{"_id":"6a7cbf04a1770daab80a5644","slug":"panch-sammelan-in-the-district-emphasis-on-rural-development-rewari-news-c-198-1-rew1001-243531-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: जिले में पंच सम्मेलन, ग्रामीण विकास पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: जिले में पंच सम्मेलन, ग्रामीण विकास पर जोर
Thu, 13 Aug 2026 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
वीबी जी-राम-जी अधिनियम के बारे में जानकारी लेते पंच-सरपंच। स्रोत : प्रशासन
रेवाड़ी। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी की जानकारी देने के लिए बुधवार को बाल भवन में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन हुआ। इसमें जिला परिषद, पंचायत समिति, सरपंच और पंचों को अधिनियम के उद्देश्य, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और पंजीकरण की जानकारी दी गई। जिला परिषद अध्यक्ष मनोज यादव मौजूद रहे।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल मोदी ने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम-2025 का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का अकुशल रोजगार देना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका सुरक्षा बढ़ाना और स्थायी संपदाएं बनाना है। समृद्ध पंचायतों के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना लागू की गई है। इसके तहत उत्पादक कृषि, जल सुरक्षा, कौशल और स्थानीय आय के अवसर मिलेंगे। सड़क, पेयजल, शौचालय, आवास, बिजली और डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। अधिनियम प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देता है। यह रोजगार की मांग के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराने की गारंटी देता है। कार्य पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान भी सुनिश्चित करता है।
इंसेट
योजना क्रियान्वयन और पारदर्शिता
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के प्रशिक्षक अंकित और संदीप कुमार ने विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) तैयार करने को कहा। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता और ग्राम सभा की सिफारिशों पर विचार करना जरूरी है। अनुमोदित वीजीपीपी को समय पर प्रखंड स्तर पर भेजना होगा। पारदर्शिता के लिए प्रत्येक कार्यस्थल पर एक जनता बोर्ड प्रदर्शित किया जाएगा। इस पर कार्य का विवरण, अनुमानित श्रम दिवस और लागतें दर्शाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल मोदी ने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम-2025 का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का अकुशल रोजगार देना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका सुरक्षा बढ़ाना और स्थायी संपदाएं बनाना है। समृद्ध पंचायतों के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना लागू की गई है। इसके तहत उत्पादक कृषि, जल सुरक्षा, कौशल और स्थानीय आय के अवसर मिलेंगे। सड़क, पेयजल, शौचालय, आवास, बिजली और डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। अधिनियम प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देता है। यह रोजगार की मांग के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराने की गारंटी देता है। कार्य पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान भी सुनिश्चित करता है।
विज्ञापन
इंसेट
योजना क्रियान्वयन और पारदर्शिता
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के प्रशिक्षक अंकित और संदीप कुमार ने विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) तैयार करने को कहा। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता और ग्राम सभा की सिफारिशों पर विचार करना जरूरी है। अनुमोदित वीजीपीपी को समय पर प्रखंड स्तर पर भेजना होगा। पारदर्शिता के लिए प्रत्येक कार्यस्थल पर एक जनता बोर्ड प्रदर्शित किया जाएगा। इस पर कार्य का विवरण, अनुमानित श्रम दिवस और लागतें दर्शाई जाएंगी।
विज्ञापन