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Rewari News: दो घंटे किया प्रदर्शन, पंजाब कर्मचारियों के समर्थन में दी चेतावनी
Tue, 02 Dec 2025 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:49 AM IST
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पंजाब कर्मचारियों के समर्थन में प्रदर्शन करते कर्मचारी। संवाद
रवाड़ी। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी और पनबस कर्मचारियों के जारी आंदोलन के समर्थन में डिपो पर दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। मोर्चे का कहना है कि यदि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की उचित मांगों को जल्द नहीं माना, तो हरियाणा रोडवेज कर्मचारी भी मजबूर होकर कड़ा निर्णय लेने के लिए तैयार होंगे।
पिछले तीन दिनों से पंजाब में रोडवेज कर्मचारी पूर्ण रूप से आंदोलनरत हैं और कई स्थानों पर चक्का जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों की मांगें है कि किलोमीटर स्कीम को रद्द किया जाए, कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए, पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी के जर्जर बेड़े में बढ़ोतरी की जाए।
इसके साथ ही कम से कम 10 हजार सरकारी बसें बढ़ाई जाएं, रोके गए भुगतान तुरंत जारी किए जाएं तथा निजीकरण पर रोक लगाई जाएं। कर्मचारियों का कहना है कि पंजाब सरकार चुनाव से पहले वादा कर चुकी थी कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, लेकिन अब सरकार उल्टा किलोमीटर स्कीम को जबरदस्ती थोपने का प्रयास कर रही है।
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कर्मचारियों ने बताया कि पंजाब रोडवेज की दुर्दशा सुधारने के बजाय सरकार आंदोलनरत कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी, लाठीचार्ज और दमनकारी कार्रवाई कर रही है। कई कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लिया गया और आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया गया। मोर्चे का कहना है कि पंजाब कर्मचारियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि पंजाब सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो हरियाणा में भी आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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पिछले तीन दिनों से पंजाब में रोडवेज कर्मचारी पूर्ण रूप से आंदोलनरत हैं और कई स्थानों पर चक्का जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों की मांगें है कि किलोमीटर स्कीम को रद्द किया जाए, कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए, पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी के जर्जर बेड़े में बढ़ोतरी की जाए।
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इसके साथ ही कम से कम 10 हजार सरकारी बसें बढ़ाई जाएं, रोके गए भुगतान तुरंत जारी किए जाएं तथा निजीकरण पर रोक लगाई जाएं। कर्मचारियों का कहना है कि पंजाब सरकार चुनाव से पहले वादा कर चुकी थी कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, लेकिन अब सरकार उल्टा किलोमीटर स्कीम को जबरदस्ती थोपने का प्रयास कर रही है।
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कर्मचारियों ने बताया कि पंजाब रोडवेज की दुर्दशा सुधारने के बजाय सरकार आंदोलनरत कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी, लाठीचार्ज और दमनकारी कार्रवाई कर रही है। कई कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लिया गया और आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया गया। मोर्चे का कहना है कि पंजाब कर्मचारियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि पंजाब सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो हरियाणा में भी आंदोलन और तेज किया जाएगा।