फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Rewari: AQI reaches 250, first phase of GRP implemented

Rewari: AQI पहुंचा 250, ग्रैप का पहला चरण लागू, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में कोयले व लकड़ी जलाने पर रहेगी रोक

Tue, 15 Oct 2024 09:21 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 15 Oct 2024 09:21 PM IST
सार

सड़कों पर मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव करना जरूरी किया गया है। एक्यूआई बढ़ने से लोगों को सांस संबंधित बीमारी होने का खतरा बढ़ रहा है।

विज्ञापन
Rewari: AQI reaches 250, first phase of GRP implemented
कंटेनर डिपो के पास जलते कूड़े से उठता धुआं। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के रेवाड़ी में एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू हो गया है। इसको लेकर तय बंदिशें मंगलवार से लागू कर दी गईं। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति की बैठक में वायु गुणवत्ता के पूर्वानुमान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

विज्ञापन


वायु गुणवत्ता सूचकांक (एकक्यूआई) 200 के पार होने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू किया जाता है। अक्तूबर के पहले सप्ताह से प्रदूषण बढ़ा है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई 259 दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिकतम एक्यूआई है। सोमवार को प्रदूषण का स्तर 258 दर्ज किया गया था।
विज्ञापन


9 अक्तूबर को प्रदूषण का स्तर सबसे कम 80 दर्ज किया गया था। अगर वायु गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो प्रदूषण का स्तर 300 पार कर जाएगा। एक्यूआई 250 पहुंचने पर ग्रैप-1 की बंदिशें लागू कर दी गई हैं। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में कोयले व लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सड़कों पर मशीन से सफाई करने के साथ ही पानी का छिड़काव करना होगा। धारूहेड़ा-भिवाड़ी, बावल क्षेत्र में काफी अधिक प्रदूषण दर्ज किया जाता है। यहां स्थिति सुधारने की कोशिश की गई, लेकिन ज्यादा कामयाबी नहीं मिली। सबसे ज्यादा खराब स्थिति धारूहेड़ा की होती है।

धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पर प्रदूषण से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बावल भी औद्योगिक क्षेत्र बनता जा रहा है। यहां पर भी प्रदूषण की वजह से लोगों को परेशानी होती है।

लगातार बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जताई जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अध्ययन करने के लिए कहा था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जिले में प्रदूषण का कारण क्या है और इसे किस प्रकार से कम किया जा सकता है। धुआं किन क्षेत्रों से अधिक उठता है। हैरानी की बात यह है कि अभी तक जिले में यह अध्ययन शुरू ही नहीं हुआ।

रेवाड़ी एनसीआर क्षेत्र में आता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनजीटी को दी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हरियाणा में मात्र दो जिलों में ही अभी अध्ययन शुरू हुआ है। बाकी एनसीआर के क्षेत्र में अध्ययन की शुरुआत नहीं हुई है।

एक्यूआई की छह श्रेणियां हैं। 0 और 50 तक अच्छा, 51 और 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, एक्यूआई 201 और 300 खराब, 301 और 400 बेहद खराब और एक्यूआई 401 से 500 तक बेहद गंभीर माना जाता है।
 
प्रदूषण नियंत्रण के लिए इन बातों का रखें ध्यान
वाहनों के इंजन का ट्यून ठीक रखें, टायर में हवा का उचित दबाव बनाए रखें, अपने वाहन का पीयूसी प्रमाणपत्र रखें, लाल बत्ती पर इंजन बंद कर दें, वाहन के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हाइब्रिड वाहनों या ईवी को प्राथमिकता दें, खुले स्थान पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं, अधिक से अधिक पौधे लगाएं, त्योहारों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएं, पटाखों से बचें, 10-15 वर्ष पुराने डीजल व पेट्रोल वाहन न चलाएं।
 
ग्रैप के पहले चरण में यह रहेंगी पाबंदियां
सड़कों पर मशीन से सफाई व पानी का छिड़काव करना होगा, प्रदूषण फैलाने वाले वाहन जब्त होंगे, दूसरे राज्यों में जाने वाले ट्रकों की दिल्ली में एंट्री बंद कर केजीपी व केएमपी एक्सप्रेस-वे से भेजे जाएंगे, बीएस-3 पेट्रोल व बीएस-4 डीजल वाहनों के संचालन पर निगरानी रखी जाएगी।आवश्यक सेवाओं को छोड़ बाकी के लिए डीजल जनरेटर पर रोक रहेगी, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में कोयले व लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी।दिल्ली के 300 किमी के अंदर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों व थर्मल पावर प्लांटों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक के उन भूखंड पर निर्माण, तोड़फोड़ पर रोक होगी। निर्माण व तोड़फोड़ वाले परियोजना स्थलों पर धूल रोकने के उपाय करने होंगे।


9 से 15 अक्तूबर तक जिले का एक्यूआई
तिथि दिन एक्यूआई

  • 15 मंगलवार 259
  • 14 सोमवार 258
  • 13 रविवार 190
  • 12 शनिवार 183
  • 11 शुक्रवार 128
  • 10 वीरवार 128
  • 9 बुधवार 80

 
लोगों से अपील है कि वह खुले में आग ना लगाएं। इससे प्रदूषण फैलता है। प्रदूषण से स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां भी होती हैं। इसलिए बचाव काफी जरूरी है। -हरीश, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed