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Rewari News: उपप्रधान की कुर्सी के लिए सियासी घमासान तेज, आज होगी अहम बैठक
Thu, 08 Oct 2026 01:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:50 AM IST
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रेवाड़ी। नगर परिषद रेवाड़ी में उपप्रधान पद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कुर्सी के लिए तीन से चार धड़े सक्रिय हैं और पार्षदों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई है। उपप्रधान पद को लेकर वीरवार को होने वाली बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
उपप्रधान पद की दौड़ में निखिल मांडिया, पूनम यादव, चेतराम सैनी और सुमन सैनी के नाम चर्चा में हैं। राव इंद्रजीत सिंह समर्थित खेमे की ओर से निखिल मांडिया का नाम सामने आ रहा है। वहीं, अन्य दावेदार भी अपने-अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट करने में जुटे हैं।
बैठक में उपप्रधान पद को लेकर पार्षदों के बीच सहमति बनाने और समर्थन जुटाने पर मंथन होने की संभावना है। यदि किसी एक खेमे के पक्ष में 18 पार्षदों का समर्थन बनता है तो चुनाव की तस्वीर साफ हो सकती है। वहीं, बहुमत नहीं बनने की स्थिति में खींचतान आगे भी जारी रह सकती है।
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नगर परिषद चुनाव में 12 पार्षद भाजपा की टिकट पर चुनाव जीते थे, जबकि 16 पार्षद बाद में भाजपा में शामिल हुए। ऐसे में कुल 28 पार्षदों के बीच उपप्रधान पद को लेकर बनने वाले समीकरण पर सभी की नजर है। फिलहाल अलग-अलग धड़ों की सक्रियता से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
राजनीतिक चर्चाओं में राव समर्थित खेमे के पास 13 से 14 और दूसरे खेमे के पास 12 से 13 पार्षदों के समर्थन की बात कही जा रही है, लेकिन इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन-सा खेमा 18 पार्षदों के जरूरी आंकड़े तक पहुंचता है।
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उपप्रधान पद की दौड़ में निखिल मांडिया, पूनम यादव, चेतराम सैनी और सुमन सैनी के नाम चर्चा में हैं। राव इंद्रजीत सिंह समर्थित खेमे की ओर से निखिल मांडिया का नाम सामने आ रहा है। वहीं, अन्य दावेदार भी अपने-अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट करने में जुटे हैं।
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बैठक में उपप्रधान पद को लेकर पार्षदों के बीच सहमति बनाने और समर्थन जुटाने पर मंथन होने की संभावना है। यदि किसी एक खेमे के पक्ष में 18 पार्षदों का समर्थन बनता है तो चुनाव की तस्वीर साफ हो सकती है। वहीं, बहुमत नहीं बनने की स्थिति में खींचतान आगे भी जारी रह सकती है।
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नगर परिषद चुनाव में 12 पार्षद भाजपा की टिकट पर चुनाव जीते थे, जबकि 16 पार्षद बाद में भाजपा में शामिल हुए। ऐसे में कुल 28 पार्षदों के बीच उपप्रधान पद को लेकर बनने वाले समीकरण पर सभी की नजर है। फिलहाल अलग-अलग धड़ों की सक्रियता से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
राजनीतिक चर्चाओं में राव समर्थित खेमे के पास 13 से 14 और दूसरे खेमे के पास 12 से 13 पार्षदों के समर्थन की बात कही जा रही है, लेकिन इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन-सा खेमा 18 पार्षदों के जरूरी आंकड़े तक पहुंचता है।