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Rewari News: शहर में लाल डोरा प्रॉपर्टी के लिए मिलेगा संपत्ति प्रमाण पत्र

Mon, 10 Feb 2025 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 10 Feb 2025 12:15 AM IST
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Property certificate will be available for Lal Dora property in the city
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। नगर परिषद के दायरे में आने वाली लाल डोरा (आबादी देह) संपत्तियों पर स्वामित्व के लिए अब संपत्ति प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इससे संपत्ति के मालिकों के पास भूमि से संबंधित दस्तावेज हो जाएंगे।
रेवाड़ी नगर परिषद की ओर से लाल डोरा के अंतर्गत आने वाली प्रॉपर्टी के कब्जाधारियों को प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट देने के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए शहर के सभी 31 वार्डों के अनुसार कमेटियों का गठन किया जा चुका है। इन कमेटियों की बैठकें भी शुरू हो गई हैं। अभी तक 2 दो वार्डों की बैठक हो चुकी हैं। वार्ड की बैठकों के बाद नगर परिषद की ओर से तैयार की गई सूची पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। यदि किसी को आपत्ति है तो वह इसके लिए नगर परिषद के पास दर्ज कराएगा। इस संबंध में नगर परिषद की ओर से सूचना भी जारी की जा चुकी है। प्रदेश सरकार की इस स्कीम से बड़ी संख्या में लोगों का फायदा होगा। रेवाड़ी शहर में लाल डोरा के अंतर्गत करीब 5 से 6 हजार संपत्तियां हैं। बावल नगर पालिका और धारूहेड़ा नगर पालिका क्षेत्र में भी संपत्ति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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कब्जा संबंधी दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
रेवेन्यू अथॉरिटी (राजस्व अधिकारी) द्वारा प्रमाणित दावेदार का एफिडेविट, जिसमें अबादी देह लाल डोरा में स्वामित्व या कब्जा का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। जैसे पिछले 10 वर्षों के बिजली बिल, 10 वर्षों के पानी का बिल और अन्य सरकार द्वारा जारी किए गए दस्तावेज जैसे पीआईसी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि जिसमें पता शामिल हों। पिछले 10 वर्षों के अधिकार का पता लगाने के लिए दस्तावेज जरूरी हैं, जिनमें प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें, निर्मित स्ट्रक्चर का प्रमाण आदि शामिल हैं। इसके अलावा अन्य दस्तावेजों में सेल डीड, ट्रांसफर डीड, त्याग डीड, रिलीज डीड, जमाबंदी, फ़र्द आदि शामिल हैं। मूल मलिक की मृत्यु के मामले में कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र भी आवश्यक होगा। उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो लाल डोरा या आबादी देह में प्रॉपर्टी के मालिक हैं। इस प्रमाण पत्र के मिलने से उन्हें अपनी संपत्ति का कानूनी स्वामित्व साबित करने में आसानी होगी। ध्यान देने वाली बात ये है कि गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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क्या है लाल डोरा
लाल डोरा अंग्रेजी शासन काल से चला आ रहा है। उस समय रेवेन्यू रिकॉर्ड रखने के लिए खेतीबाड़ी की जमीन के साथ स्थित गांव की आबादी को अलग-अलग दिखाने के मकसद से नक्शे पर आबादी के बाहर लाल लाइन खीची जाती थी। लाल डोरे के अंदर लोग कब्जे के मालिक होते हैं, जिसे लाल डोरा भी बोला जाता है। लाल डोरा कोई कानूनी एक्ट कानून नहीं है। लाल डोरा प्रॉपर्टी में कोई पंजीकृत राजस्व रिकॉर्ड नहीं होता।

सूची में नाम है तो कर सकते हैं आवेदन

नगर परिषद क्षेत्र में आने वाली सभी प्रॉपर्टी आईडी जो कि लाल डोरा या आबादी देह में स्थित हैं, उनके मालिक इस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए नगर परिषद कार्यालय में जाकर सूची का अवलोकन किया जा सकता है। यदि आपकी प्रॉपर्टी आईडी सूची में है तो निर्धारित आवेदन के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

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वर्जन
लाल डोरा की संपत्तियों के लिए प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। इसके लिए कमेटियां गठित कर वार्ड अनुसार बैठक की जा रही है। जिस वार्ड की बैठक होगी, उसके 15 दिन के अंदर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। कोई भी व्यक्ति कार्यालय में सूची देख सकता है। शहर में ऐसे करीब 5 हजार संपत्ति धारक हैं। अभी तक दो वार्डों की बैठकें हुई है।- संदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद रेवाड़ी।
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