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Rewari News: हरियाली तीज पर एकता पार्क में झूलों, गीतों और पतंगबाजी संग छाया उत्सव का रंग
Mon, 28 Jul 2025 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 28 Jul 2025 11:49 PM IST
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फोटो: 06रेवाड़ी। सेक्टर-4 स्थित एकता पार्क में झूलों का आनंद लेती महिला। संवाद
रेवाड़ी। हरियाली तीज पर सेक्टर-4 स्थित एकता पार्क में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन की जानकारी देते हुए मीना कुमारी ने बताया कि हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक पर्व है, जिसे विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए मनाती हैं।
मीना ने कहा कि तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति है। महिलाएं रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर झूलों का आनंद लेती दिखाई दीं। लोकगीतों की मधुर स्वर लहरियों के बीच महिलाओं ने सावन की फुहारों जैसी उमंग भरी नृत्य-प्रस्तुतियां भी दीं। इस उत्सव की खास बात रही पतंगबाज़ी, जिसे तीज का अभिन्न हिस्सा माना जाता है।
सूर्यकांत तरुण, कृष्णा, अंशु, हर्ष और सारांश ने पतंगबाजी की शुरुआत की और आसमान में जमकर पेच लड़ाए। बच्चों और युवाओं ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे माहौल और भी रोमांचक हो गया। महोत्सव में सोनम, निशा, पूजा, स्नेहा सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं और सावन के इस उल्लास को सामूहिक रूप से जीया। सभी ने मिलकर पर्यावरण की हरियाली के बीच सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को संजोने का संकल्प भी लिया।
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मीना ने कहा कि तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति है। महिलाएं रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर झूलों का आनंद लेती दिखाई दीं। लोकगीतों की मधुर स्वर लहरियों के बीच महिलाओं ने सावन की फुहारों जैसी उमंग भरी नृत्य-प्रस्तुतियां भी दीं। इस उत्सव की खास बात रही पतंगबाज़ी, जिसे तीज का अभिन्न हिस्सा माना जाता है।
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सूर्यकांत तरुण, कृष्णा, अंशु, हर्ष और सारांश ने पतंगबाजी की शुरुआत की और आसमान में जमकर पेच लड़ाए। बच्चों और युवाओं ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे माहौल और भी रोमांचक हो गया। महोत्सव में सोनम, निशा, पूजा, स्नेहा सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं और सावन के इस उल्लास को सामूहिक रूप से जीया। सभी ने मिलकर पर्यावरण की हरियाली के बीच सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को संजोने का संकल्प भी लिया।
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