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Rewari News: गर्मी में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी
Sat, 18 May 2024 09:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 18 May 2024 09:56 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गर्मी में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। पहले नागरिक अस्पताल में दाद, खाज, खुजली और एलर्जी से पीड़ित 100 से 120 मरीज पहुंचते थे लेकिन अब इनकी संख्या 200 या इससे अधिक हो गई है। वहीं फूड प्वाइजनिंग का भी खतरा बढ़ गया है।
तल्ख धूप और गर्म हवा चलने से लू (हीट स्ट्रोक ) लगने का डर बना रहता है। शरीर में पानी की कमी और पसीना अधिक आने से त्वचा रोग भी अधिक होता है। नागरिक अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन एलर्जी, पींपल, दाद व खुजली से पीड़ित 200-210 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं टाइफाइड, फंगल इंफेक्शन, फूड पाइजनिंग, हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ रहा है। चिकित्सकों का मानना है कि तेज धूप से बचाव कर ही हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है। गर्मी में खूब पानी पीना चाहिए।
चिकित्सकों का कहना है कि त्वचा रोग शरीर में पानी की कमी से होता है। पसीना आने पर त्वचा आयली हो जाता है और धूल व अन्य चीजें शरीर पर चिपक जाती हैं। इससे खुजली होने लगती है जिससे खाज-खुजली, दाद की समस्या पैदा हो जाती है। फंगल इंफेक्शन से त्वचा रोग होने का खतरा रहता है। अच्छे एंटीबायोटिक साबुन लगाकर सुबह-शाम स्नान करना चाहिए। शरीर पर स्कैबीज के दाने और लाल धब्बे नजर आए तो ऐसे मरीज को सावधानी बरतनी चाहिए।
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इन बातों का रखें खास खयाल
घर से बाहर निकलने के पहले खूब पानी पीएं, टोपी पहन कर या छाता लेकर निकलें, छाछ, ओआरएस घोल, लस्सी, नीबू पानी पीएं, ढीले एवं आरामदायक सूती कपड़े पहनें। बुखार आने पर माथे पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें। घर में बना ताजा भोजन खाएं। खाली पेट न रहें। तेज मिर्च मसाले युक्त एवं बासी भोजन न खाएं। कटे फल बिल्कुल न खाएं।
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वर्जन :
गर्मी में सबसे ज्यादा त्वचा रोग के मामले आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि शरीर में पानी की कमी होना है। जितना हो सके, तरल पदार्थों का सेवन करें। गर्मी में ज्यादा पसीना आता है और इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। अगर शरीर पर कहीं भी लाल रंग के चकत्ते नजर आए तो नजदीकी डॉक्टर्स को जरूर दिखाएं।-डॉ. अनु जैन, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। गर्मी में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। पहले नागरिक अस्पताल में दाद, खाज, खुजली और एलर्जी से पीड़ित 100 से 120 मरीज पहुंचते थे लेकिन अब इनकी संख्या 200 या इससे अधिक हो गई है। वहीं फूड प्वाइजनिंग का भी खतरा बढ़ गया है।
तल्ख धूप और गर्म हवा चलने से लू (हीट स्ट्रोक ) लगने का डर बना रहता है। शरीर में पानी की कमी और पसीना अधिक आने से त्वचा रोग भी अधिक होता है। नागरिक अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन एलर्जी, पींपल, दाद व खुजली से पीड़ित 200-210 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं टाइफाइड, फंगल इंफेक्शन, फूड पाइजनिंग, हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ रहा है। चिकित्सकों का मानना है कि तेज धूप से बचाव कर ही हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है। गर्मी में खूब पानी पीना चाहिए।
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चिकित्सकों का कहना है कि त्वचा रोग शरीर में पानी की कमी से होता है। पसीना आने पर त्वचा आयली हो जाता है और धूल व अन्य चीजें शरीर पर चिपक जाती हैं। इससे खुजली होने लगती है जिससे खाज-खुजली, दाद की समस्या पैदा हो जाती है। फंगल इंफेक्शन से त्वचा रोग होने का खतरा रहता है। अच्छे एंटीबायोटिक साबुन लगाकर सुबह-शाम स्नान करना चाहिए। शरीर पर स्कैबीज के दाने और लाल धब्बे नजर आए तो ऐसे मरीज को सावधानी बरतनी चाहिए।
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इन बातों का रखें खास खयाल
घर से बाहर निकलने के पहले खूब पानी पीएं, टोपी पहन कर या छाता लेकर निकलें, छाछ, ओआरएस घोल, लस्सी, नीबू पानी पीएं, ढीले एवं आरामदायक सूती कपड़े पहनें। बुखार आने पर माथे पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें। घर में बना ताजा भोजन खाएं। खाली पेट न रहें। तेज मिर्च मसाले युक्त एवं बासी भोजन न खाएं। कटे फल बिल्कुल न खाएं।
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वर्जन :
गर्मी में सबसे ज्यादा त्वचा रोग के मामले आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि शरीर में पानी की कमी होना है। जितना हो सके, तरल पदार्थों का सेवन करें। गर्मी में ज्यादा पसीना आता है और इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। अगर शरीर पर कहीं भी लाल रंग के चकत्ते नजर आए तो नजदीकी डॉक्टर्स को जरूर दिखाएं।-डॉ. अनु जैन, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।