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Rewari News: खिलाड़ियों को मेडिकल प्रमाणपत्र के लिए ट्रॉमा सेंटर में भटकना पड़ा
Sat, 08 Aug 2026 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 08 Aug 2026 12:11 AM IST
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ट्रामा सेंटर में प्रमाण पत्र के इंतजार में बैठे बच्चे एवं अभिभावक। संवाद
रेवाड़ी। प्रदेश स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों को मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाने के लिए शुक्रवार को सुबह 9 बजे ट्रॉमा सेंटर खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों को परेशान होना पड़ा। बारिश और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकांश खिलाड़ियों और अभिभावकों को बिना मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाए ही लौटना पड़ा।
शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए जिले से खिलाड़ियों का चयन किया गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले खिलाड़ियों के लिए मेडिकल प्रमाणपत्र जरूरी है। इसी के चलते बड़ी संख्या में खिलाड़ी अपने अभिभावकों के साथ सुबह ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए।
बारिश के बीच खिलाड़ी और अभिभावक घंटों मेडिकल प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करते रहे। बताया गया कि ट्रॉमा सेंटर में पूरा स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी खिलाड़ियों की जांच समय पर नहीं हो सकी। काफी देर इंतजार करने के बाद कई खिलाड़ी और उनके अभिभावक निराश होकर वापस लौट गए।
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अभिभावक योगराज, प्रमोद, सुरेंद्र, अमित व राजीव का आरोप है कि वे बच्चों को लेकर सुबह ही ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि मेडिकल प्रमाणपत्र कब बनेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्हें इधर-उधर भेजा जाता रहा।
इससे बारिश के मौसम में बच्चों और अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। उनका कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट उन्हें साथ ही मिल जाए। वहीं, इस मामले को लेकर सिविल सर्जन एवं पीएमओ का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उनकी तरफ से किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं मिला।
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शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए जिले से खिलाड़ियों का चयन किया गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले खिलाड़ियों के लिए मेडिकल प्रमाणपत्र जरूरी है। इसी के चलते बड़ी संख्या में खिलाड़ी अपने अभिभावकों के साथ सुबह ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए।
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बारिश के बीच खिलाड़ी और अभिभावक घंटों मेडिकल प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करते रहे। बताया गया कि ट्रॉमा सेंटर में पूरा स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी खिलाड़ियों की जांच समय पर नहीं हो सकी। काफी देर इंतजार करने के बाद कई खिलाड़ी और उनके अभिभावक निराश होकर वापस लौट गए।
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अभिभावक योगराज, प्रमोद, सुरेंद्र, अमित व राजीव का आरोप है कि वे बच्चों को लेकर सुबह ही ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि मेडिकल प्रमाणपत्र कब बनेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्हें इधर-उधर भेजा जाता रहा।
इससे बारिश के मौसम में बच्चों और अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। उनका कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट उन्हें साथ ही मिल जाए। वहीं, इस मामले को लेकर सिविल सर्जन एवं पीएमओ का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उनकी तरफ से किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं मिला।