरिया 50 प्रतिशत
पब्लिक टॉयलेट 33 प्रतिशत
-----------------
लोगों की प्रतिक्रिया

फोटो: 21 से 24



साफ-सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जाता है जिसकी वजह से रेवाड़ी स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ा है। इस बार की रैंकिंग से सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। अनुज भार्गव, रिटायर्ड रेलवे अधिकारी
----------



शहर में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर देखने को मिलते हैं। सफाई व्यवस्था बिल्कुल चौपट हो चुकी है। इसी वजह से स्वच्छता रैंकिंग गिरी है। अगर सफाई व्यवस्था ठीक रहती तो रैंकिंग नहीं गिरती, यह काफी गंभीर विषय है।- संगीता यादव, शहरवासी


----------

रेवाड़ी की स्वच्छता रैंकिंग गिरना सफाई व्यवस्था की कमियों को उजागर करता है। सफाई व्यवस्था को लेकर पहले भी लोग अपना रोष व्यक्त कर चुके हैं, बावजूद कोई सुधार नहीं है। इसी वजह से रैंकिंग भी गिर गई।- राकेश भार्गव, शहरवासी
----------



जिस तरह से इस बार राष्ट्रीय और राज्य स्तर दोनों पर रेवाड़ी की स्वच्छता रैंकिंग गिरी है, यह काफी चिंता का विषय है। रैंकिंग क्यों गिरी इसकी समीक्षा की जानी बहुत ज्यादा जरूरी है। समीक्षा करके कारणों का पता लगाया जाएगा।- प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन रेवाड़ी।

वर्जन:
स्वच्छता रैंकिंग गिरने को लेकर जल्द ही समीक्षा की जाएगी। किन कारणों की वजह से जिला पिछड़ा है। इसका पता लगाया जाएगा। उसके बाद ठोस रणनीति तैयार कर इस पर कार्य किया जाएगा।
- पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed