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Rewari News: जिले के 11 राजकीय कालेजों में से महज दो में ही स्नातकोत्तर की शिक्षा
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रेवाड़ी। जिले में 11 राजकीय कॉलेज संचालित हो रहे हैं, लेकिन विडंबना है कि सिर्फ रेवाड़ी शहर के सेक्टर-18 गर्ल्स कॉलेज व बावल के राजकीय कालेजों में ही स्नातकोत्तर की पढ़ाई कराई जाती है। अन्य कालेजों में स्नातकोत्तर की शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। पोस्ट ग्रेजुएट पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को या ताे जिले में चल रहे एडिड कॉलेज अथवा फिर दूसरे जिलों का रुख करना पड़ रहा है, लेकिन लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना बड़ा मुश्किल कार्य है। लड़कियों को दूसरे जिलों में पढ़ाई के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। जिला मुख्यालय पर गर्ल्स कॉलेज होने से कोसली क्षेत्र में रहने वाली लड़कियों के लिए रेवाड़ी आकर पढ़ाई करना भी मुश्किल है। हालांकि इस बार कोसली राजकीय कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट के लिए प्रस्ताव तैयार कर उच्चतर शिक्षा निदेशालय को भेजा गया है। जनप्रतिनिधियों की तरफ से भी कॉलेज में पीजी की पढ़ाई के लिए पैरवी की गई है। ऐसे में इस बार उम्मीद है कि कोसली कॉलेज में पीजी की पढ़ाई शुरू हो सकती है।
कोसली से जिला मुख्यालय की दूरी 30 किमी से भी ज्यादा
जिला मुख्यालय से कोसली की दूरी 30 किलोमीटर से भी ज्यादा है। ऐसे में केवल दो ही कॉलेज में पीजी की पढ़ाई होना बड़ी विडंबना है। कोसली में राजकीय कॉलेज भी है और बिल्डिंग भी नई है। साथ ही स्टाफ की संख्या भी पर्याप्त है। ऐसे में अगर वहां पर पीजी शुरू होती है, क्षेत्र के गांवों की लड़कियों को पढ़ाई के लिए इधर-उधर नहीं भागना पड़ेगा।
अब लड़कियों को पढ़ाई के लिए झज्जर या रोहतक अथवा अन्य कॉलेजों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है। इसी तरह बावल के राजकीय कॉलेज में एमए संस्कृत की पढ़ाई है। वहां पर 50 सीटें हैं, जिनमें लगभग 30 ही सीट भर पाती है। सेक्टर-18 गर्ल्स कॉलेज रेवाड़ी में एमएससी ज्योग्राफी में 40 व एमकॉम में 60 सीटें हैं।
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जिले में संचालित कॉलेज
सेक्टर-18 गर्ल्स कॉलेज, बावल पीजी कॉलेज, बावल गर्ल्स कॉलेज, जाटूसाना कॉलेज, खरखड़ा कॉलेज, गुरावड़ा वूमेन कॉलेज, कंवाली कॉलेज, पाली कॉलेज, नाहड़ कॉलेज और रेवाड़ी राजकीय कॉलेज शामिल हैं।
एमएससी केमिस्ट्री और बीए ऑनर्स मैथमेटिक्स के लिए भेजी डिमांड
कोसली राजकीय कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर यादव ने बताया कि अभी पीजी की पढ़ाई न होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूर-दराज पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। इस बार एमएससी केमिस्ट्री और बीए ऑनर्स मैथमेटिक्स के लिए डिमांड बनाकर उच्चतर शिक्षा निदेशालय को भेजी गई है। कॉलेज में इसके लिए ढांचागत सुविधाएं और स्टाफ भी है। कुछ अन्य जरूरी चीजें हैं, उनको भी पूरा कर दिया जाएगा।
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कोसली से जिला मुख्यालय की दूरी 30 किमी से भी ज्यादा
जिला मुख्यालय से कोसली की दूरी 30 किलोमीटर से भी ज्यादा है। ऐसे में केवल दो ही कॉलेज में पीजी की पढ़ाई होना बड़ी विडंबना है। कोसली में राजकीय कॉलेज भी है और बिल्डिंग भी नई है। साथ ही स्टाफ की संख्या भी पर्याप्त है। ऐसे में अगर वहां पर पीजी शुरू होती है, क्षेत्र के गांवों की लड़कियों को पढ़ाई के लिए इधर-उधर नहीं भागना पड़ेगा।
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अब लड़कियों को पढ़ाई के लिए झज्जर या रोहतक अथवा अन्य कॉलेजों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है। इसी तरह बावल के राजकीय कॉलेज में एमए संस्कृत की पढ़ाई है। वहां पर 50 सीटें हैं, जिनमें लगभग 30 ही सीट भर पाती है। सेक्टर-18 गर्ल्स कॉलेज रेवाड़ी में एमएससी ज्योग्राफी में 40 व एमकॉम में 60 सीटें हैं।
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जिले में संचालित कॉलेज
सेक्टर-18 गर्ल्स कॉलेज, बावल पीजी कॉलेज, बावल गर्ल्स कॉलेज, जाटूसाना कॉलेज, खरखड़ा कॉलेज, गुरावड़ा वूमेन कॉलेज, कंवाली कॉलेज, पाली कॉलेज, नाहड़ कॉलेज और रेवाड़ी राजकीय कॉलेज शामिल हैं।
एमएससी केमिस्ट्री और बीए ऑनर्स मैथमेटिक्स के लिए भेजी डिमांड
कोसली राजकीय कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर यादव ने बताया कि अभी पीजी की पढ़ाई न होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूर-दराज पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। इस बार एमएससी केमिस्ट्री और बीए ऑनर्स मैथमेटिक्स के लिए डिमांड बनाकर उच्चतर शिक्षा निदेशालय को भेजी गई है। कॉलेज में इसके लिए ढांचागत सुविधाएं और स्टाफ भी है। कुछ अन्य जरूरी चीजें हैं, उनको भी पूरा कर दिया जाएगा।