{"_id":"6a7b6f0247ffed97730ca5e7","slug":"prayers-offered-for-happiness-and-prosperity-after-performing-jalabhishek-ritual-bathing-with-water-of-the-lord-of-lords-on-shivratri-rewari-news-c-198-1-rew1001-243487-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: शिवरात्रि पर देवाधिदेव का जलाभिषेक कर की सुख समृद्धि की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: शिवरात्रि पर देवाधिदेव का जलाभिषेक कर की सुख समृद्धि की कामना
Wed, 12 Aug 2026 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
शहर के घंटेश्वर मंदिर में भोले बाबा के जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
रेवाड़ी। जिलेभर में मंगलवार को शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने शिवालयों में देवाधिदेव का जलाभिषेक किया। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों ने बोल बम के जयकारे के साथ गंगा जल, बेलपत्र, दूध चढ़ाया और सुख-समृद्धि की कामना की।
शिवरात्रि पर्व को लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिरों में जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की कतार लगाकर जलाभिषेक कराया गया। वहीं, जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहां कांवड़ियों और आम श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
शहर के प्रमुख शिवालयों में शिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मोती चौक स्थित घंटेश्वर महादेव मंदिर, बारह पत्थर स्थित महादेव मंदिर, नई अनाज मंडी स्थित श्री शिव मंदिर, सेक्टर-1 स्थित सोलाराही भूतेश्वर महादेव मंदिर और लियो चौक स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए विशेष व्यवस्था की गई। बारह पत्थर स्थित महादेव मंदिर में सुबह से ही पुलिस बल व्यवस्था संभालने में जुटा रहा।
विज्ञापन
कांवड़ियों के स्वागत में खड़े रहे परिजन
हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं का देर शाम से ही शहर के विभिन्न शिवालयों में पहुंचना शुरू हो गया था। कांवड़ लेकर पहुंचे भक्तों के स्वागत के लिए उनके परिजन भी मंदिरों के आसपास मौजूद रहे। कांवड़ियों के मंदिर पहुंचने पर परिजनों ने उनका स्वागत किया और भगवान शिव का जलाभिषेक कराया।
भक्ति के साथ दिखा देशप्रेम का जज्बा
इस बार कांवड़ यात्रा में प्रभु भक्ति के साथ देशभक्ति का रंग भी देखने को मिला। डाक कांवड़ लेकर आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं ने अपने वाहनों पर तिरंगा लगाया हुआ था। कांवड़ यात्रा के दौरान देशभक्ति के गीत भी बजाए गए। तिरंगे के साथ कांवड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। शिवभक्ति और देशभक्ति के इस संगम ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।
विज्ञापन
शिवरात्रि पर्व को लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिरों में जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की कतार लगाकर जलाभिषेक कराया गया। वहीं, जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहां कांवड़ियों और आम श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
शहर के प्रमुख शिवालयों में शिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मोती चौक स्थित घंटेश्वर महादेव मंदिर, बारह पत्थर स्थित महादेव मंदिर, नई अनाज मंडी स्थित श्री शिव मंदिर, सेक्टर-1 स्थित सोलाराही भूतेश्वर महादेव मंदिर और लियो चौक स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए विशेष व्यवस्था की गई। बारह पत्थर स्थित महादेव मंदिर में सुबह से ही पुलिस बल व्यवस्था संभालने में जुटा रहा।
विज्ञापन
कांवड़ियों के स्वागत में खड़े रहे परिजन
हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं का देर शाम से ही शहर के विभिन्न शिवालयों में पहुंचना शुरू हो गया था। कांवड़ लेकर पहुंचे भक्तों के स्वागत के लिए उनके परिजन भी मंदिरों के आसपास मौजूद रहे। कांवड़ियों के मंदिर पहुंचने पर परिजनों ने उनका स्वागत किया और भगवान शिव का जलाभिषेक कराया।
भक्ति के साथ दिखा देशप्रेम का जज्बा
इस बार कांवड़ यात्रा में प्रभु भक्ति के साथ देशभक्ति का रंग भी देखने को मिला। डाक कांवड़ लेकर आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं ने अपने वाहनों पर तिरंगा लगाया हुआ था। कांवड़ यात्रा के दौरान देशभक्ति के गीत भी बजाए गए। तिरंगे के साथ कांवड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। शिवभक्ति और देशभक्ति के इस संगम ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।

शहर के घंटेश्वर मंदिर में भोले बाबा के जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद

शहर के घंटेश्वर मंदिर में भोले बाबा के जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद