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Rewari News: शहर में दो शौचालय बनाने की तैयारी, पुराने की दशा सुधारने पर ध्यान नहीं
Fri, 05 Sep 2025 01:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 05 Sep 2025 01:01 AM IST
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सती कॉलोनी चौक के पास बदहाल शौचालय। संवाद
रेवाड़ी। शहर में 30.66 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त दो एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए राव तुलाराम पार्क और सिविल अस्पताल के पास स्थान चयनित किया गया है। वहीं, बदहाल हो चुके पुराने शौचालयों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गंदगी और संसाधनों की कमी से लोग इनका इस्तेमाल करने से कतराते हैं।
शहर में स्थित शौचालयों की दशा सुधारने और रखरखाव के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी शौचालयों की दशा नहीं सुधर रही है। अधिकतर शौचालयों में पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण स्थिति और बदहाल हो गई है।
कुछ शौचालयों पर पानी की टंकी तो रखी गई है लेकिन उसमें पानी नहीं होता। गंदगी और संसाधनों की कमी के चलते शहर में आने वाले लोग जरूरत पड़ने पर भी इन शौचालयों का इस्तेमाल करने से कतराते हैं।।
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गोकल गेट, सती कॉलोनी, बारा हजारी, नाईवाली चौक और रेलवे रोड स्थित शौचालयों में गंदगी का आलम है। मेन बाजार में वर्षों से शौचालय का निर्माण कराने की मांग की जा रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मुख्य बाजार में अगर किसी महिला को जरूरत महसूस हुई तो उसे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गोकल गेट पर बने शौचालय में सफाई का अभाव है। बारा हजारी में बनाए गए शौचालय की हालत बेहद दयनीय है।
शहर में पांच स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट रखे गए थे जो अब पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। महाराणा प्रताप चौक स्थित नगर परिषद कार्यालय में रखे मोबाइल टॉयलेट में पॉट, टैंक और पानी की टंकी टूट चुकी है।
स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड अंबेसडर प्रियंका यादव ने 6 साल पहले प्रधानमंत्री को ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने शहर में शौचालय नहीं होने का दर्द बयां किया तो प्रदेश सरकार से लेकर अधिकारियों तक नींद टूटी थी और शहर में शौचालयों का निर्माण कराया गया था। समय बीतने के साथ देखरेख के अभाव में अब शौचालय बदहाल हो रहे हैं।
वहीं, बावल में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। इसपर 14.32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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शहर में हैं 22 शौचालय और 7 यूरिनल
नगर परिषद की ओर से दिसंबर 2024 में 44 लाख 62 हजार रुपये की लागत से 22 शौचालयों और 7 यूरिनल स्पॉट की मरम्मत करवाने के लिए टेंडर जारी किया गया था। कार्य हुआ भी लेकिन खानापूर्ति ही की गई। शौचालयों की दशा में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। शहर के लोगों ने जल्द बदहाल शौचालयों की दशा सुधारने की मांग की है।
गोकलगेट शौचालय के पीछे की जमीन की जांच की मांग
राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के जिलाध्यक्ष दीपेश भार्गव एवं पंजाबी मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र वशिष्ठ ने नगर परिषद चेयरपर्सन पूनम यादव को ज्ञापन सौंपकर गोकलगेट शौचालय के पीछे की भूमि की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि गोकलगेट शौचालय का उपयोग मोती चौक, काठमंडी, रेलवे रोड, केवल बाजार, पंजाबी मार्किट के सभी व्यापारी एवं आमजन करते हैं। यह शौचालय वर्तमान में छोटा और जर्जर स्थिति में है। बाजारों के प्रधान समय-समय पर इसे अत्याधुनिक सुलभ शौचालय बनाने की मांग करते आए हैं।
वर्जन
शहर में स्थित शौचालयों के रखरखाव का निर्देश कर्मचारियों को दिया गया है। शौचालयों के बदहाल होने की शिकायतें मिली हैं। ठेकेदार को चेतावनी दी गई थी लेकिन काम में सुधार नहीं हुआ। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।- ब्रह्मप्रकाश, डीएमसी रेवाड़ी।
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शहर में स्थित शौचालयों की दशा सुधारने और रखरखाव के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी शौचालयों की दशा नहीं सुधर रही है। अधिकतर शौचालयों में पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण स्थिति और बदहाल हो गई है।
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कुछ शौचालयों पर पानी की टंकी तो रखी गई है लेकिन उसमें पानी नहीं होता। गंदगी और संसाधनों की कमी के चलते शहर में आने वाले लोग जरूरत पड़ने पर भी इन शौचालयों का इस्तेमाल करने से कतराते हैं।।
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गोकल गेट, सती कॉलोनी, बारा हजारी, नाईवाली चौक और रेलवे रोड स्थित शौचालयों में गंदगी का आलम है। मेन बाजार में वर्षों से शौचालय का निर्माण कराने की मांग की जा रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मुख्य बाजार में अगर किसी महिला को जरूरत महसूस हुई तो उसे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गोकल गेट पर बने शौचालय में सफाई का अभाव है। बारा हजारी में बनाए गए शौचालय की हालत बेहद दयनीय है।
शहर में पांच स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट रखे गए थे जो अब पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। महाराणा प्रताप चौक स्थित नगर परिषद कार्यालय में रखे मोबाइल टॉयलेट में पॉट, टैंक और पानी की टंकी टूट चुकी है।
स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड अंबेसडर प्रियंका यादव ने 6 साल पहले प्रधानमंत्री को ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने शहर में शौचालय नहीं होने का दर्द बयां किया तो प्रदेश सरकार से लेकर अधिकारियों तक नींद टूटी थी और शहर में शौचालयों का निर्माण कराया गया था। समय बीतने के साथ देखरेख के अभाव में अब शौचालय बदहाल हो रहे हैं।
वहीं, बावल में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। इसपर 14.32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
शहर में हैं 22 शौचालय और 7 यूरिनल
नगर परिषद की ओर से दिसंबर 2024 में 44 लाख 62 हजार रुपये की लागत से 22 शौचालयों और 7 यूरिनल स्पॉट की मरम्मत करवाने के लिए टेंडर जारी किया गया था। कार्य हुआ भी लेकिन खानापूर्ति ही की गई। शौचालयों की दशा में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। शहर के लोगों ने जल्द बदहाल शौचालयों की दशा सुधारने की मांग की है।
गोकलगेट शौचालय के पीछे की जमीन की जांच की मांग
राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के जिलाध्यक्ष दीपेश भार्गव एवं पंजाबी मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र वशिष्ठ ने नगर परिषद चेयरपर्सन पूनम यादव को ज्ञापन सौंपकर गोकलगेट शौचालय के पीछे की भूमि की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि गोकलगेट शौचालय का उपयोग मोती चौक, काठमंडी, रेलवे रोड, केवल बाजार, पंजाबी मार्किट के सभी व्यापारी एवं आमजन करते हैं। यह शौचालय वर्तमान में छोटा और जर्जर स्थिति में है। बाजारों के प्रधान समय-समय पर इसे अत्याधुनिक सुलभ शौचालय बनाने की मांग करते आए हैं।
वर्जन
शहर में स्थित शौचालयों के रखरखाव का निर्देश कर्मचारियों को दिया गया है। शौचालयों के बदहाल होने की शिकायतें मिली हैं। ठेकेदार को चेतावनी दी गई थी लेकिन काम में सुधार नहीं हुआ। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।- ब्रह्मप्रकाश, डीएमसी रेवाड़ी।