{"_id":"69adc9f7ed138c1bae0ff0b1","slug":"respect-for-mother-power-is-essential-in-indian-culture-satyaveer-rewari-news-c-198-1-rew1001-234668-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति का सम्मान जरूरी : सत्यवीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति का सम्मान जरूरी : सत्यवीर
Mon, 09 Mar 2026 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:41 AM IST
विज्ञापन
सम्मानित होने पर खुशी जाहिर करतीं महिलाएं। स्रोत : स्कूल
डहीना। गांव सीहा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के महिला प्रकोष्ठ को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य और साहित्यकार सत्यवीर नाहड़िया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति का सम्मान जरूरी ही नहीं बल्कि अनिवार्य माना गया है। उन्होंने कहा कि घर-परिवार से लेकर समाज तक महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, खेल और सामाजिक क्षेत्र सहित जीवन के हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं और विशिष्ट पहचान बना रही हैं।
मुख्य वक्ता यशपाल आर्य ने कहा कि मां, बहन, बेटी और पत्नी जैसी पारिवारिक भूमिकाओं के साथ महिलाएं कार्यस्थलों और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में भी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज और राष्ट्र निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभा रही है।
विज्ञापन
विद्यालय के महिला प्रकोष्ठ को सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में अलका, सीमा, अनिता, प्रियंका, सुमित्रा, रेखा रानी, सुशीला, सीमा यादव, सोनू, लक्ष्मी, प्रियंका यादव, मंजू और अनुराधा शामिल रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापक नरेश कुमार, सतपाल सिंह, रवि कुमार, शक्ति सिंह, प्रदीप चौहान, अनिल कुमार तथा अजय कुमार आदि ने जिम्मेदारियां निभाईं।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य और साहित्यकार सत्यवीर नाहड़िया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति का सम्मान जरूरी ही नहीं बल्कि अनिवार्य माना गया है। उन्होंने कहा कि घर-परिवार से लेकर समाज तक महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, खेल और सामाजिक क्षेत्र सहित जीवन के हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं और विशिष्ट पहचान बना रही हैं।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता यशपाल आर्य ने कहा कि मां, बहन, बेटी और पत्नी जैसी पारिवारिक भूमिकाओं के साथ महिलाएं कार्यस्थलों और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में भी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज और राष्ट्र निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभा रही है।
विज्ञापन
विद्यालय के महिला प्रकोष्ठ को सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में अलका, सीमा, अनिता, प्रियंका, सुमित्रा, रेखा रानी, सुशीला, सीमा यादव, सोनू, लक्ष्मी, प्रियंका यादव, मंजू और अनुराधा शामिल रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापक नरेश कुमार, सतपाल सिंह, रवि कुमार, शक्ति सिंह, प्रदीप चौहान, अनिल कुमार तथा अजय कुमार आदि ने जिम्मेदारियां निभाईं।