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Rewari News: पुराने शहर को 'अमृत' की दरकार, इधर ध्यान दो सरकार
Sat, 16 Sep 2023 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 16 Sep 2023 12:06 AM IST
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शहर में बड़ा तालाब के पास सीवर से निकलता पानी। संवाद
रेवाड़ी। नगर परिषद ने अमृत-1 योजना के तहत शहर की सीवर समस्या का समाधान करने की बजाय उसे छोड़ दिया। योजना में प्रावधान होते हुए भी नप ने सर्कुलर रोड के अंदर और साथ लगती कॉलोनियों की करीब 12 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन नहीं बदली, जबकि पहली योजना का लगभग पूरा पैसा खर्च चुका है। निर्धारित प्रावधानों को बदलकर पुराने शहर की बजाय दूसरी जगह पैसा लगा दिया गया। अब अमृत योजना-2 की तैयारी है, लेकिन इसमें भी पुराने शहर को झटका लग सकता है। इससे शहर में कई स्थानों पर सीवर का पानी सड़क पर बह रहा है। यह लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
अमृत योजना-1 में प्रावधान के बावजूद छोड़ दिए गए काम को अमृत योजना-2 शामिल नहीं किया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने पिछले दिनों चंडीगढ़ में हुई बैठक में ये स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। हालांकि अभी इस विषय में लिखित आदेश नहीं आए हैं, मगर उच्च अधिकारी इस निर्देश पर कायम रहते हुए मृत योजना-2 में मृत योजना-1 को लंबित कामों को पूरा नहीं कराते हैं तो शहर के लिए यह बड़ी मुसीबत होगी। नगर परिषद द्वारा की गई चूक के चलते फिलहाल भी 50 हजार से अधिक आबादी सीवर ओवरफ्लो व गलियों में जलभराव की समस्या झेल रही है।
पुरानी 4 इंची लाइन कामयाब नहीं, रोज 15-20 आ रहीं शिकायतें
सर्कुलर रोड के अंदर वर्षों से बसे मोहल्लों में सीवर की 4 इंची लाइनें भी डली हुई हैं। आबादी बढ़ने से ये लाइनें दबाव नहीं झेल पा रही, जिससे इनकी क्षमता कम पड़ रही है। यहां 8-10 इंची लाइन की जरूरत है, ताकि पानी निकासी हो सके। अब ये लाइनें संकरी होने से आए दिन जाम रहती हैं। नई आबादी, खड्डा बस्ती, गोकलगेट, ठठेरा चौक, वार्ड-24 का एरिया, सराफा बाजार सहित अन्य बाजारों व मोहल्लों में सीवर जाम होने से ओवरफ्लो होती रहती है। इससे स्थानीय निवासी, व्यापारी सभी परेशान हैं। सीधे तौर पर 50 हजार की आबादी तो इसे सीधे तौर पर झेल रही है। जनस्वास्थ्य विभाग (पीएचईडी) भी मशक्कत कर रहा है, क्योंकि रोज 15-20 शिकायतें सीवर संबंधी आती हैं।
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सरकुलर रोड के अंदर 3.15 और बाहर 9.20 किमी. लाइन बदलनी थी
शहर के सर्कुलर रोड के अंदर व साथ लगते बसी पुरानी कॉलोनियों में सीवर लाइन की समस्या वर्षों से चली आ रही है। केंद्र सरकार की और से अमृत योजना शुरू की गई तो शहर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। विशेषकर सबसे अधिक परेशानी झेल रही पुराने मोहल्ले व कॉलोनियों की समस्या को इस योजना का इंतजार था। 2017-18 में योजना को धरातल पर उतारने का समय आया तो उस समय किन लाइनों को बदला जाना है, कितना शहर कवर होगा और कौन से काम होंगे, वो सब शामिल था। इनमें पेयजल लाइन के साथ ही सीवर लाइन का काम होना था। बाकी शहर के साथ ही सरकुलर रोड के अंदर की करीब 3.15 किलोमीटर तथा बाहर के एरिया की 9.20 किलोमीटर सीवर लाइन बदली जानी थी। यह हिस्सा 7 से अधिक वार्डों काे प्रभावित करता है। लेकिन ये लाइन नहीं बदली गई। इससे पार्षदों में भी रोष है।
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अब पीएचईडी को हैंडओवर भी नहीं कर रहे
अमरूत-1 में सीवर व पेयजल लाइन डालने का काम नगर परिषद की ओर से किया गया था। पेयजल लाइन का काम 20 फरवरी 2019 को शुरू हुआ, जो कि 31 जुलाई 2022 में पूरा हो चुका है। सीवर का काम 2018 में शुरू हुआ, जो 31 मार्च 2022 तक पूरा होना था। अब एक साल से अधिक देरी से काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं मिला है। अब अमृत-2 का काम जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है। इसके लिए अमृत-1 में किए गए काम के पूरे विवरण सहित लाइनें जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपी जानी है। लेकिन अभी यह काम भी लंबित है।
कोट
डेडलाइन के अनुसार मार्च 2022 में काम पूरा कर हैंडओवर किया जाना था। कई पत्र नगर परिषद को भेज चुके हैं, लेकिन पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ सीवर व पेयजल लाइन हैंडओवर नहीं की जा रही है। नगर परिषद को सर्कुलर रोड के अंदर व बाहर करीब 12 किलोमीटर की सीवर लाइन बदलनी थी। वहां मुश्किल से 500 फीट लाइन बदली गई, बाकी पर काम ही नहीं किया। अब चंडीगढ़ बैठक में ये स्पष्ट कहा गया है कि अमृत योजना-1 में जिन लाइनों का प्रोविजन था, वो अमृत योजना-2 में कवर नहीं होंगे।
- विनय चौहान, एक्सईएन, पीएचईडी, रेवाड़ी
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अमृत योजना-1 में प्रावधान के बावजूद छोड़ दिए गए काम को अमृत योजना-2 शामिल नहीं किया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने पिछले दिनों चंडीगढ़ में हुई बैठक में ये स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। हालांकि अभी इस विषय में लिखित आदेश नहीं आए हैं, मगर उच्च अधिकारी इस निर्देश पर कायम रहते हुए मृत योजना-2 में मृत योजना-1 को लंबित कामों को पूरा नहीं कराते हैं तो शहर के लिए यह बड़ी मुसीबत होगी। नगर परिषद द्वारा की गई चूक के चलते फिलहाल भी 50 हजार से अधिक आबादी सीवर ओवरफ्लो व गलियों में जलभराव की समस्या झेल रही है।
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पुरानी 4 इंची लाइन कामयाब नहीं, रोज 15-20 आ रहीं शिकायतें
सर्कुलर रोड के अंदर वर्षों से बसे मोहल्लों में सीवर की 4 इंची लाइनें भी डली हुई हैं। आबादी बढ़ने से ये लाइनें दबाव नहीं झेल पा रही, जिससे इनकी क्षमता कम पड़ रही है। यहां 8-10 इंची लाइन की जरूरत है, ताकि पानी निकासी हो सके। अब ये लाइनें संकरी होने से आए दिन जाम रहती हैं। नई आबादी, खड्डा बस्ती, गोकलगेट, ठठेरा चौक, वार्ड-24 का एरिया, सराफा बाजार सहित अन्य बाजारों व मोहल्लों में सीवर जाम होने से ओवरफ्लो होती रहती है। इससे स्थानीय निवासी, व्यापारी सभी परेशान हैं। सीधे तौर पर 50 हजार की आबादी तो इसे सीधे तौर पर झेल रही है। जनस्वास्थ्य विभाग (पीएचईडी) भी मशक्कत कर रहा है, क्योंकि रोज 15-20 शिकायतें सीवर संबंधी आती हैं।
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सरकुलर रोड के अंदर 3.15 और बाहर 9.20 किमी. लाइन बदलनी थी
शहर के सर्कुलर रोड के अंदर व साथ लगते बसी पुरानी कॉलोनियों में सीवर लाइन की समस्या वर्षों से चली आ रही है। केंद्र सरकार की और से अमृत योजना शुरू की गई तो शहर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। विशेषकर सबसे अधिक परेशानी झेल रही पुराने मोहल्ले व कॉलोनियों की समस्या को इस योजना का इंतजार था। 2017-18 में योजना को धरातल पर उतारने का समय आया तो उस समय किन लाइनों को बदला जाना है, कितना शहर कवर होगा और कौन से काम होंगे, वो सब शामिल था। इनमें पेयजल लाइन के साथ ही सीवर लाइन का काम होना था। बाकी शहर के साथ ही सरकुलर रोड के अंदर की करीब 3.15 किलोमीटर तथा बाहर के एरिया की 9.20 किलोमीटर सीवर लाइन बदली जानी थी। यह हिस्सा 7 से अधिक वार्डों काे प्रभावित करता है। लेकिन ये लाइन नहीं बदली गई। इससे पार्षदों में भी रोष है।
अब पीएचईडी को हैंडओवर भी नहीं कर रहे
अमरूत-1 में सीवर व पेयजल लाइन डालने का काम नगर परिषद की ओर से किया गया था। पेयजल लाइन का काम 20 फरवरी 2019 को शुरू हुआ, जो कि 31 जुलाई 2022 में पूरा हो चुका है। सीवर का काम 2018 में शुरू हुआ, जो 31 मार्च 2022 तक पूरा होना था। अब एक साल से अधिक देरी से काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं मिला है। अब अमृत-2 का काम जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है। इसके लिए अमृत-1 में किए गए काम के पूरे विवरण सहित लाइनें जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपी जानी है। लेकिन अभी यह काम भी लंबित है।
कोट
डेडलाइन के अनुसार मार्च 2022 में काम पूरा कर हैंडओवर किया जाना था। कई पत्र नगर परिषद को भेज चुके हैं, लेकिन पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ सीवर व पेयजल लाइन हैंडओवर नहीं की जा रही है। नगर परिषद को सर्कुलर रोड के अंदर व बाहर करीब 12 किलोमीटर की सीवर लाइन बदलनी थी। वहां मुश्किल से 500 फीट लाइन बदली गई, बाकी पर काम ही नहीं किया। अब चंडीगढ़ बैठक में ये स्पष्ट कहा गया है कि अमृत योजना-1 में जिन लाइनों का प्रोविजन था, वो अमृत योजना-2 में कवर नहीं होंगे।
- विनय चौहान, एक्सईएन, पीएचईडी, रेवाड़ी