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सरकार की नीतियों के खिलाफ किया प्रदर्शन
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 14 May 2016 12:38 AM IST
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सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शिक्षा के अधिकार 134-ए में सरकार की नीतियों की खामियां और निजी स्कूलों पर जबरन दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए निजी स्कूल संचालक और शिक्षकों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इसके बाद वे लघु सचिवालय के गेट पर धरने पर बैठ गये। स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने हरियाणा प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के बैनर तले साफ तौर पर कहा कि अभिभावकों को निशुल्क शिक्षा देने में उन्हें कोई समस्या नहीं है, लेकिन सरकार कोर्ट द्वारा दिये आदेश के तहत सही और समय पर भुगतान तो करे।
इस दौरान हरियाणा प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रधान जवाहरलाल दुहन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान लॉ एंड ऑर्डर मेन्टेन रखा गया। वहीं दूसरे जिलों से भी विभिन्न निजी स्कूलों के संचालकों और पदाधिकारियों ने हड़ताल का समर्थन देते हुए अपनी शिरकत की। करीब एक घंटा लघु सचिवालय गेट पर बांह में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने के बाद स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने सीएम के नाम का ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
शुक्रवार के बदले रविवार को होगी पढ़ाई
निजी स्कूल एसोसिएशन की ओर से जवाहरलाल दुहन ने बताया कि निजी स्कूल संचालकों और सरकार के बीच शिक्षा के अधिकार को लेकर चल रहे गतिरोध का असर छात्रों की पढ़ाई पर नहीं होने दिया जाएगा। शुक्रवार को बच्चों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई रविवार को स्कूल खोलकर की जाएगी। बताया कि रविवार के दिन अन्य दिनों की तरह पूरी तरह क्लास लगेंगी।
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ये थी ज्ञापन की मुख्य मांगें
134-ए के तहत गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा में होने वाले खर्च की भरपाई सरकार करे। व राज्य सरकार केंद्र सरकार के आरटीई कानून को लागू करे।
-स्कूलों में डीजल से चलने वाली गाड़ियों की मियाद कम करने की बजाय बढ़ाई जाए। क्योंकि निजी स्कूलों की बसें अन्य कॉमर्शियल वाहनों की तुलना में तिहाई या चौथाई ही चलते हैं।
-स्कूल बसों के रूट परमिट के एवज में ली जाने वाली बेतुकी फीस वापस कम हो।
-स्कूली बसों में हाइड्रोलिक डोर से भी खतरा और पुरानी बसों में यह कैसे लगाए जाएं। नए स्कूलों और बसों पर ही यह नियम लागू हों।
-कंपटीशन के दौर में एनसीईआरटी की किताबेें पर्याप्त नहीं। बच्चों के हित में निजी प्रकाशकों की किताबें भी लगने दी जाएं।
इन मुख्य मांगों के अलावा दस सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।
आप ने किया निजी स्कूलों का समर्थन
वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से विभिन्न मुद्दों पर संस्थाओं और विभागों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले स्थानीय कार्यकर्ता संजय शर्मा व उनके कुछ साथी कार्यकर्ताओं ने दाखिला राशि के विषय पर प्राइवेट स्कूलों की मांग को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय की गई 200 से 500 रुपये की राशि में बच्चों को एक विषय का एक घंटे का ट्यूशन टीचर भी नहीं मिलेगा।
बेटियों के क्रमिक अनशन की तैयारी शुरू
उधर आम आदमी पार्टी की ओर से कई महीने बीतने के बावजूद शिक्षा के अधिकार 134-ए और 158-ए के तहत शुरू किये गए अभियान की कड़ी में घोषित क्रमिक अनशन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आप कार्यकर्ता संजय शर्मा ने बताया कि निजी स्कूलों की नाजायज वसूली और बच्चों को अभी तक दाखिला न मिलने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ने लगा है। पार्टी अभिभावकों के साथ मिलकर सोमवार से बच्चों व अभिभावकों के साथ क्रमिक अनशन पर बैठेगी।
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इस दौरान हरियाणा प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रधान जवाहरलाल दुहन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान लॉ एंड ऑर्डर मेन्टेन रखा गया। वहीं दूसरे जिलों से भी विभिन्न निजी स्कूलों के संचालकों और पदाधिकारियों ने हड़ताल का समर्थन देते हुए अपनी शिरकत की। करीब एक घंटा लघु सचिवालय गेट पर बांह में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने के बाद स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने सीएम के नाम का ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
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शुक्रवार के बदले रविवार को होगी पढ़ाई
निजी स्कूल एसोसिएशन की ओर से जवाहरलाल दुहन ने बताया कि निजी स्कूल संचालकों और सरकार के बीच शिक्षा के अधिकार को लेकर चल रहे गतिरोध का असर छात्रों की पढ़ाई पर नहीं होने दिया जाएगा। शुक्रवार को बच्चों की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई रविवार को स्कूल खोलकर की जाएगी। बताया कि रविवार के दिन अन्य दिनों की तरह पूरी तरह क्लास लगेंगी।
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ये थी ज्ञापन की मुख्य मांगें
134-ए के तहत गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा में होने वाले खर्च की भरपाई सरकार करे। व राज्य सरकार केंद्र सरकार के आरटीई कानून को लागू करे।
-स्कूलों में डीजल से चलने वाली गाड़ियों की मियाद कम करने की बजाय बढ़ाई जाए। क्योंकि निजी स्कूलों की बसें अन्य कॉमर्शियल वाहनों की तुलना में तिहाई या चौथाई ही चलते हैं।
-स्कूल बसों के रूट परमिट के एवज में ली जाने वाली बेतुकी फीस वापस कम हो।
-स्कूली बसों में हाइड्रोलिक डोर से भी खतरा और पुरानी बसों में यह कैसे लगाए जाएं। नए स्कूलों और बसों पर ही यह नियम लागू हों।
-कंपटीशन के दौर में एनसीईआरटी की किताबेें पर्याप्त नहीं। बच्चों के हित में निजी प्रकाशकों की किताबें भी लगने दी जाएं।
इन मुख्य मांगों के अलावा दस सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।
आप ने किया निजी स्कूलों का समर्थन
वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से विभिन्न मुद्दों पर संस्थाओं और विभागों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले स्थानीय कार्यकर्ता संजय शर्मा व उनके कुछ साथी कार्यकर्ताओं ने दाखिला राशि के विषय पर प्राइवेट स्कूलों की मांग को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय की गई 200 से 500 रुपये की राशि में बच्चों को एक विषय का एक घंटे का ट्यूशन टीचर भी नहीं मिलेगा।
बेटियों के क्रमिक अनशन की तैयारी शुरू
उधर आम आदमी पार्टी की ओर से कई महीने बीतने के बावजूद शिक्षा के अधिकार 134-ए और 158-ए के तहत शुरू किये गए अभियान की कड़ी में घोषित क्रमिक अनशन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आप कार्यकर्ता संजय शर्मा ने बताया कि निजी स्कूलों की नाजायज वसूली और बच्चों को अभी तक दाखिला न मिलने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ने लगा है। पार्टी अभिभावकों के साथ मिलकर सोमवार से बच्चों व अभिभावकों के साथ क्रमिक अनशन पर बैठेगी।