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Rewari News: जरूरत से आधी डीएपी उपलब्ध होने से दिक्कत
Fri, 11 Oct 2024 01:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 11 Oct 2024 01:59 AM IST
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फोटो: 6रेवाड़ी। नई अनाज मंडी में खाद लेने के लिए लाईन में खड़े किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रबी सीजन में जरूरत से आधी डीएपी उपलब्ध होने से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। सरसों व गेहूं की बिजाई के लिए 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत होती है लेकिन अब तक 5 हजार एमटी खाद आई है।
जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर में सरसों और 35 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई होती है। अब तापमान इसके अनुकूल होने लगा है। किसानों ने खेत तैयार कर लिए हैं। इस समय डीएपी की जरूरत है। शहर की नई अनाज मंडी में डीएपी खाद लेने के लिए किसान सुबह से ही इफको केंद्र के बाहर बैठ जा रहे हैं और दोपहर तक धूप में परेशान होते हैं। वीरवार को भी यही स्थिति थी। गर्मी के चलते किसान बेहाल रहे। इफको केंद्र के बाहर धूप से बचने के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
किसान राजेश ने बताया कि वह सुबह 8 बजे डीएपी खाद लेने के लिए आया था। वह कतार में लगा रहा। धूप में परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन को प्रबंध करना चाहिए था। किसान नरेश कुमार ने बताया कि डीएपी के लिए सुबह के समय ही आ चुके थे। जब वह पहुंचे तो देखा कि पहले से ही बड़ी संख्या में किसान कतार में लगे हुए थे। वह भी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करता रहा, काफी परेशानी हुई।
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वर्जन
इफको की 15 हजार की रैक लगी है, जिसमें से प्रत्येक सहकारी समितियों व रिटेल डीलरों को खाद भिजवा दी है। एक किसान को दो बैग दिए जा रहे हैं। खाद की किल्लत का मुख्य कारण पीछे से आपूर्ति कम आना है। अगले सप्ताह तक समस्या दूर हो जाएगी।-आशीष पंवार, क्षेत्रीय अधिकारी, इफको।
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रेवाड़ी। रबी सीजन में जरूरत से आधी डीएपी उपलब्ध होने से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। सरसों व गेहूं की बिजाई के लिए 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत होती है लेकिन अब तक 5 हजार एमटी खाद आई है।
जिले में करीब 75 हजार हेक्टेयर में सरसों और 35 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई होती है। अब तापमान इसके अनुकूल होने लगा है। किसानों ने खेत तैयार कर लिए हैं। इस समय डीएपी की जरूरत है। शहर की नई अनाज मंडी में डीएपी खाद लेने के लिए किसान सुबह से ही इफको केंद्र के बाहर बैठ जा रहे हैं और दोपहर तक धूप में परेशान होते हैं। वीरवार को भी यही स्थिति थी। गर्मी के चलते किसान बेहाल रहे। इफको केंद्र के बाहर धूप से बचने के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
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किसान राजेश ने बताया कि वह सुबह 8 बजे डीएपी खाद लेने के लिए आया था। वह कतार में लगा रहा। धूप में परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन को प्रबंध करना चाहिए था। किसान नरेश कुमार ने बताया कि डीएपी के लिए सुबह के समय ही आ चुके थे। जब वह पहुंचे तो देखा कि पहले से ही बड़ी संख्या में किसान कतार में लगे हुए थे। वह भी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करता रहा, काफी परेशानी हुई।
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इफको की 15 हजार की रैक लगी है, जिसमें से प्रत्येक सहकारी समितियों व रिटेल डीलरों को खाद भिजवा दी है। एक किसान को दो बैग दिए जा रहे हैं। खाद की किल्लत का मुख्य कारण पीछे से आपूर्ति कम आना है। अगले सप्ताह तक समस्या दूर हो जाएगी।-आशीष पंवार, क्षेत्रीय अधिकारी, इफको।