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Rewari News: बिना सीटीओ के चल रहे एसटीपी प्लांट बैराज में छोड़ा जा रहा प्रदूषित पानी

Tue, 22 Oct 2024 01:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 22 Oct 2024 01:58 AM IST
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Polluted water is being released into STP plant barrage running without CTO.
रेवाड़ी। जिले के 6 एसटीपी प्लांट निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसे लेकर एनजीटी कोर्ट में सोमवार को सुनाई हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से एनजीटी में पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया कि जिले के कई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बिना संचालन की अनुमति के काम कर रहे हैं। धारूहेड़ा और बावल सहित कई एसटीपी का सीटीओ (कनसेंट टू ऑपरेट) समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद वे अभी भी प्रदूषित पानी सीधे साहबी बैराज में छोड़ रहे हैं।
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सीपीसीबी की जांच में सामने आया है धारूहेड़ा एसटीपी का सीटीओ 30 सितंबर 2023 और बावल का सीटीओ 30 सितंबर 2022 को खत्म हो हो चुका है। लेकिन, इनसे साहबी बैराज में प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है। एनजीटी ने मामले में कहा है यह काफी गंभीर विषय है। यह स्थिति तब है जब 2 साल से कोर्ट में सुनवाई हो रही है। एनजीटी ने सभी एसटीपी प्लांट के अधिकारियों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई नवंबर को होगी।
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प्रदूषण का स्तर चिंताजनक


जांच में सामने आया है कि इन एसटीपी से छोड़ा जा रहा पानी गंभीर रूप से प्रदूषित है। पानी में फीकल कोलीफॉर्म, जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग और रासायनिक ऑक्सीजन मांग के स्तर निर्धारित मानकों से काफी अधिक थे। यह स्थिति क्षेत्र के पर्यावरण और जल स्रोतों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
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सीटीओ समाप्त होने पर हो सकती हैं ये कार्रवाई
अवैध रूप से चल रहे एसटीपी का संचालन बंद किया जा सकता है। सीटीओ समाप्त होने के बाद प्लांट के संचालन पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। नियमों के मुताबिक, अपराध के लिए कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है। यही नहीं अगर कार्रवाई के बाद नई सीटीओ प्राप्त करने के लिए आवेदन किया जाता है तो नियम व शर्तें कड़ी हो जाती हैं। साथ में नियमों के तहत पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की मांग की जा सकती है।

प्रकाश यादव के आरोपों की हुई पुष्टि

याचिकाकर्ता प्रकाश यादव लंबे समय से इन एसटीपी का प्रदूषित पानी सीधे साहबी बैराज में छोड़े जाने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इन एसटीपी की जांच की मांग की थी। अब सीपीसीबी की रिपोर्ट ने उनके आरोपों की पुष्टि कर दी है। प्रकाश यादव ने आरोप लगाया था ये एसटीपी पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं और क्षेत्र के जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहे हैं।
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